पार्टनर ने अचानक बात बंद कर दी! रिश्ते में कब जरूरी है 'स्पेस' और कब ये बन जाता है 'साइलेंट ट्रीटमेंट'?
साइलेंट ट्रीटमेंट रिश्ते को कमजोर करता है, जबकि हेल्दी स्पेस समस्याओं को सुलझाने में मदद करता है। ...और पढ़ें
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रिश्तों के लिए दीमक जैसा है साइलेंट ट्रीटमेंट (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। किसी भी रिश्ते में मतभेद होना बिल्कुल नॉर्मल है। अलग-अलग सोच, परवरिश और स्वाभाव के कारण ऐसा होता रहता है, लेकिन कई लोग जरा सा झगड़ा होते ही बातचीत बंद कर देते हैं। कई लोग इसे स्पेस देना कहते हैं, जबकि असल में वो साइलेंट ट्रीटमेंट भी हो सकता है।
इसलिए आपके रिश्ते में आपका आपको पार्टनर को स्पेस दे रहा है या साइलेंट ट्रीटमेंट, इस बारे में समझना जरूरी है। आइए समझें कि दोनों में अंतर क्या है और इनका आपके रिश्ते पर कैसे असर पड़ सकता है।
दीमक जैसा है साइलेंट ट्रीटमेंट
साइलेंट ट्रीटमेंट में एक पार्टनर अपनी नाराजगी जताने के लिए बातचीत पूरी तरह बंद कर देता है। इसके पीछे का मकसद झगड़ा सुलझाना नहीं, बल्कि सामने वाले को सजा देना होता है। बातचीत बंद करने को हथियार की तरह देखा जाता है, ताकि सामने वाला इमोशनली कमजोर पड़कर माफी मांग ले या उसे आपकी अहमियत का पता चल जाए।
ये अक्सर रिश्तों में असुरक्षा और दूरी की भावना लाता है। इससे जिस बात पर मतभेद है, वो भी नहीं सुलझता और आपका रिश्ता भी कमजोर पड़ने लगता है। इसलिए अगर बार-बार साइलेंट ट्रीटमेंट दी जाए, तो धीरे-धीरे दीमक की तरह ये रिश्ते को अंदर से खोखला कर देता है।
रिश्ते के लिए जरूरी है हेल्दी स्पेस
अपने रिलेशनशिप में एक-दूसरे को स्पेस देना या झगड़े के बीच टाइम आउट लेना एक अच्छी बात हो सकती है। इससे आपका गुस्सा शांत होता है और आप दोनों को शांति से सोचने का मौका मिलता है, ताकि झगड़े को सुलझाने के लिए आप एक-दूसरे से शांति से बात कर सकें।
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ऐसा करने से आप दोनों, एक दूसरे की बात को बेहतर तरीके से समझ पाते हैं और एक-दूसरे का पॉइन्ट ऑफ व्यू भी खुले दिमाग से समझते हैं। इसलिए एक-दूसरे को हेल्दी स्पेस देना काफी जरूरी है।
रिलेशनशिप में हेल्दी स्पेस कैसे लें?
- अपने पार्टनर को बताएं कि आपको समय की जरूरत है और उसके बाद खुलकर बात करें।
- सारा वक्त सिर्फ अपने पार्टनर के साथ बिताने के बजाय अपने दोस्तों और परिवार को भी समय दें।
- अगर आपका पार्टनर स्पेस मांगे, तो उनसे सवाल न करें और न बार-बार बात करने के लिए मजबूर करें। जब वो रेडी होंगे, तब खुद आपसे बात करेंगे।
- रिश्तों में अपनी बाउंड्री सेट करें। आप क्या चाहते हैं और क्या नहीं, इस बारे में खुलकर बात करें।