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    गुलाबी छतों वाला सदियों पुराना शहर टैलिन: जहां है यूरोप की सबसे पुरानी फार्मेसी और खूबसूरत ओल्ड टाउन

    Updated: Mon, 15 Jun 2026 03:29 PM (IST)

    एस्टोनिया की राजधानी टैलिन, एक सदियों पुराना शहर है जो अपनी गुलाबी छतों, ऐतिहासिक ओल्ड टाउन और यूरोप की सबसे पुरानी फार्मेसी के लिए प्रसिद्ध है। यह डि ...और पढ़ें

    एस्टोनिया का टैलिन: गुलाबी छतों वाला ऐतिहासिक शहर (Photo Credit- Jagran)

    एस्टोनिया का टैलिन: गुलाबी छतों वाला ऐतिहासिक शहर (Photo Credit- Jagran)

    HighLights

    1. गुलाबी छतों वाला 500 साल पुराना ऐतिहासिक टैलिन शहर

    2. यूरोप की सबसे पुरानी फार्मेसी और भव्य गोथिक टाउन हॉल

    3. ई-एस्टोनिया: डिजिटल नागरिक सुविधाएं और ऑनलाइन गवर्नेंस का मॉडल

    एस्टोनिया से लौटकर अश्विनी सिंह। मई-जून में रात के 11-12 बजे भी आसमान में चमकता सूर्य। दिसंबर-जनवरी में दिन के दो बजते-बजते अंधेरा छाने लगता है। यह है टैलिन। गुलाबी छतों वाला सदियों पुराना शहर। यूरोपीय देश एस्टोनिया की राजधानी। यह देश छोटा-सा है, आबादी भी 11-12 लाख के आसपास, पर डिजिटल के क्षेत्र में बहुत आगे। इसलिए इसे ई-एस्टोनिया भी कहते हैं, जहां केवल एक स्मार्ट कार्ड पर हर तरह की नागरिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।

    टैलिन के प्रति पर्यटकों की रुचि है। यूरोपीय देशों के लोग तो आते ही हैं, भारत से भी पर्यटक जा रहे हैं। टैलिन की सभ्यता बहुत प्राचीन है। इसमें इतिहास है, विरासत है और सबसे बड़ी बात उसके प्रति लोगों का भावनात्मक लगाव। 

    संघर्षों से भरा है इतिहास

    एस्टोनिया पर डेनमार्क का भी शासन रहा, जर्मन औपनिवेशिक क्षेत्र भी रहा। यह स्वीडन का भी हिस्सा रहा। सोवियत संघ का भी हिस्सा रहा, पर अंतत: 1991 में पूर्ण रूप से स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में पहचान के साथ अपनी यात्रा शुरू की तो डिजिटल क्षेत्र में तेजी से उभार लिया। स्काइप का प्रदाता भी यही है। इसकी कोडिंग का काम टैलिन में ही हुआ था। आनलाइन वोटिंग, डिजिटल हस्‍ताक्षर से लेकर ई-रेसिडेंसी तक, सब कुछ डिजिटल। जब टैलिन में प्रवेश करते हैं, तो यहां की इमारतें इसकी प्राचीन सभ्यता की कहानी कहती हैं तो ऊंचे-ऊंचे भवनों के खंडहर आक्रमण के बाद की विभीषिका को। यहीं पर है टाउन हॉल। 

    इसका उल्लेख 1322 ई. में होने का मिलता है। वर्तमान इमारत 1402-1404 में बनाई गई। तब टैलिन एक समृद्ध शहर हुआ करता था, आज भी है। इस टाउन हॉल का भी इतिहास है। यहां ल्यूबेक कानून लागू था। यह नगरपालिका को चलाने के लिए बनाया गया कानून था। 12वीं सदी में जर्मनी के ल्यूबेक शहर में इसकी रूपरेखा तैयार की गई थी, सो इसी नाम से जाना गया। यानी, यूरोपियन नगरपालिका सरकार की व्यवस्था टैलिन में तब आकार ले चुकी थी। 1248 से ही। शहर के चुने हुए व्‍यापारी इसका संचालन करते थे। 

    खबरें और भी

    शहर अपने नियम स्‍वयं बना सकता था। आगे चलकर इसे टाउन काउंसिल का नाम दिया गया। यहां अदालत भी लगती थी। यह टाउन हॉल आज भी है, भव्य। गोथिक शैली का एक मात्र टाउन हॉल। ऊंची-ऊंची खिड़कियां और ऊंचे टावर हैं। इस पूरे क्षेत्र को टाउन हॉल स्‍कवायर कहते हैं। यहां चारों ओर पत्‍थर बिछे हैं। यह यूनेस्‍को वर्ल्‍ड हेरिटेज साइट है, जहां त्रिकोणीय आकार का एक भवन है, जो 14वीं सदी का है।

