तिब्बत में ब्रह्मपुत्र नदी पर चीन के बांध निर्माण की खबरों का भारत ने लिया संज्ञान, सरकार ने राज्यसभा में दी जानकारी
विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने राज्यसभा में कहा कि भारत ने तिब्बत में ब्रह्मपुत्र नदी पर चीन द्वारा बांध निर्माण की खबरों पर ध्यान दिया है। चीन 1986 से ही इस परियोजना की तैयारी कर रहा था। भारत सरकार ब्रह्मपुत्र नदी से जुड़े घटनाक्रमों पर नजर रख रही है और अपने नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए कदम उठा रही है।

पीटीआई, नई दिल्ली। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह शुक्रवार को राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि तिब्बत में ब्रह्मपुत्र नदी के निचले हिस्से पर चीन द्वारा एक विशाल बांध परियोजना का निर्माण कार्य शुरू करने की खबरों का संज्ञान लिया गया है।
तिब्बत में ब्रह्मपुत्र नदी को यारलुंग त्सांगपो के नाम से जाना जाता है।उन्होंने कहा कि इस परियोजना को पहली बार वर्ष 1986 में सार्वजनिक किया गया था और तब से ही चीन में इसकी तैयारियां चल रही थीं।
भारत सरकार की नजर
भारत सरकार चीन द्वारा पनबिजली परियोजनाओं के विकास सहित ब्रह्मपुत्र नदी से संबंधित सभी घटनाक्रमों पर सतर्कता से नजर रखती है और हमारे हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाते हैं, जिनमें भारतीय नागरिकों के जीवन और आजीविका की सुरक्षा के लिए निवारक और सुधारात्मक उपाय भी शामिल हैं।
इजरायल में काम के लिए अब तक 6,774 भारतीय गए
एक अन्य प्रश्न के जवाब में कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि भारत और इजराइल के बीच नवंबर 2023 में हुए द्विपक्षीय फ्रेमवर्क समझौते के तहत एक जुलाई 2025 तक कुल 6,774 भारतीय कामगार इजरायल गए हैं। इन 6,774 भारतीयों में से 6,730 लोग निर्माण क्षेत्र में कार्यरत हैं। यह नियुक्तियां इजराइल की मांग के आधार पर हुई हैं।
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