भोजशाला में दो नए वैकल्पिक स्थल तैयार, मस्जिद पक्ष बोला- निकट नहीं तो नमाज नहीं
धार प्रशासन भोजशाला विवाद में नमाज के लिए दो नए वैकल्पिक स्थल तैयार कर रहा है, क्योंकि पहले प्रस्तावित स्थान को मस्जिद पक्ष ने अस्वीकार कर दिया था। ...और पढ़ें
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धार प्रशासन ने नमाज के लिए दो नए स्थल तैयार किए

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डिजिटल डेस्क, धार। मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला विवाद में सुप्रीम कोर्ट की अंतरिम व्यवस्था के तहत पहले तैयार किए गए 40 पीर (मालीवाड़ा) स्थल को मस्जिद पक्ष द्वारा अस्वीकार किए जाने के बाद जिला प्रशासन ने नमाज के लिए दो नए वैकल्पिक स्थान तैयार करना शुरू कर दिए हैं।
दोनों नए स्थल भोजशाला से करीब 500 मीटर दूर हैं, जबकि पहले प्रस्तावित 40 पीर स्थल की दूरी करीब 900 मीटर थी। इनमें एक बंद पड़ी डिस्टिलरी इकाई के पास और दूसरा समीप स्थित वन विभाग की भूमि पर विकसित किया जा रहा है।
नमाज के लिए दो नए स्थल तैयार
हालांकि मस्जिद पक्ष का कहना है कि यदि ये स्थान भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश में उल्लेखित भोजशाला के निकट की कसौटी पर खरे नहीं उतरे तो वहां भी नमाज अदा नहीं की जाएगी। ऐसे में अब सबकी निगाहें 29 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं।
मामले में मुस्लिम पक्ष ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ के 15 मई के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। 14 जुलाई को हुई सुनवाई में सर्वोच्च न्यायालय ने अंतरिम व्यवस्था के तहत प्रशासन को प्रत्येक शुक्रवार दोपहर एक से तीन बजे के बीच भोजशाला के निकट नमाज के लिए उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।
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प्रशासन : समाज को दिखाए जाएंगे नए विकल्प
तहसीलदार दिनेश उईके ने बताया कि दोनों नए स्थानों पर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। व्यवस्थाएं पूरी होने के बाद मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों को दोनों स्थलों का निरीक्षण कराया जाएगा और उनकी राय ली जाएगी। उन्होंने बताया कि रविवार को इस संबंध में समाज के प्रतिनिधियों से प्रारंभिक चर्चा भी हुई है।
मस्जिद पक्ष : निकट नहीं तो नमाज नहीं
कमाल मौलाना वेलफेयर सोसायटी के सदर अब्दुल समद ने कहा कि प्रशासन नए विकल्प तैयार कर रहा है, लेकिन समाज का रुख नहीं बदला है। उनका कहना है कि नमाज केवल उसी स्थान पर अदा की जाएगी, जिसे भोजशाला के पर्याप्त निकट माना जा सके।
यदि नए दोनों विकल्प भी इस कसौटी पर खरे नहीं उतरे तो वहां भी नमाज नहीं पढ़ी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अभी तक प्रशासन ने दोनों नए स्थलों की पूरी जानकारी समाज को उपलब्ध नहीं कराई है।