क्या है रॉकेट मिसाइल फोर्स, आर्मी चीफ जनरल ने क्यों कहा 'नीड ऑफ द ऑवर'?
आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने रॉकेट-कम-मिसाइल फोर्स को 'नीड ऑफ द ऑवर' बताते हुए कहा है कि भारत को भी रॉकेट मिसाइल फोर्स बनानी चाहिए। रॉकेट मिसाइल ...और पढ़ें

रॉकेट मिसाइल फोर्स।
एजुकेशन डेस्क, नई दिल्ली। बदलते वैश्विक युग के साथ अब युद्ध करने की रणनीति भी पूरी तरह से बदल रही है। भविष्य की जंग अब मिसाइलों से लड़ी जाएगी। एक तरफ रूस और युक्रेन के बीच हुए मिसाइल युद्ध ने दुनिया को दिखा दिया है कि जंग के दौरान शुरुआती कुछ घंटे ही हार व जीत का खेल तय करते हैं। वही दूसरी और भारत का पड़ोसी देश चीन और पाकिस्तान के पास भी अपनी एक रॉकेट फोर्स है। ऐसे में भारत के लिए भी अपनी सैन्य शक्ति को बढ़ाने के लिए रॉकेट मिसाइलों का तैनात करना अब वक्त की मांग बन गई है।
दरअसल आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने रॉकेट-कम-मिसाइल फोर्स को 'नीड ऑफ द ऑवर' बताते हुए कहा है कि भारत भी अब एक रॉकेट मिसाइल फोर्स बनाने की ओर रुख कर रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा पाक और चीन की चुनौतियों का जवाब देने के लिए रॉकेट-कम-मिसाइल फोर्स को तैनात करना बेहद जरूरी है।
इसलिए इस लेख के जरिये हम आपको रॉकेट-कम-मिसाइल फोर्स के बारे में विस्तार से बताएंगे। साथ ही यह भी जिक्र करेंगे कि वर्तमान में भारत को मिसाइल फोर्स की जरूरत क्यों है और कैसे यह भारत की सैन्य शक्ति को बढ़ाने एवं भारत की सीमाओं को सुरक्षित रखने में अहम भुमिका निभा सकता है।
रॉकेट मिसाइल फोर्स क्या है
आसान भाषा में अगर रॉकेट मिसाइल फोर्स को समझा जाए, तो यह एक ऐसी विशेष यूनिट या कमान होगी जो दूर और दुश्मनों के सटीक ठिकानों पर हमला दागेगी। इस फोर्स के अंतर्गत सभी मिसाइलें एक ही कमांड के तहत चलाई जाएगी। हालांकि वर्तमान में भारत की रॉकेट फोर्स थल सेना, नौसेना और वायुसेना के तहत ऑपरेट की जा रही है। लेकिन भविष्य में स्मार्ट स्ट्रेटजी के तहत रॉकेट मिलाइलों को एक जगह से ऑपरेट किया जाएगा।
क्यों कहा इसे 'नीड ऑफ द ऑवर'
आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी के अनुसार वर्तमान में अब जंग तकनीकी और मिसाइलों पर केंद्रित हो गई है। ऐसे में भारत को भी अब अलग-अलग कमांड से नहीं, बल्कि एक कमांड के साथ काम करना चाहिए। साथ ही भारत को भी अब इस दिशा में बेहतर रणनीति बनाने की जरूरत है।
क्या रॉकेट मिसाइल से भारत को होगा फायदा?
रॉकेट मिसाइल की मदद से भारत को दुश्मन देश की चुनौतियों का करारा जवाब देने में मदद मिलेगी। रॉकेट मिसाइल एडवांस तकनीकी से लैस होती है। रॉकेट मिसाइल की खासियत यह है कि यह एक छोटी कमांड चेन होने के बावजूद बेहद ही कम समय में सटीक वार कर सकती है। साथ ही यह दुश्मन देश के रडार, एयरबेस, कमांड सेंटर पर बिल्कुल सटीक मिशाना लगाती है। यही नहीं रॉकेट मिसाइल को दुश्मन देश पर दागने के लिए थल, जल, वायु और स्पेस साइबर सभी एक साथ इसके लिए योजना बना सकते हैं।

रॉकेट मिसाइल में ये हथियार होंगे शामिल
भारत के पास तकनीक से लैस ऐसे कई हथिहार है, जो न केवल दुश्मन देश के ठिकानों को ध्वस्त करने बल्कि लंबी दूरी का निशाना लगाने में भी सक्षम है। भारत की रॉकेट मिसाइल में ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज, प्रलय और निर्भय जैसे हथियार शामिल हो सकते हैं। भारत का ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज कम समय में मिसाइल दागने, प्रलय तेज और घातक वार करने और निर्भय लंबी दूरी का वार करने में पूरी तरह से सक्षम है।

किन देश के पास है रॉकेट मिसाइल फोर्स
दुनिया में अगर रॉकेट फोर्स के बारे में बात की जाए तो चीन के पास दुनिया की सबसे खतरनाक 'पीपुल्स लिबरेशन आर्मी रॉकेट' फोर्स है। चीन की यह कुख्यात रॉकेट मिसाइल साल 2016 से एक्टिव है। चीन की रॉकेट मिसाइल में पारंपरिक और परमाणु दोनों प्रकार के हथियार शामिल है। चीन की रॉकेट
मिसाइल सही रणनीति के साथ दुश्मन देश के ठिकानों पर बिल्कुल सटीक निशाना लगाती है। इसके अलावा, पाकिस्तान के पास भी अपनी एक अलग रॉकेट फॉर्स है।
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