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    भारत के 6 सबसे रहस्यमयी स्थान, साइंस भी आज तक नहीं खोज पाया इनका सच

    Updated: Fri, 12 Jun 2026 06:30 PM (IST)

    भारत जैसे विविधता में एकता वाले देश में अनेकों ऐसी जगहें हैं जिनके रहस्यों से आज तक पर्दा नहीं उठ पाया है। ...और पढ़ें

    भारत की 6 रहस्यमयी जगहें जिनके आगे साइंस भी फेल (Image Source: AI Generated)

    भारत की 6 रहस्यमयी जगहें जिनके आगे साइंस भी फेल (Image Source: AI Generated)

    HighLights

    1. भानगढ़ किला: भारत की सबसे भूतिया जगहों में से एक

    2. जतिंगा गांव: पक्षियों का रहस्यमयी सामूहिक आत्महत्या स्थल

    3. रूपकुंड झील: कंकालों से भरी रहस्यमयी हिमालयी झील

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। भारत जैसे विविधता में एकता वाले देश में अनेकों ऐसी जगहें हैं जिनके रहस्यों से आज तक पर्दा नहीं उठ पाया है। कुछ के तो किस्से इतने डरावने हैं कि सोचने पर मजबूर कर देते हैं कि वाकई में ऐसा है भी या फिर ये मनगढ़ंत कहानियां हैं। फिर भारत में हमेशा से मिथक और साइंस के बीच की जो बहस छिड़ती है, उसमें भी कोइ जीत नहीं पाया है। खासकर इन जगहों के मामले में तो साइंस भी फेल हो चुका है, अब दिलचस्पी और ज्यादा न बढ़ाते हुए चलिए आपको भारत की इन रहस्यमयी जगहों की सैर कराते हैं। 

    राजस्थान का भानगढ़ का किला

    राजस्थान के अलवर जिले में भानगढ़ का किला भारत की सबसे DARAVNIजगहों में से एक है, ये जगह 17 वीं सदी से डरावनी जगहों की लिस्ट में शामिल है। कहा जाता है कि यहां अंधेरा होने के बाद भूत-प्रेत घूमते हैं। कहानी कुछ ऐसी है कि जयपुर के राजा माधो सिंह ने गुरु बालू नाथ की मंजूरी के बाद बनवाया था। राजा को गुरु बालू नाथ ने मंजूरी इस शर्त पर दी थी कि भानगढ़ के इस महल की छाया उनके प्रार्थना स्थल पर नहीं पड़नी चाहिए, वरना महल बर्बाद हो जाएगा।

    ऐसा हो न सका और महल की छाया गुरु के प्रार्थना स्थल पर पड़ गई, तब से ही यह जगह तहस-नहस हो गई। आज भी यह जगह शापित है और स्थानीय लोगों ने इस किले से चीखने-चिल्लाने की आवाजें सुनी हैं। लेकिन वैज्ञानिक के इन सभी दावों को खारिज करने के बावजूद महल के रहस्य का पता नहीं चल पाया है। 

    असम का जतिंगा गांव 

    असम के डिमा हासाओ जिले में स्थित जतिंगा गांव रहस्यमयी पर्यटन स्थल है। इस जगह का रहस्य यह है कि जतिंगा गांव में पक्षी खुद अपनी जान दे देते हैं, यानी यह पक्षियों का सुसाइड प्वाइंट माना जाता है। पक्षियों के मरने का यह सिलसिला हर साल सितंबर महीने से शुरू हो जाता है। आज तक वैज्ञानिक इस रहस्य को नहीं जान पाए कि आखिर क्यों पक्षी यहां आकर खुदकुशी कर लेते हैं। 

    खबरें और भी

    उत्तराखंड की रूपकुंड झील 

    उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित रूपकुंड झील समुद्र तल से करीब 5000 मीटर की ऊंचाई पर है। इस झील को कंकाल झील भी कहा जाता है क्योंकि अक्सर इस झील के आसपास कंकाल पड़े देखे जा सकते हैं। कहा जाता है कि जब भी उत्तराखंड में बर्फ पिघलती है यहां से कई सौ खोपड़ियां मिलती हैं। इस बारे में रिसर्चर का कहना है कि ये कंकाल 10वीं शताब्दी के समय के हैं, जब भारतीय मूल के लोग यहां अलग-अलग घटनाओं में मारे गए। पर यह आज तक नहीं पता चल पाया कि ऐसा क्यों हुआ।  

    महाराष्ट्र की अजंता एलोरा की गुफाएं 

    इतिहासकारों का मानना है कि करीब 4000 हजार साल पुरानी ये गुफाएं एक चट्टान को काटकर बनाई गई थीं और ऐसी यहां कुल 30 गुफाएं हैं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि इन गुफाओं में जैन, बौद्ध और हिन्दू धर्म के प्रार्थना भवन और मठ हैं। अब सवाल यह है कि आखिर कीस चट्टान को काटकर इन गुफाओं को बनाया गया, वो भी ऐसे समय में जब तकनीक का दूर-दूर तक नाता नहीं था। 

    केरल का पद्मनाभस्वामी मंदिर 

    केरल के तिरुवनंतपुरम में स्थित 5000 साल पुराना पद्मनाभस्वामी मंदिर भी रहस्यमयी जगहों में शामिल है। कहा जाता है कि यह दुनिया का सबसे अमीर मंदिर हैं जहां करीब एक लाख करोड़ की संपत्ति है। इस मंदिर में 6 तहखाने हैं जिनमें यह संपत्ति दबी हुई है पर इनमें से कुछ तहखानों को आज तक नहीं खोला गया। 

    आंध्र प्रदेश का लेपाक्षी मंदिर 

    16 वीं शताब्दी में बना 70 खंभों वाला यह लेपाक्षी मंदिर दुनियाभर के लिए एक अद्भुत नमूना है। इस मंदिर में एक ऐसा पिलर है जो सीलिंग के सहारे हवा में लटका रहता है। जानकारी हैरानी होगी कि इस गैप में से कागज और कपड़ा तक निकल जाता है, लेकिन आज तक यह पिलर उतनी ही मजबूती से खड़ा है। 

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