क्या अंतरराष्ट्रीय दबाव में की गई ऑपरेशन सिंदूर की घोषणा? सपा सांसद के सवाल पर सरकार ने दिया ये जवाब
संसद के मानसून सत्र में लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा हुई। समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन के सवाल पर विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने जवाब दिया कि यह सैन्य कार्रवाई पाकिस्तान समर्थित आतंकियों के सीमा पार हमले के जवाब में थी। सरकार ने बताया कि ऑपरेशन का उद्देश्य आतंकवादी ढांचे को नष्ट करना था। भारतीय सेना ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र का छठा दिन है। आज संसद की निचली सदन यानी लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा की जानी थी। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्ष के सांसदों ने जोरदार हंगामा किया। हालांकि, संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से ही संसद में हंगामा देखने को मिला।
पिछले दिनों हंगामे के बीच विपक्ष की ओर से समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन ने सरकार से पूछा कि क्या 7 मई को हुई इस सैन्य कार्रवाई का फैसला किसी अंतरराष्ट्रीय दबाव में लिया गया था? सपा सांसद के इस सवाल पर विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने जवाब दिया।
सपा सांसद के सवाल पर सरकार ने दिया ये जवाब
समाजवादी पार्टी के सांसद की ओर से पूछे गए सवाल के जवाब में सरकार ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर पाकिस्तान समर्थित आतंकियों के एक बर्बर सीमा पार आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया था।
सवाल का जवाब देते हुए विदेश राज्य मंत्री कीर्तवर्धन सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य आतंकवादी अवसंरचना को ध्वस्त करना और भारत में भेजे जाने के लिए संभावित आतंकवादियों को निष्प्रभाव करना था।
सैन्य बलों ने पाकिस्तान को दिया कड़ा और निर्णायक जवाब
विदेश राज्य मंत्री ने अपने जवाब में कहा कि भारत की कार्रवाई फोकस्ड, नपी-तुली और गैर-उकसाने वाली थी। वहीं, पाकिस्तान ने कुछ सैन्य सुविधाओं के अलावा, भारत के नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाने का प्रयास किया। पाकिस्तान की इन उकसावे वाली और विवाद को बढ़ाने वाली कार्रवाइयों का भारतीय सशस्त्र बलों ने कड़ा और निर्णायक जवाब दिया, जिससे पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान हुआ।
कैसे हुआ सीजफायर?
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इसके बाद 10 मई को पाकिस्तान के सैन्य अभियान महानिदेशक ने अपने भारतीय समकक्ष से गोलीबारी और सैन्य गतिविधियाँ बंद करने का अनुरोध किया, जिस पर उसी दिन बाद में सहमति बन गई।
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