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    AIADMK में महापलायन: तीन पूर्व मंत्रियों ने थामा थलापति का हाथ; DMK बोली- तमिलनाडु में आई वॉशिंग मशीन

    Updated: Thu, 02 Jul 2026 09:00 PM (IST)

    तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि उसके तीन पूर्व मंत्री डॉ. सी. विजयभास्कर, एम.आर. विजयभास्कर और एम.एस.एम. आनंदन अपने समर्थकों के ...और पढ़ें

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    डिजिटल डेस्क, चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है। द्रविड़ सियासत की दिग्गज पार्टी अन्नाद्रमुक को एक के बाद एक गहरे जख्म मिल रहे हैं।

    पार्टी में जारी 'महापलायन' के बीच गुरुवार को अन्नाद्रमुक के तीन कद्दावर पूर्व मंत्रियों डॉ. सी. विजयभास्कर, एम.आर. विजयभास्कर और एम.एस.एम. आनंदन ने अपने भारी-भरकम समर्थकों के साथ सत्ताधारी दल 'तमिलगा वेत्री कजगम' (टीवीके) का दामन थाम लिया।

    मामल्लापुरम में आयोजित एक कार्यक्रम में टीवीके के महासचिव 'बुस्सी' एन. आनंद और मुख्य समन्वयक के.ए. सेंगोट्टैयन ने शाल ओढ़ाकर सभी का स्वागत किया।

    'कार्पोरेट कंपनी' बन चुकी है अन्नाद्रमुक: सेंगोट्टैयन

    इस दलबदल से अन्नाद्रमुक को बहुत बड़ा झटका लगा है, क्योंकि सी. विजयभास्कर और एम.आर. विजयभास्कर ने अपनी विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा देकर टीवीके की सदस्यता ली है। पूर्व मंत्रियों ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व और उनके सुशासन की जमकर सराहना की।

    इस दौरान कभी अन्नाद्रमुक के कद्दावर नेता रहे के.ए. सेंगोट्टैयन ने अन्नाद्रमुक नेतृत्व पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी अब राजनीतिक दल न रहकर एक 'कार्पोरेट कंपनी' बन चुकी है, जिससे कार्यकर्ता पूरी तरह निराश हैं। उन्होंने पलानीस्वामी पर कार्यकर्ताओं के साथ 'विश्वासघात' करने का आरोप लगाया।

    द्रमुक ने कसा तंज: 'तमिलनाडु में आई वॉशिंग मशीन'

    इस बड़े सियासी उलटफेर पर मुख्य विपक्षी दल द्रमुक ने तीखा तंज कसा है। द्रमुक की उप महासचिव कनिमोझी ने 'एक्स' पर लिखा, 'सुना है कि जैसी 'वॉशिंग मशीन' भाजपा उत्तर भारत में इस्तेमाल करती थी, वैसी ही अब तमिलनाडु में भी आ गई है। लोग कह रहे हैं कि यह नई मशीन गुटखा के दाग भी धो सकती है... क्या यह सच है?'

    कनिमोझी का इशारा सीधे तौर पर सी. विजयभास्कर की ओर था, जो सीबीआई द्वारा जांच किए जा रहे चर्चित गुटखा घोटाले के आरोपों का सामना कर रहे हैं। बहरहाल, फरवरी 2024 में विजय द्वारा स्थापित टीवीके में नेताओं का जाना यह इंगित करता है कि राज्य में सत्ता का समीकरण तेजी से बदल रहा है।

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