    पांच टावर भी हैं खूबसूरत

    यहां पांच ऊंचे-ऊंचे टावर हैं, जो ऐतिहासिक और दर्शनीय हैं। इन्हें देखना लोग कभी नहीं भूलते। लकड़ियों की कलाकृति। यहां के गाइड थामस बताते हैं कि किस तरह इस शहर ने तमाम संघर्षों के बाद भी अपनी पहचान बचाए रखी है। यहां का ओल्ड टाउन इसकी खूबसूरती है। गुलाबी छतें, पांच सौ वर्ष पुराना शहर। वहीं, बगल में आधुनिकता से भरा नया शहर भी। टुम्‍पी हिल से नीचे देखें तो गुलाबी छतों वाले घरों का यह पुराना शहर कमल फूल की आकृति-सा दिखता है। यहीं डेनिश किंग गार्डन भी है। ओल्ड टाउन की भी कई कहानियां हैं। 

    सदियों पूर्व का तब का समाज, जहां अपर टाउन और लोअर टाउन तब की सभ्यता में थे। थॉमस बताते हैं, अपर टाउन मतलब कुलीनों का निवास। लोअर टाउन मतलब नीचे आम जन। संकरी गलियां। सीढ़ियों से चढ़ते हुए जब ऊपर पहुंचते हैं, तो विशाल किला भी यहीं पर है। यहां से नीचे का दृश्य बहुत ही खूबसूरत। बाल्टिक सागर भी दिखाई पड़ता है। पुराना शहर आकर्षण का केंद्र है। यहां दुकानें हैं, फूलों का बाजार। तो दूसरी ओर बसा हुआ एक आधुनिक शहर, जहां कार्यालय हैं, रेस्टोरेंट हैं, दुकानें और मॉल है। होर्मुज स्ट्रीट ऐतिहासिक है, जहां नौ मार्च, 1944 को सोवियत हवाई हमले में सैकड़ों घर ध्‍वस्‍त हो गए।

    हेलमेन टावर और छह सदी पुरानी फार्मेसी

    tower

    हेलमेन टावर

    15वीं सदी की शुरुआत में इसका निर्माण किया गया था। हॉलमैन नाम का एक व्‍यक्ति था, जिसकी यहां काफी जमीन थी। उसी के नाम पर बने इस टावर को बाद में हेलमेन कहने लगे। तीन मंजिला और तीन चौथाई गोलाकार में बने इस टावर को वीरू गेट की सुरक्षा के लिए बनाया गया था। वीरू नाम से भारतीय चौंक सकते हैं। दरअसल, यह ओल्‍ड टाउन का दरवाजा हुआ करता था, अब नहीं है। विरुमा नाम की एक जगह थी, जिधर इस दरवाजे से होकर सड़क जाती थी। विरुमा आज का पूर्वी एस्‍टोनिया है। 

    यही विरुमा अपभ्रंश होकर वीरू हो गया। ओल्‍ड टाउन में प्रवेश करते ही मध्‍ययुगीन सभ्‍यता की झलक दिखाई पड़ने लगती है। पर्यटकों के लिए यह पसंदीदा जगह है। हेलमेन टावर की दीवारों पर चल भी सकते हैं। यहां यूरोप की सबसे पुरानी फार्मेसी है, जो 1422 ईसवी से चल रही है। इस कंपनी का नाम एपटीक है। एस्‍टोनियन में इसे फार्मेसी बोलते हैं। कंपनी का मार्क है कटोरे से लिपटा हुआ सांप। नीचे जड़ी-बूटियां रखी हैं। म्‍यूजियम में सदियों पुरानी दवा की शीशियां, मिश्रण करने वाले उपकरण आदि रखे हैं। यहां आने वाले इसे जरूर देखते हैं। 

    टैलिन से लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर जंगल है। यह एगवीडू फॉरेस्‍ट है, जहां दलदली क्षेत्र भी है यानी आर्द्रभूमि। यहां के विदेश मंत्रालय में कार्यरत कारमेन बताती हैं कि हाइकिंग के लिए यह लोगों की पसंदीदा जगह है। यहां लगभग पांच किलोमीटर तक दलदल होकर जा सकते हैं। इस पर लकड़ी के रास्‍ते बने हैं, दलदली जमीन पर घास होती है। एस्‍टोनिया की राजधानी टैलिन में पुरानी सभ्‍यता का आकर्षण भी है, हाइकिंग का रोमांच भी। रेस्‍टोरेंट भी हैं, जहां यूरोपीय खाना मिलता है, मांसाहारी और शाकाहारी दोनों। भारतीय रेस्‍टोरेंट भी हैं, जहां यहां के व्‍यंजन मिल जाते हैं।

    कैसे पहुंचें

    चूंकि यह यूरोपीय यूनियन का सदस्‍य है, सो शेंगेन वीजा लेना होगा। दिल्‍ली से फ्लाइट फ्रैंकफर्ट जाती है, फिर वहां से टैलिन के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट है। कुल उड़ान 10 से 12 घंटे की है। दो से तीन घंटे लेओवर है, यानी फ्रैंकफर्ट में प्रतीक्षा करनी होगी।  यहां भी घूम सकते हैं। हेलसिंकी और वार्सा से भी कनेक्टिंग फ्लाइट है। रहने के लिए गेस्‍ट हाउस और होटल उपलब्‍ध हैं।

    लेखक, दैनिक जागरण पटना के संपादक हैं।