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    18 वर्ष से अधिक उम्र वालों का अब नहीं बनेगा आधार कार्ड, असम कैबिनेट का फैसला

    Updated: Sat, 13 Jun 2026 06:25 PM (IST)

    असम सरकार ने राज्य में घुसपैठ रोकने के लिए 18 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों को आधार कार्ड जारी न करने का निर्णय लिया है। ...और पढ़ें

    असम सरकार का घुसपैठ रोकने के लिए बड़ा फैसला

    असम सरकार का घुसपैठ रोकने के लिए बड़ा फैसला

    HighLights

    1. असम में 18+ आयु वर्ग को आधार कार्ड नहीं।

    2. घुसपैठ रोकने के लिए सरकार का कड़ा फैसला।

    3. चाय बागान, जनजातीय को 2027 तक छूट।

    डिजिटल डेस्क, गुवाहाटी। असम सरकार ने राज्य में घुसपैठ पर लगाम लगाने के लिए एक बेहद कड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है।

    मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अब राज्य में 18 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों को आधार कार्ड जारी नहीं किया जाएगा।

    सरकार का मानना है कि इस सख्त कदम से अवैध प्रवासियों को भारत का यह महत्वपूर्ण पहचान दस्तावेज हासिल करने से रोका जा सकेगा।

    मुख्यमंत्री ने साफ किया कि राज्य के कुछ जिलों में आधार कार्ड का वितरण शत-प्रतिशत की सीमा को भी पार कर चुका है, जो एक गंभीर चिंता का विषय है। ऐसे में यह जांचना बेहद जरूरी हो गया है कि ये अतिरिक्त कार्ड आखिर किन लोगों को जारी हुए हैं।

    विशेष परिस्थितियों में ही मिलेगी रियायत

    मुख्यमंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह प्रतिबंध पूर्ण रूप से लागू होगा, लेकिन अत्यंत असाधारण मामलों में कुछ ढील दी जा सकती है। यदि 18 वर्ष से ऊपर का कोई व्यक्ति आधार के लिए आवेदन करता है, तो जिला उपायुक्त को उसकी पात्रता की गहन जांच करनी होगी।

    इसके बाद जिला प्रशासन को राज्य सरकार के पास एक विशेष प्रस्ताव भेजना होगा। राज्य सरकार ही अंतिम रूप से यह तय करेगी कि आवेदक इस दस्तावेज को पाने का हकदार है या नहीं।

    हालांकि, राहत की बात यह है कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए आधार कार्ड बनने की प्रक्रिया पहले की तरह ही सामान्य रूप से जारी रहेगी। चाय बागान, जनजातीय समुदायों को सीमित समय यह कड़ा फैसला मुख्य रूप से बांग्लादेशियों की घुसपैठ को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है।

    असम में आधार कार्ड का वितरण पहले ही अपने संतृप्ति बिंदु (सैचुरेशन प्वाइंट) पर पहुंच चुका है। सरकार ने सामाजिक संतुलन और समावेशिता का ध्यान रखते हुए चाय बागान श्रमिकों और अनुसूचित जनजाति के लोगों को फिलहाल इस नियम से छूट दी है, क्योंकि इन समुदायों के कई लोगों के पास अब भी आधार कार्ड नहीं हैं। लेकिन यह छूट भी हमेशा के लिए नहीं है।

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    मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि एक अप्रैल, 2027 से इन समुदायों के वयस्कों के लिए भी यह प्रतिबंध पूरी तरह लागू हो जाएगा। सरकार का यह कदम राज्य की सुरक्षा और जनसांख्यिकी को सुरक्षित रखने की दिशा में एक बड़ा संकल्प दिखाता है।

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