पति ने पाइप से किया हमला, चूहे मारने की दवा से आत्महत्या को कोशिश; जानिए क्या है वैष्णवी हगवणे मामला
पुलिस ने वैष्णवी हगवणे आत्महत्या मामले में एनसीपी नेता राजेंद्र हगवणे और उनके बेटे सुशील हगवणे को गिरफ्तार किया है। दोनों गिरफ्तारी से बचने के लिए 7 दिनों से ठिकाना बदल रहे थे। अदालत ने उन्हें 28 मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वैष्णवी ने 16 मई को आत्महत्या की थी। पुलिस ने पति सास और ननद को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। वैष्णवी हगवणे आत्महत्या मामले की जांच कर रही पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। इस पूरे मामले में पुलिस ने एनसीपी नेता राजेंद्र हगवणे और उनके पुत्र सुशील हगवणे को गिरफ्तार किया है। पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए वह पिछले 7 दिनों अपना ठिकाना बदलते रहे। हालांकि, गुरुवार को पुलिस ने दोनों को एक रेस्टोरेंट से गिरफ्तार कर लिया है।
गिरफ्तारी के बाद दोनों को शिवाजीनगर सत्र न्यायालय ने 28 मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस ने बताया कि दोनों गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपना ठिकाना बदल रहे थे। वहीं, अलग-अलग होटलों में ठहर रहे थे।
वैष्णवी हगवणे ने की थी आत्महत्या
बता दें कि वैष्णवी हगवणे ने 16 मई की शाम को आत्महत्या कर ली थी। बाद में पुलिस ने उनके शव को एक अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। वहीं, 17 मई को राजेंद्र हगवड़े और उनके बेटे अस्पताल पहुंचे। वैष्णवी का शव देखने को बाद दोनों फरार खड़े हुए। वहीं, गिरफ्तारी के पहले तक उन्होंने पुलिस को चकमा दिया और कई गाड़ियां बदलीं।
2023 में भी वैष्णवी ने की थी आत्महत्या की कोशिश
जांच में पता चला है कि इससे पहले भी वैष्णवी ने साल 2023 में आत्महत्या करने की कोशिश की थी। शुरुआती जांच में पता चला है कि वैष्णवी ने इससे पहले 17 नवंबर 2023 को चूहे मारने वाली दवा खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की थी। हालांकि, बाद में औंध के एक अस्पताल में इलाज के दौरान वह बच गई।
पुलिस ने वैष्णवी के पति को किया गिरफ्तार
जानकारी दें कि वैष्णवी की मौत के बाद उनके पति शशांक, सास लता और ननद करिश्मा हगवणे को 17 मई को गिरफ्तार किया गया। दहेज हत्या, आत्महत्या के लिए उकसाने, जानबूझकर अपमान करना समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है। गिरफ्तार किए गए सभी लोगों को 26 मई तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। जांच में पता चला कि वैष्णवी का पति शशांक अपनी पत्नी पर पाइप से हमला करता था।
मामले में 12 गवाहों के बयान दर्ज
बता दें कि इस पूरे मामले की जांच के दौरान अभी तक पुलिस ने 12 लोगों के बयान दर्ज किए हैं। पीड़िता विसरा को एफएसएस, पुणे में जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। वहीं, इस मामले में पुलिस ने 51 किलो सोने के बारे में जानकारी एकत्र करना शुरू कर दिया है।
बता दें कि वैष्णवी हगवणे दहेज मामले में राजनीति तेज हो गई है। कई राजनीतिक दलों ने इस मामले में दोषियों को सजा दिलाने क मांग करते हुए जमकर प्रदर्शन किया। इस मामले पर लोगों की भारी नाराजगी देखने को मिली है।
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