भोपाल : NIA अफसर बनकर तीन दिन रखा ‘डिजिटल अरेस्ट’, आतंक के नाम पर मजदूर से डेढ़ लाख रुपये ठगे
भोपाल के छोला मंदिर थाना क्षेत्र में साइबर ठगों ने एक मजदूर को तीन दिन तक 'डिजिटल अरेस्ट' में रखा। खुद को एनआईए अधिकारी बताकर, उन्होंने मजदूर पर आतंकी ...और पढ़ें

साइबर ठग (प्रतीकात्मक चित्र)
डिजिटल डेस्क, भोपाल। छोला मंदिर थाना क्षेत्र में साइबर ठगों ने कानून का डर दिखाकर एक मजदूर को तीन दिन तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखकर डेढ़ लाख रुपये ठग लिए। खुद को एनआईए अधिकारी बताने वाले ठगों ने पीड़ित पर आतंकी संगठन से जुड़े होने का झूठा आरोप लगाया और वीडियो कॉल के जरिए लगातार निगरानी में रखने का नाटक किया। घबराए मजदूर से अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर कराई गई। पुलिस ने अज्ञात आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एनकाउंटर की धमकी, वीडियो कॉल पर बढ़ाया डर
पुलिस के मुताबिक 45 वर्षीय राजकुमार छोला इलाके में मजदूरी करता है। कुछ दिन पहले उसके मोबाइल पर अनजान नंबर से कॉल आया। कॉलर ने खुद को एनआईए अधिकारी बताते हुए कहा कि राजकुमार के बैंक खाते से आतंकी गतिविधियों के लिए पैसे भेजे गए हैं। आरोप सुनते ही वह सहम गया। इसके बाद ठगों ने वीडियो कॉल पर ‘पुलिस’ लिखा वाहन दिखाकर दबाव बढ़ाया और चेतावनी दी कि कॉल काटी या किसी को बताया तो एनकाउंटर कर दिया जाएगा।
‘केस सेटलमेंट’ का झांसा, कई किश्तों में वसूली
डर के माहौल में पीड़ित ने हर निर्देश मान लिया। ठगों ने भरोसा दिलाया कि जांच के बाद उसे निर्दोष मान लिया जाएगा, लेकिन तब तक डिजिटल निगरानी जरूरी है। शुक्रवार से रविवार सुबह तक लगातार कॉल और वीडियो कॉल पर अलग-अलग लोग अफसर बनकर पूछताछ करते रहे। इसी दौरान ‘केस सेटलमेंट’ के नाम पर कई किश्तों में करीब डेढ़ लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लिए गए।
शिकायत पर हरकत में पुलिस
रविवार को परिजनों को संदेह हुआ तो थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस अब संदिग्ध बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की ट्रैकिंग कर रही है। छोला पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी एजेंसी के नाम पर आने वाली धमकी भरी कॉल से न डरें, तुरंत पुलिस या साइबर सेल को सूचना दें और किसी को भी पैसे ट्रांसफर न करें।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।