सावन में काशी जाने का है प्लान? दर्शन से लेकर ट्रैफिक तक, सफर को आसान बनाने के लिए जान लें ये जरूरी बातें
सावन में काशी विश्वनाथ दर्शन के लिए भीड़, ट्रैफिक और बारिश से बचने के लिए कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना जरूरी है। ...और पढ़ें

सावन में है काशी जाने का प्लान? (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। सावन का महीना भगवान शंकर की अराधना का होता है। इस महीने चारों ओर हर-हर महादेव के जयकारे सुनाई देते हैं। इस पावन महीने में लाखों श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी भी जाते हैं। हालांकि, इसके कारण वहां काफी भीड़ और ट्रैफिक जाम हो जाता है।
ऊपर से बारिश का मौसम भी ट्रैवल के लिए काफी मुसीबत वाला होता है। ऐसे में अगर आप बनारस जाने का प्लान बना रहे हैं, तो आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। आइए जानें इस बारे में।
मंदिर दर्शन और नियमों की जानकारी
सावन के महीने में काशी विश्वनाथ मंदिर में काफी भीड़ होती है। घंटों लंबी लाइन से बचने के लिए मंदिर प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट से पहले ही सुगम दर्शन या मंगल आरती की ऑनलाइन बुकिंग करवा लें। साथ ही, मंदिर परिसर में बैग, मेटल की चीजें और जूते-चप्पल ले जाना वर्जित है। इसलिए ऐसी चीजें पहले ही होटल में छोड़ दें या मंदिर के बाहर जमा करवाने वाली जगह पर जमा कर दें।
रूट डायवर्जन और ट्रैफिक प्रबंधन
सावन में खासकर सोमवार को काशी विश्वनाथ मंदिर के आस-पास के इलाकों में ट्रैफिक कंट्रोल करने के लिए गाड़ियों की एंट्री या रूट डायवर्जन कर दिया जाता है, ताकि भीड़ कंट्रोल की जा सके। इसलिए शहर के अंदर के हिस्सों में पैदल जाना ही सबसे अच्छा ऑप्शन है। साथ ही, आरामदायक जूते या चप्पल पहनें, ताकि चलने-फिरने में परेशानी न हो।
बारिश के मौसम की तैयारी
सावन के महीने में बनारस का मौसम काफी नमी वाला होता है और रुक-रुककर तेज बारिश भी हो सकती है, जिससे गलियों में पानी जमा हो सकता है। इसलिए अपने पास रेनकोट या छाता रखें और फोन और कैश के लिए वॉटरप्रूफ बैग साथ में रखें, ताकि बारिश के कारण वे खराब न हो।
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गंगा घाट और बोटिंग के नियम
मानसून में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ जाता है और धारा भी तेज हो जाती है। इसलिए स्थानीय प्रशासन के लगाए प्रतिबंधों का पालन करें और बारिश के दौरान नदी में उतरने से बचें। गंगा आरती देखते समय भी घाटों की सीढ़ियों पर सावधानी से बैठें।
रुकने और खाने-पीने की व्यवस्था
सावन में होटल, धर्मशालाएं और गेस्ट हाउस बहुत जल्दी फुल हो जाते हैं। इसलिए लास्ट मिनट में हड़बड़ी से बचने के लिए पहले से ही बुकिंग करवा लें। इसलिए बारिश के मौसम में खाने-पीने और सफाई का खास ध्यान रखें। हमेशा साफ-सुथरी जगह से ही खाएं और आरओ का पानी ही पिएं।