Musafir Cafe का असली पता मिल गया! मसूरी की इस खूबसूरत हेरिटेज प्रॉपर्टी में आप भी बिता सकते हैं छुट्टियां
क्या विक्रांत मैसी की सीरीज 'मुसाफिर कैफे' को देखते हुए आपका मन किया है कि आप बस अपना बैग पैक करें और सीधे उसी खूबसूरत लोकेशन पर पहुंच जाएं? ...और पढ़ें

असल जिंदगी में कैसा है विक्रांत मैसी का 'मुसाफिर कैफे'? (Image Source: Jharipani Castle)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आपने हाल ही में नेटफ्लिक्स पर विक्रांत मैसी की नई रोमांटिक ड्रामा सीरीज 'मुसाफिर कैफे' देखी है? अगर हां, तो यकीनन उस खूबसूरत पहाड़ी कैफे और उसके नजारों ने आपका दिल भी चुरा लिया होगा।
अक्सर हमें लगता है कि पर्दे पर दिखने वाली ऐसी जगहें सिर्फ फिल्मों का सेट होती हैं, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि यह दिलकश कैफे पूरी तरह से असली है और आप भी यहां जाकर अपनी छुट्टियां बिता सकते हैं।
असल में कहां है यह सपनों-सा कैफे?
स्क्रीन पर जो 'मुसाफिर कैफे' नजर आता है, वह दरअसल उत्तराखंड के मसूरी में मौजूद एक बेहद खूबसूरत हेरिटेज प्रॉपर्टी है। इसे 'झरीपानी कैसल' के नाम से जाना जाता है।
अगर आप मसूरी की भीड़भाड़ से बचना चाहते हैं, तो यह जगह एकदम परफेक्ट है क्योंकि यह मशहूर मॉल रोड से करीब 7 किलोमीटर दूर एक शांत इलाके में है। देहरादून से इसकी दूरी लगभग 25 किलोमीटर है और प्रसिद्ध झरीपानी वॉटरफॉल भी इसके काफी करीब है। काफी ऊंचाई पर बसे होने के कारण, यहां से पूरी घाटी का ऐसा शानदार नजारा दिखता है जो आपको शो की तरह ही असल जिंदगी में भी मंत्रमुग्ध कर देगा।

(Image Source: Jharipani Castle)
मनमोहक नजारों का असली ठिकाना है 'झरीपानी कैसल'
नवंबर 2025 में इस जगह ने एक वर्किंग प्रोडक्शन सेट का रूप ले लिया था। झरीपानी कैसल के अनुसार, शूटिंग के दौरान शो की पूरी कास्ट और क्रू यहीं रुकी थी।
सीरीज में आपको जो भी मनमोहक चीजें दिखी हैं- चाहे वह लकड़ी के कॉटेज हों, हरी छतों वाली इमारतें, घाटी की ओर खुलती बालकनी या फिर प्रेयर फ्लैग्) से सजे खुले मैदान, वह सब इसी रिसॉर्ट का हिस्सा हैं। शूटिंग के लिए प्रॉपर्टी के बागीचे, छतों, गेस्ट रूम्स और खास तौर पर सजाए गए कैफे एरिया का दिन-रात इस्तेमाल किया गया था।
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आप भी कर सकते हैं यहां 'स्टे'
जैसे सीरीज का मुख्य किरदार चंदर पहाड़ों में सुकून तलाशता है, अगर आप भी वैसी ही शांति चाहते हैं, तो आप भी झरीपानी कैसल में रुकने का प्लान बना सकते हैं।
यह एक बुटीक प्रॉपर्टी है, जहां मेहमानों के लिए बहुत ही खास और अलग-अलग डिजाइन वाले कमरे मौजूद हैं। आप अपनी पसंद के हिसाब से लकड़ी की रस्टिक झोपड़ियों, या फिर पहाड़ों के नजारों वाले डीलक्स कमरों और सुइट्स का चुनाव कर सकते हैं। दिलचस्प बात यह है कि इनमें से कई कमरों को शो में भी फीचर किया गया है। अब चूंकि यह सीरीज हिट हो रही है, तो पहाड़ों से प्यार करने वाले सैलानी इस असली 'मुसाफिर कैफे' की ओर खिंचे चले आ रहे हैं।

(Image Source: Jharipani Castle)
क्या है 'मुसाफिर कैफे' की कहानी?
अगर आपने अब तक यह 8 एपिसोड वाली सीरीज नहीं देखी है, तो बता दें कि यह लेखक दिव्य प्रकाश दुबे के इसी नाम से आए बेस्टसेलिंग उपन्यास पर आधारित है।
कहानी चंदर के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी एक बहुत ही सधी हुई जिंदगी तब पलट जाती है जब वह सुधा नाम की एक आजाद ख्यालों वाली वकील से मिलता है। सालों बाद, चंदर अपने अतीत की यादों से लड़ते हुए प्रीति के साथ पहाड़ों में एक नई जिंदगी बसाने की कोशिश करता है। भोपाल और मसूरी की पृष्ठभूमि पर बनी इस सीरीज में आदिल हुसैन भी एक बहुत ही अहम किरदार निभा रहे हैं।