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    क्या आप जानते हैं कहां खुला था दुनिया का पहला पब्लिक म्यूजियम? 343 साल पुराना इतिहास कर देगा हैरान

    Updated: Sat, 13 Jun 2026 10:45 AM (IST)

    दुनिया का पहला पब्लिक म्यूजियम इंग्लैंड के ऑक्सफोर्ड में खुला था। यहीं म्यूजियम आगे चलकर मॉर्डन पब्लिक म्यूजियम की नींव बना। ...और पढ़ें

    ऑक्सफोर्ड में बना था दुनिया का पहला पब्लिक म्यूजियम (Picture Courtesy: Instagram)

    ऑक्सफोर्ड में बना था दुनिया का पहला पब्लिक म्यूजियम (Picture Courtesy: Instagram)

    HighLights

    1. दुनिया का पहला पब्लिक म्यूजियम 1683 में खुला

    2. एलियास ऐशमोल ने की थी ऐशमोल म्यूजियम की स्थापना

    3. यह संग्रहालय अनुसंधान और ज्ञान का बड़ा केंद्र था

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आप जानते हैं दुनियाभर में आप जो पब्लिक म्यूजियम्स देखते हैं, उनकी शुरुआत कहां से हुई? इस सवाल का जवाब जानने के लिए आपको 343 साल पीछे जाना पड़ेगा।

    इतिहास के पन्नों को पलटने पर पता चलता है कि 6 जून 1683 में दुनिया पहला पब्लिक म्यूजियम ऐशमोल म्यूजियम इंग्लैंड के ऑक्सफोर्ड में खुला। यह दुनिया का पहला विश्वविद्यालय संग्राहलय और आधुनिक पब्लिक म्यूजियम का शुरुआती मॉडल माना जाता है। आइए जानें इस ऐतिहासिक म्यूजियम के बारे में।

    Ashmolean museum (1)

    (Picture Courtesy: Instagram)

    किसने की थी इसकी स्थापना?

    इस ऐतिहासिक संग्रहालय की स्थापना एलियास ऐशमोल ने की थी, जो एक जाने-माने विद्वान, संग्रहकर्ता और वैज्ञानिक थे। एलियास ऐशमोल 17वीं सदी के एक ऐसे बुद्धिजीवी थे, जिनकी रुचि किसी एक विषय तक सीमित नहीं थी। वे विज्ञान, इतिहास, चिकित्सा, ज्योतिष, रसायन और प्राकृतिक दुनिया जैसी लगभग हर चीज को जानने और समझने में गहरी दिलचस्पी रखते थे।

    सिर्फ पुरानी चीजें दिखाने की जगह नहीं था यह म्यूजियम

    एलियास ऐशमोल की सोच अपने समय से काफी आगे थी। वे नहीं चाहते थे कि यह म्यूजियम सिर्फ पुरानी और ऐतिहासिक वस्तुओं को सजाकर रखने की एक मामूली जगह बनकर रह जाए। उनका मकसद इसे रिसर्च और ज्ञान को बढ़ाने का एक बड़ा केंद्र बनाना था।

    इसी सोच के साथ इस संग्रहालय की इमारत को एक अनोखे और व्यवस्थित ढंग से तैयार किया गया। म्यूजियम की ऊपरी मंजिल के हिस्से में सभी दुर्लभ वस्तुओं को सुरक्षित तरीके से संग्रहित करके रखा गया और नीचे की मंजिल में एक बड़ा लेक्चर हॉल बनाया गया और बेसमेंट में आधुनिक केमिस्ट्री लैब और एक एनाटॉमी रूम तैयार किया गया। 

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    Ashmolean museum (2)

    (Picture Courtesy: Instagram)

    अनोखी और विचित्र चीजों का था संग्रह

    इस म्यूजियम में उस दौर की कई ऐसी चीजें रखी गई थीं, जो बेहद विचित्र और दुर्लभ थीं। यहां आने वाले लोगों के लिए विदेशी जानवरों के नमूने, दवाइयों के जार और किडनी स्टोन जैसी चीजें रखी गई थीं। इतना ही नहीं, इस संग्रह में जादुई भविष्यवाणी के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला क्रिस्टल बॉल और विशालकाय हड्डियां भी शामिल थीं, जो लोगों को हैरान कर देती थीं।

    संचालन के लिए बनाए गए थे 18 खास नियम

    म्यूजियम को व्यवस्थित ढंग से चलाने के लिए एलियास ऐशमोल ने 18 नियम भी तैयार किए थे। इन नियमों में म्यूजियम की हर छोटी-बड़ी बात का ध्यान रखा गया था, जैसे कि दुर्लभ वस्तुओं की इन्वेंट्री बनाना, उनकी सुरक्षा का इंतजाम करना, पैसों की देखरेख और विजिटर्स की एंट्री से जुड़े नियम शामिल थे।