Sundar Pichai: AI को लेकर चिंता जायज, लेकिन छात्रों के पास नए अवसरों की होगी भरमार
गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने AI से नौकरी जाने की छात्रों की चिंता को जायज बताया है। हालांकि, उन्होंने कहा कि AI नए अवसर पैदा करेगा और छात्र भविष्य की त ...और पढ़ें

एआई से छात्रों को मिलेंगे नए अवसर, सुंदर पिचाई।
HighLights
AI से नौकरी जाने की छात्रों की चिंता जायज।
सुंदर पिचाई ने नए अवसरों की संभावना जताई।
छात्र AI युग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
एजुकेशन डेस्क, नई दिल्ली। AI यानी की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रभाव वर्तमान समय में हमारे रोजमर्रा के कामों में दिखाई दे रहा है। पिछले कुछ वर्षों में एआई का उपयोग न केवल तकनीकी कंपनियों या रिसर्च संस्थानों के लिए हो रहा है बल्कि बैंकिंग, हेल्थकेयर, ई-कॉमर्स, साइबर सुरक्षा, ऑटोमेशन और डिजिटल मार्केटिंग, कंटेंट क्रिएशन, वीडियो, कोडिंग सहित विभिन्न कामों में भी हो रहा है।
इसी को देखते हुए जॉब्स वालों के साथ ही छात्रों में भी चिंता हो रही है। सभी को लग रहा है कि एआई आने वाले समय में जॉब्स कम कर देगा और यहां तक कई सेक्टर में जॉब्स पूरी तरह से खत्म हो जाएंगी। इसी को लेकर गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने महत्वपूर्ण बयान दिया है।
सुंदर पिचाई अगले महीने स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में देंगे स्पीच
पिछले कुछ समय में एआई को लेकर स्टूडेंट्स चिंतित हैं और उनका कहना है कि आगे भविष्य में AI उनकी जॉब छीन सकता है। इसी को लेकर पिछले कई संस्थानों के दीक्षांत समारोह में छात्रों ने हूटिंग की है। कुछ दिन पहले ही गूगल के पूर्व सीईओ एरिक श्मिट को भी एरिजोना विश्वविद्यालय में इसका सामना करना पड़ा। चूंकि अगले महीने सुंदर पिचाई भी एक दीक्षांत समारोह में शामिल होने वाले हैं उसी को लेकर उन्होंने बयान साझा किया है।
Google CEO ने दिया बयान, AI पर चिंता जरूरी, लेकिन छात्रों को मिलेंगे नए अवसर
गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने अपनी बात रखते हुए कहा की एआई को लेकर कई छात्रों की चिंताओं को समझते हैं और मानते हैं कि ये चिंताएं जायज है। लेकिन उनका मानना है कि आने वाले समय में स्टूडेंट्स एआई आधारित दुनिया में ढल जायेंगे और वे नए अवसर खोजकर प्रौद्योगिकी के भविष्य को आकार देने में योगदान देंगे।
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हाल ही में हार्ड फोर्क पॉडकास्ट पर सुंदर पिचाई ने कहा “लोग इस तकनीक के भविष्य को लेकर स्वाभाविक रूप से चिंतित हैं और मैं इसे समझता हूँ। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को “मानवता द्वारा अब तक विकसित की जाने वाली सबसे महत्वपूर्ण तकनीक बताया और कहा कि इस तरह के परिवर्तनकारी बदलाव को लेकर लोगों का असहज महसूस करना स्वाभाविक है।"
उन्होंने आगे कहा कि मनुष्य इतनी तेजी से हो रहे बदलाव को स्वाभाविक रूप से समझने में सक्षम नहीं हैं और नौकरियों और आर्थिक सुरक्षा को लेकर चिंताएं स्वाभाविक हैं। लोग इस दुनिया में अपने आर्थिक भविष्य को लेकर चिंतित हैं। बहुत सी बातचीत में लोग कहते हैं कि नौकरियां पूरी तरह से बदल जाएंगी, कुछ नौकरियां खत्म हो जाएंगी।
लेकिन मैं सबसे निराशावादी पूर्वानुमानों से सहमत नहीं हूँ। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकारों, कंपनियों और समाज को इस बदलाव को गंभीरता से लेना चाहिए। स्टैनफोर्ड के स्नातकों को वे क्या संदेश देना चाहते हैं, इस बारे में पिचाई ने कहा कि आज के छात्र एआई युग में एक अनूठी भूमिका निभाएंगे। "मैं हमेशा से अगली पीढ़ी के बारे में बेहद आशावादी रहा हूं।"