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    तत्काल टिकट के लिए बदली व्यवस्था, अब बुकिंग से डेढ़-दो घंटे पहले मिलेगा टोकन

    Updated: Thu, 09 Jul 2026 08:30 PM (IST)

    पश्चिम मध्य रेलवे ने तत्काल टिकट बुकिंग के लिए नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत अब यात्रियों को टिकट बुकिंग से डेढ़ से दो घंटे पहले ...और पढ़ें

    प्रतीकात्मक चित्र

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    HighLights

    1. तत्काल टिकट के लिए टोकन अब बुकिंग से पहले मिलेंगे।

    2. नई व्यवस्था 1 अगस्त 2026 से पश्चिम मध्य रेलवे में लागू।

    3. दलालों पर अंकुश लगेगा, यात्रियों का समय बचेगा।

    डिजिटल डेस्क, जबलपुर। तत्काल टिकट बनवाने वाले यात्रियों के लिए पश्चिम मध्य रेलवे ने राहत देने वाली नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। अब यात्रियों को टोकन लेने और टिकट बुक कराने के लिए दो बार आरक्षण केंद्र के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। नई व्यवस्था के तहत वातानुकूलित (एसी) श्रेणी के लिए टिकट बुकिंग शुरू होने से करीब डेढ़ घंटे पहले और स्लीपर (नान-एसी) श्रेणी के लिए दो घंटे पहले टोकन जारी किए जाएंगे। यह व्यवस्था एक अगस्त 2026 से जबलपुर मंडल सहित पश्चिम मध्य रेलवे के सभी रेल आरक्षण केंद्रों पर लागू होगी।

    बुकिंग में होगी सहूलियत

    वर्तमान व्यवस्था में वातानुकूलित और स्लीपर दोनों श्रेणियों के लिए सुबह आठ बजे से ही टोकन बांटे जाते हैं। एसी तत्काल टिकट की बुकिंग सुबह 10 बजे और स्लीपर की सुबह 11 बजे शुरू होती है। टोकन और टिकट बुकिंग के बीच लंबे अंतराल के कारण यात्रियों को काफी देर इंतजार करना पड़ता है। टोकन लेने के बाद फिर दोबारा आरक्षण केंद्र आना पड़ता है। नई व्यवस्था इसी परेशानी को दूर करने के उद्देश्य से लागू की जा रही है। नई व्यवस्था से यात्रियों का समय बचेगा, अनावश्यक भीड़ कम होगी और आरक्षण केंद्रों पर व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित रहेगी।

    यह होगा टोकन मिलने का समय

    नई व्यवस्था के अनुसार एसी श्रेणी के लिए टोकन सुबह 8:30 बजे से 9:00 बजे तक वितरित किए जाएंगे। वहीं नॉन-एसी (स्लीपर) श्रेणी के लिए टोकन सुबह 9:00 बजे से 9:30 बजे तक मिलेंगे। इसके बाद निर्धारित समय पर एसी टिकटों की बुकिंग सुबह 10 बजे और स्लीपर टिकटों की बुकिंग सुबह 11 बजे शुरू होगी। सभी आरक्षण केंद्रों पर नई समय-सारिणी और पूरी प्रक्रिया हिंदी एवं अंग्रेजी में प्रदर्शित की जाएगी। जरूरत पड़ने पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की भी सहायता ली जाएगी।

    भीड़ के अनुसार तय होगी टोकन संख्या

    प्रत्येक आरक्षण काउंटर पर एसी श्रेणी के लिए प्रारंभिक रूप से 10 टोकन और नान-एसी श्रेणी के लिए 15 टोकन जारी किए जाएंगे। यदि किसी केंद्र पर भीड़ अधिक रहती है तो रेलवे आवश्यकता के अनुसार टोकनों की संख्या बढ़ा भी सकेगा। टोकन वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने और फर्जीवाड़ा रोकने के लिए आधार कार्ड एवं अन्य मान्य फोटो पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य किया गया है। टोकन जारी करने का पूरा विवरण रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा, जिससे प्रत्येक टोकन का रिकार्ड सुरक्षित रहेगा।

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    दलालों को रोकने नई युक्ति

    रेलवे ने स्पष्ट किया है कि जो यात्री स्वयं या अपने परिवार के सदस्य के लिए तत्काल टिकट बनवाएंगे, उन्हें टोकन में पहली प्राथमिकता दी जाएगी। ऐसे यात्रियों को आधार कार्ड व रेलवे के मान्य फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। इसके बाद अन्य व्यक्तियों के लिए आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर टोकन जारी किए जाएंगे। टोकन पूरी तरह अहस्तांतरणीय (नान-ट्रांसफरेबल) होंगे। जिस व्यक्ति के नाम टोकन जारी होगा, वही आरक्षण काउंटर पर जाकर टिकट बनवा सकेगा। इससे टोकन की खरीद-फरोख्त और दलालों की गतिविधियों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।