महाकाल भस्मारती व्यवस्था में बड़ा बदलाव: तीन महीने में सिर्फ एक बार मिलेगा दर्शन का मौका; आधार-मोबाइल नंबर से होगी निगरानी
श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंधन भस्म आरती दर्शन के नियमों में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। अब कोई भी श्रद्धालु तीन महीने के भीतर दोबारा भस्म आरती के दर्श ...और पढ़ें

महाकाल मंदिर में भस्म आरती (फाइल फोटो)
HighLights
भस्म आरती दर्शन के नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी।
भक्त को तीन महीने में एक बार ही दर्शन की अनुमति।
आधार-मोबाइल नंबर से होगी श्रद्धालुओं की निगरानी।
डिजिटल डेस्क, उज्जैन। ज्योतिर्लिंग बाबा महाकाल की विश्वप्रसिद्ध भस्म आरती के दर्शन को लेकर श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंधन बड़ा बदलाव करने जा रहा है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद किसी भी श्रद्धालु को तीन महीने के भीतर दोबारा भस्म आरती दर्शन की अनुमति नहीं मिलेगी। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक नए भक्तों को बाबा महाकाल की अलौकिक भस्म आरती में शामिल होने का अवसर उपलब्ध कराना है।
रिकॉर्ड का होगा सत्यापन
मंदिर समिति आधार कार्ड और मोबाइल नंबर के जरिए श्रद्धालुओं का रिकॉर्ड सत्यापित करेगी, ताकि कोई भी व्यक्ति अलग-अलग माध्यमों से बार-बार अनुमति प्राप्त न कर सके। नई व्यवस्था लागू होने के बाद तीन माह की अवधि पूरी होने से पहले उसी व्यक्ति के नाम पर दोबारा अनुमति जारी नहीं की जाएगी।
रोज 1700 श्रद्धालुओं को दर्शन का मौका
गौरतलब है कि श्री महाकालेश्वर मंदिर में प्रतिदिन तड़के करीब चार बजे भगवान महाकाल की भस्म आरती संपन्न होती है। इस आरती में प्रतिदिन अधिकतम 1700 श्रद्धालुओं को शामिल होने की अनुमति दी जाती है। इसके लिए सामान्य श्रद्धालुओं को मंदिर की वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन अनुमति लेनी होती है, जबकि एक श्रेणी प्रोटोकॉल और विशेष अनुमति के तहत भी निर्धारित है।
बार-बार दर्शन पर लगाम
मंदिर समिति के संज्ञान में यह बात आई है कि वर्तमान व्यवस्था में कुछ लोग अलग-अलग मोबाइल नंबरों का उपयोग कर बार-बार अनुमति प्राप्त कर लेते हैं। विशेष रूप से श्रावण और भाद्रपद मास के सोमवारों पर कई प्रभावशाली व्यक्ति लगातार भस्म आरती के दर्शन करते हैं, जिससे पहली बार आने वाले श्रद्धालुओं को अवसर नहीं मिल पाता। प्रोटोकॉल श्रेणी में भी कुछ लोग नियमित रूप से अनुमति हासिल कर रहे थे।
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बनेगी पारदर्शी व्यवस्था
इसी असमानता को दूर करने और दर्शन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी व संतुलित बनाने के लिए मंदिर समिति ने नई नीति तैयार की है। श्री महाकालेश्वर मंदिर के प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि श्रद्धालुओं के हित में यह व्यवस्था जल्द लागू की जाएगी, जिससे भस्म आरती दर्शन का लाभ अधिकाधिक भक्तों तक पहुंच सके।