क्या आपको भी नहीं पता बीई और बीटेक में अंतर, इंजीनियरिंग में दाखिला लेने से पहले जान लें ये जरूरी बात
इंजीनियरिंग में रुचि रखने वाले छात्रों को अक्सर बीई और बीटेक कोर्स के चयन को लेकर सबसे ज्यादा दुविधा होती है। अगर आप भी 12वीं के बाद इंजीनियरिंग में प ...और पढ़ें

बीई Vs बीटेक।
करियर डेस्क, नई दिल्ली। हर साल लाखों छात्र 12वीं करने के बाद इंजीनियर करना चाहते हैं। लेकिन इंजीनियरिंग में भी छात्रों के बीच बीई और बीटेक कोर्स को लेकर सबसे ज्यादा दुविधा होती है। हालांकि इन दोनों ही कोर्स में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कराई जाती है। लेकिन दोनों ही कोर्स के पाठ्यक्रम का स्वरूप एक दूसरे से पूरी तरह अलग होता है। बीई कोर्स में थ्योरी और बीटेक कोर्स में प्रैक्टिकल पर ज्यादा जोर दिया जाता है।
ऐसे में अगर आप भी कक्षा 12वीं के बाद इंजीनियरिंग की पढ़ाई करना चाहते हैं। लेकिन अभी तक यह निर्णय नहीं ले पाए हैं कि दोनों में से कौन-से कोर्स का चयन करना ज्यादा बेहतर है। तो आज इस लेख के जरिये हम आपकी इसी उलझन को दूर करेंगे। साथ ही आपको यह बताएंगे कि आपकी रुचि के अनुसार कौन-सा कोर्स आपके करियर को एक नई दिशा दे सकता है।
क्या है बीई और बीटेक
बीई और बीटेक कोर्स दोनों ही चार वर्ष की अवधि के लिए होते हैं और इन दोनों ही कोर्स में आठ सेमेस्टर होते हैं। बीई का फुल फॉर्म बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (B.E) और बीटेक का फुल फोर्म बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी (B.Tech) है। बता दें, ये दोनों ही कोर्स इंजीनियरिंग कोर्स के लिए डिजाइन किए गए हैं।
बीई का स्वरूप
बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग यानी बीई कोर्स की अवधि कुल चार वर्ष निर्धारित की गई है। यह कोर्स उन छात्रों के लिए डिजाइन किया गया है, जिन्हें प्रैक्टिकल से ज्यादा थ्योरी में विषेश रुचि होती है। इसके साथ ही बीई कोर्स ज्यादा नॉलेज बेस्ट होता है। साथ ही बीई कोर्स में छात्र पारंपरिक इंजीनियरिंग सिद्धांतों से पढ़ाई करते हैं। यह नॉलेज-ओरिएंटेडल कोर्स होने के कारण इसके सिलेबस को समय-समय पर अपडेट भी नहीं किया जाता है।
बीटेक पर भी एक नजर
बीई कोर्स के विपरित बीटेक कोर्स कौशल आधारित होता है। बीटेक कोर्स उन छात्रों के लिए डिजाइन किया गया है, जिन्हें प्रैक्टिकल नॉलेज में ज्यादा दिलचस्पी है। बीटेक कोर्स स्किल आधारित है। इसलिए इस कोर्स को टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्री के अनुसार बार-बार अपडेट किया जाता है। साथ ही इस कोर्स को इंडस्ट्रियल-ओरिएंटेड के आधार पर ही डिजाइन किया गया है, जिसे पूरा करने के बाद छात्र किसी भी कंपनी में आसानी से इंटर्नशिप के लिए अप्लाई कर सकते हैं।
बीई और बीटेक में अंतर
- बीई कोर्स में थ्योरी और बीटेक कोर्स में प्रैक्टिल पर ज्यादा जोर दिया गया है।
- बीई कोर्स नॉलेज बेस्ड, जबकि बीटेक कोर्स स्किल बेस्ड है।
- बीई में पारंपरिक इंजीनियरिंग सिद्धांतों और बीटेक कोर्स में इंडस्ट्रियल-ओरिएंटेड के आधार पर पढ़ाई कराई जाती है।
- बीई कोर्स की तुलना में बीटेक कोर्स को समय के अनुसार बार-बार अपडेट किया जाता है।
- बीई कोर्स इंजीनियरिंग को गहराई से समझने, जबकि बीटेक कोर्स तकनीकी पहलुओं को समझने के लिए डिजाइन किया गया है।
कोर्स में दाखिले के लिए जरूरी एंट्रेंस टेस्ट
बीई और बीटेक कोर्स में दाखिले के लिए छात्रों को जेईई मेन परीक्षा को पास करना होता है। जेईई मेन परीक्षा साल में दो बार आयोजित कराई जाती है। इसके साथ ही जो उम्मीदवार जेईई मेन की परीक्षा में सफल घोषित किए जाते हैं। वे उम्मीदवार जेईई एडवांस्ड परीक्षा में भी शामिल हो सकते हैं। बता दें, जेईई मेन परीक्षा में शामिल होने के लिए छात्रों को जेईई मेन में ढाई लाख के अंदर रैंक प्राप्त करना अनिवार्य है। इसके साथ ही जो उम्मीदवार जेईई एडवांस्ड की परीक्षा में सफल घोषित किए जाते हैं, वे आईआईटी, आईआईएससी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में दाखिला ले सकते हैं।
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