भूकंप को मापने और समझाने वाली तकनीक दुनिया को देने वाले चार्ल्स रिक्टर की अनोखी कहानी
चार्ल्स फ्रांसिस रिक्टर ने भूकंप को मापने और उसे समझाने के लिए गुटेनबर्ग के साथ मिलकर 1935 में रिक्टर स्केल को विकसित किया था। उनका जन्म 26 अप्रैल 190 ...और पढ़ें

Charles Rector
HighLights
चार्ल्स रिक्टर ने गुटेनबर्ग के साथ मिलकर विकसित किया था रिक्टर पैमाना।
भूकंप को मापने के लिए विकसित की गई थी तकनीक।
एजुकेशन डेस्क, नई दिल्ली। दुनियाभर में भूकंप की तीव्रता मापने और उसे समझने के लिए वर्तमान समय में "रिक्टर स्केल" का प्रयोग किया जाता है। इसे अमेरिका के भूकंप वैज्ञानिक चार्ल्स फ्रांसिस ने विकसित किया था। उन्होंने रिक्टर स्केल को नै बेनो गुटेनबर्ग के साथ मिलकर विकसित किया था। शुरुआत में खगोल वैज्ञानिक बनने का सपना देखने वाले चार्ल्स को आज अर्थक्विक साइंटिस्ट के रूप में जाना जाता है।
कौन थे चार्ल्स रिक्टर
चार्ल्स रिक्टर का पूरा नाम चार्ल्स फ्रांसिस रिक्टर था। उनका जन्म अमेरिका के हेमिल्टन के ग्रामीण क्षेत्र में हुआ था। बचपन में ही उनके माता-पिता अलग हो गए जिसके बाद आगे के जीवन के लिए वे कैलिफोर्निया चले गए। उनका जन्म 26 अप्रैल 1900 में हुआ था और उनका निधन 30 सितंबर 1985 को हुआ था। चार्ल्स रिक्टर ने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से 1920 में भौतिकी से स्नातक और कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलॉजी (कैल्टेक) से 1928 में सैद्धांतिक भौतिकी में अपनी पीएचडी पूरी की थी।
खगोल वैज्ञानिक बनने का सपना देखने वाले कैसे बन गए भूकंप वैज्ञानिक
चार्ल्स फ्रांसिस रिक्टर पहले खगोल वैज्ञानिक बनना चाहते थे लेकिन किस्मत उनसे कुछ और ही चाहती थी और वो उन्हें सीस्मोलॉजी की तरफ खींच ले गई। कैल्टेक के सीस्मोलॉजिकल लैब में काम करने के दौरान उन्होंने भूकंप की तरंगो का गहराई से अध्ययन करना शुरू किया और उसके पैटर्न पर नजरे बनाईं। इस दौरान उन्होंने पाया कि की उस समय तक भूकंप को तबाही या लोगों ने उसे कैसा महसूस इसके आधार पर मरकाली पैमाने को ध्यान में रखकर समझा जाता था जो उन्हें सही तरीका नहीं लगा। चार्ल्स चाहते थे कि वे लोग भूकंप को ऊर्जा के माध्यम से मापें जैसे किसी वस्तु का वजन किया जाता था। इसके बाद उनके इसी विचार ने भूकंप को मापने के लिए एक नई दुनिया को दी।
चार्ल्स रिक्टर के योगदान
- 1935 में रिक्टर स्केल विकसित किया, इसके बाद भूकंप की तीव्रता को इसी से मापा जाने लगा।
- भूकंप से बचने के लिए बेहतर बिल्डिंग कोड और आपदा तैयारी पर जोर दिया।
- 1941 में सैस्मेसिटी ऑफ द अर्थ और 1958 में एलीमेंट्री सीस्मोलॉजी बुक्स को लिखा।
- 1953 में अमेरिकन अकादमी ऑफ आर्ट्स एंड साइंसेज का सदस्य चुना गया।
- 1959 में स्मोलीजी सोसायटी ऑफ अमेरिका के अध्यक्ष बने।
- सौस्मोलॉजी सोसायटी ऑफ अमेरिका द्वारा 2003 में यंग साइंटिस्ट के लिए चार्ल्स रिक्टर एर्ली करियर अवार्ड शुरू किया गया।
खुद के नाम पर पड़े पैमाने रिक्टर स्केल नाम से करते थे परहेज
भूकंप को मापने और समझने की तकनीक विकसित करने के चलते उनके नाम पर ही उस पैमाने को दुनियाभर में रिक्टर स्केल नाम दिया गया। हालांकि वे इस नाम से परहेज करते थे और इसमें अपने साथ गुटेनबर्ग को याद करते थे। वे कहते थे कि इसे मैंने अकेले नहीं बनाया है। इसके लिए गुटेनबर्ग ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।