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    बांसवाड़ा: 100 द्वीपों वाला राजस्थान का वो अनोखा शहर, जो मॉनसून में बन जाता है स्वर्ग

    Updated: Sun, 21 Jun 2026 07:00 PM (IST)

    क्या आप जानते हैं राजस्थान के ऐसे शहर के बारे में जहां 10-20 नहीं बल्कि 100 द्वीप हैं? चलिए आपको बताते हैं.. ...और पढ़ें

    100 द्वीपों का शहर बांसवाड़ा (Image Source: AI Generated)

    100 द्वीपों का शहर बांसवाड़ा (Image Source: AI Generated)

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। राजस्थान का जब भी नाम आता है तो मन में रेगिस्तान की छवि जरूर बनती है। ऐसे में लोग यह कल्पना भी नहीं कर पाते कि यहां भी हिल स्टेशन या आइलैंड हो सकते हैं। हिल स्टेशन माउंट आबू  के बारे में तो अब लोग जानने लगे हैं लेकिन इस राज्य की एक ऐसी जगह है जिसके बारे में बहुत कम लोगों को पता है और वो है बांसवाड़ा। क्या आप सोच सकते हैं कि बांसवाड़ा नामक शहर में 10-20 नहीं बल्कि 100 द्वीप हैं? आइए आपको बताते हैं 100 द्वीपों वाले इस शहर की कहानी। 

    100 द्वीपों का शहर बांसवाड़ा

    राजस्थान के दक्षिणी छोर पर स्थित बांसवाड़ा अपनी नैचुरल ब्यूटी के लिए जाना जाता है। बता दें कि इस शहर में 100 आइलैंड्स के साथ ही 100 झरने भी हैं। यही वजह है गुजरात और मध्य प्रदेश की सीमाओं से सटे इस शहर को राजस्थान का ‘चेरापूंजी’ भी कहा जाता है। बांसवाड़ा झीलों के शहर उदयपुर से करीब 165 किलोमीटर की दूरी पर माही नदी के पास स्थित है। इसी माही नदी के बैकवाटर में छोटे-बड़े करीब 100 द्वीप हैं। बारिश के मौसम में तो इस शहर की सुंदरता देखने लायक होती है। 

    बांसवाड़ा में घूमने लायक जगहें 

    अगर आप मॉनसून में कहीं घूमने का प्लान कर रहे हैं तो बांसवाड़ा एक परफेक्ट ऑफबीत लोकेशन हो सकती है। आइए जानते हैं बांसवाड़ा में घूमने लायक जगहें कौन सी हैं: 

    चाचा कोटा गांव

    बांसवाड़ा से 34 किलोमीटर की दूरी पर स्थित चाचा कोटा गांव आपको स्कॉटलैंड जैसी वाइब दे सकता है। यह गांव माही बांध के पास है। लोककथाओं में इसके नाम को लेकर एक कहानी फेमस है कि किसी चाचा के नाम पर ही इसे यह नाम दिया गया।  

    लोढ़ी काशी 

    लोढ़ी काशी नामक यह जगह राजस्थान में छोटी काशी के नाम से जानी जाती है। यहां साढ़े बारह शिवलिंग हैं जिनका अपना धार्मिक महत्व है। यह जगह मंदिर की भव्यता के साथ आस्था का केंद्र है। 

    सिंहपुरा वॉटरफॉल

    बांसवाड़ा से करीब 26 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सिंहपुरा वॉटरफॉल इस शहर के सेंटर ऑफ अट्रैक्शन में से एक है। यह झरना करीब 100 मीटर की ऊंचाई से गिरता है। नेचर के बीच समय बिताना हो तो इस जगह का रुख करें। 

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    त्रिपुरा सुंदरी मंदिर 

    यह एक प्राचीन मंदिर है जहां त्रिपुरा सुंदरी माता का शक्तिपीठ स्थापित है। त्रिपुरा सुंदरी को माताबारी के नाम से भी जाना जाता है। बताते चलें कि यह मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है। 

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