इन कोर्सेज को करके बन सकते हैं नर्स, बारहवीं के बाद सीधे ले सकते हैं दाखिला
बारहवीं पूरी करने के बाद छात्र एएनएम, जीएनएम या बीएससी नर्सिंग कोर्स में दाखिला ले सकते हैं। इन कोर्स में दाखिला लेने के लिए अभ्यर्थियों की न्यूनतम आय ...और पढ़ें

नर्स बनने के लिए कौन-सी पढ़ाई करें?
HighLights
जीएनएम कोर्स की अवधि तीन साल है।
बीएससी नर्सिंग कोर्स में दाखिला लेने के लिए कक्षा 12वीं साइंस स्ट्रीम से पास करना अनिवार्य है।
करियर डेस्क, नई दिल्ली। बारहवीं पूरी करने के बाद लाखों छात्रों का सपना होता है कि वे मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाएं। इसके लिए हर साल लाखों छात्र डॉक्टर बनने के लिए NEET UG की परीक्षा में शामिल भी होते हैं। जो छात्र परीक्षा में सफल होते हैं, उन्हें MBBS कोर्स के लिए चयनित किया जाता है। लेकिन जो छात्र परीक्षा में सफल नहीं हो पाते हैं, उनके जहन में सबसे पहले यह सवाल आता है कि आखिर वे मेडिकल क्षेत्र में कैसे करियर बना सकते हैं।
ऐसे में अगर आप भी बगैर नीट परीक्षा को पास किए मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं। तो आप बीएससी नर्सिंग या एएनएम कोर्स करके नर्स बन सकते हैं। इस समय भारत में तकरीबन 39 लाख से ज्यादा नर्स हैं और भविष्य में इस क्षेत्र में नौकरी की भी संभावनाएं बढ़ रही हैं।
अगर आप भी नर्स बनकर मेडिकल क्षेत्र में कदम रखना चाहते हैं, तो आज इस लेख के माध्यम से हम आपको बताएंगे कि आप कक्षा 12वीं के बाद नर्स बनने के लिए कौन-से कोर्स का चयन कर सकते हैं। साथ ही नर्स की पढ़ाई के लिए भारत के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान कौन-से हैं।
नर्स बनने के लिए क्या होती है पात्रता
कक्षा 12वीं के बाद नर्स की पढ़ाई करने के लिए तीन कोर्स जैसे जीएनएम, बीएससी नर्सिंग और एएनएम सबसे मुख्य कोर्स हैं। इन तीनों ही कोर्स में दाखिला कक्षा बारहवीं के बाद ले सकते हैं।
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- जीएनएम: इस कोर्स की अवधि 3 साल होती है। जीएनएम पाठ्यक्रम में दाखिला लेने के लिए छात्र 12वीं साइंस स्ट्रीम से न्यूनतम 40 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण होना चाहिए।
- बीएससी नर्सिंग: बीएससी नर्सिंग कोर्स चार साल का होता है। इसमें दाखिला लेने के लिए छात्र कक्षा बारहवीं फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी, अंग्रेजी कोर या अंग्रेजी इलेक्टिव न्यूनतम 45 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण होना चाहिए।
- एएनएम: ऑक्सिलियरी नर्सिंग एंड मिडवाइफरी कोर्स भी नर्स बनने के लिए होता है। किसी भी स्ट्रीम से कक्षा 12वीं छात्र एएनएम कोर्स में दाखिला ले सकते हैं। यह एक डिप्लोमा कोर्स होता है, जिसमें छात्रों को बेसिक हेल्थकेयर स्किल्स सिखाई जाती है।
- कोर्स में दाखिला लेने के लिए छात्रों की न्यूनतम आयु 17 साल और अधिकतम आयु 35 वर्ष होनी चाहिए।
कैसे मिलता है दाखिला
नर्सिंग कोर्स में दाखिला लेने के लिए राज्य सरकार के अंतर्गत आने वाले कॉलेज और प्राइवेट कॉलेज अलग-अलग प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करते हैं। वहीं अगर बात कोर्स फीस की जाए तो सरकारी कॉलेज की फीस सालाना एक लाख रुपये तक और प्राइवेट कॉलेज की फीस एक लाख या इससे अधिक होती है।
नर्सिंग कोर्स के लिए बेस्ट संस्थान
अगर आप नर्सिंग कोर्स में दाखिला लेने चाहते हैं, तो यहां आपके लिए इसी क्षेत्र में भारत के कुछ प्रतिष्ठित संस्थानों की लिस्ट दी गई है। नर्सिंग की पढ़ाई के लिए आप इनमें से किसी भी संस्थान में दाखिला ले सकते हैं।
- एम्स, दिल्ली
- कॉलेज ऑफ नर्सिंग, क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज (सीएमसी) वेल्लोर,
- बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज
- किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ
- पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, चंडीगढ़
- सेंट स्टीफंस हॉस्पिटल कॉलेज ऑफ नर्सिंग, दिल्ली
भविष्य की राहें और सैलरी
बीएससी नर्सिंग, एमएससी नर्सिंग और पीएचडी करने वाले छात्र नर्सिंग के अलावा टीचिंग क्षेत्र की ओर भी रुख कर सकते हैं। इसके अलावा, बात अगर सैलरी की जाए तो केंद्र सरकार के अस्पतालों में शुरुआती सैलरी 80 हजार रुपये तक और प्राइवेट अस्पताल में शुरुआती सैलरी 20 से 25 हजार रुपये तक होती है। हालांकि अनुभव के आधार पर वेतनमान में बढ़ोतरी भी होती है।