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    इतिहास का खजाना और बाघों का घर: मध्य प्रदेश की ये खासियतें बनाती हैं इस राज्य को ‘भारत का दिल’

    Updated: Fri, 10 Jul 2026 01:41 PM (IST)

    मध्य प्रदेश को भारत का दिल कहा जाता है। यह राज्य अपनी प्राकृतिक खूबसूरती, वन्यजीवन और ऐतिहासिक इमारतों की वजह से खास है। ...और पढ़ें

    क्यों है मध्य प्रदेश इतना खास? (AI Generated Image)

    क्यों है मध्य प्रदेश इतना खास? (AI Generated Image)

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। भारत के नक्शे को आप से ध्यान से देखेंगे, तो आपको इसके बीचों-बीच मध्य प्रदेश नजर आएगा। अपनी इसी भौगोलिक स्थिति के कारण इस राज्य को भारत का दिल कहा जाता है। हालांकि, इस राज्य की खासियत यहीं खत्म नहीं होती। 

    मध्य प्रदेश एक ऐसा राज्य है, जो ऐतिहासिक रूप से काफी समृद्ध रहा है और अपने वन्यजीवन और प्राकृतिक खूबसूरती के लिए पर्यटन का बड़ा केंद्र बनकर भी उभरा है। एक साथ इतिहास और प्राकृतिक खूबसूरती का ऐसा मेल दूसरे किसी राज्य में ढूंढ़ना मुश्किल है। आइए जानें इस राज्य में ऐसा क्या है, जो इसे इतना खास बनाती है। 

    टाइगर स्टेट ऑफ इंडिया

    भारत में सबसे ज्यादा बाघ मध्य प्रदेश में ही पाए जाते हैं। यही वजह है कि इसे टाइगर स्टेट ऑफ इंडिया कहा जाता है। कान्हा, बांधवगढ़, पेंच और पन्ना जैसे नेशनल पार्क इस राज्य की प्राकृतिक खूबसूरती और वन्य जीवों की विविधतता के लिए जाने जाते हैं। हर साल लाखों वन्यजीव प्रेमी बाघों की एक झलक पाने इन नेशनल पार्क्स में घूमने आते हैं। 

    इतिहास का खजाना

    मध्य प्रदेश का गौरवशाली इतिहास इसकी सदियों पुरानी इमारतों और मंदिरों में साफ झलकता है। यहां हजार साल से भी ज्यादा पुराने मंदिर हैं, जिनकी शिल्पकला देखकर आपकी आंखें खुली की खुली रह जाएंगी। चंदेल राजाओं के बनावाए खजुराहो के मंदिर दुनियाभर में अपनी बारीक नक्काशी के लिए मशहूर हैं। 

    खबरें और भी

    वहीं सम्राट अशोक का बनवाया सांची स्तूप बौद्ध धर्म और शांति का प्रतीक है। दुनियाभर से लोग इस स्थल के दर्शन करने आते हैं। ग्वालियर का किला हिंद के किलों का मोती कहा जाता है, जो अपनी अभेद्य दीवारों और वास्तुकला के लिए जाना जाता है। 

    झीलों की नगरी और सांस्कृतिक विविधता

    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल को झीलों का शहर कहा जाता है। भोजताल और छोटी झीलें इस शहर की खूबसूरती पर चार चांद लगाते हैं। सांस्कृतिक रूप से भी यह राज्य काफी समृद्ध है। इस राज्य में वैसे तो सबसे ज्यादा हिंदी बोली जाती है, लेकिन मालवी, बुंदेली, बघेली और निमाड़ी जैसी क्षेत्रीय बोलियां भी बोली जाची हैं, जिन्होंने इस राज्य के लोकगीतों को आज तक जिंदा रखा है।  

    आध्यात्मिकता और प्राकृतिक सुंदरता का केंद्र

    उज्जैन में स्थित महाकालेश्वल ज्योतिर्लिंग और नमर्दा के तट पर बसा ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग, मध्य प्रदेश को भारत के सबसे बड़े आध्यात्मिक केंद्रों में से एक बनाते हैं। यहां लगने वाला सिंहस्थ कुंभ मेला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। वहीं, पचमढ़ी और अमरकंटक जैसी पहाड़ियां इस राज्य की प्राकृतिक खूबसूरती पर चार चांद लगाती हैं।