कांग्रेस ने ईपीएफ की न्यूतनम पेंशन सीमा बढ़ाने का किया समर्थन
कांग्रेस ने ईपीएफ की न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की संसदीय समिति की सिफारिश का समर्थन किया है। ...और पढ़ें


समय कम है?
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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। कांग्रेस ने ईपीएफ की न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की संसदीय समिति की सिफारिश को वाजिब ठहराते हुए तत्काल 1000 रुपए की न्यूनतम पेंशन में सम्मानजनक बढ़ोतरी की मांग की है।
लंबे समय से ईपीएफ पेंशन नहीं बढ़ाए जाने को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए पार्टी ने कहा कि 1000 रुपए का मासिक पेंशन वास्तव में कर्मचारियों-कामगारों के साथ मजाक है।
न्यूनतम मासिक पेंशन की तत्काल समीक्षा
इतना ही नहीं कांग्रेस ने सरकार पर सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं की लगातार अनदेखी करने का आरोप भी लगाया। कांग्रेस के संचार महासचिवजयराम रमेश ने कहा कि कर्मचारी पेंशन योजना 1995 के तहत को अपरिहार्य बताया और कहा कि इस योजना से जुड़े कामगारों की पेंशन समस्या के समाधान के लिए सरकार ठोस कदम उठाए।
जयराम ने एक्स पर जारी बयान में कहा कि मोदी सरकार के पिछले लगभग 12 साल के कार्यकाल में सामाजिक सुरक्षा की कई योजनाएं धीरे-धीरे कमजोर होती चली गई हैं या उन्हें जानबूझकर कमजोर कर दिया गया है। पेंशन जैसी बुनियादी सुविधा भी लंबे समय से बढ़ती महंगाई के बावजूद लगभग जस की तस बनी हुई है।
खराब नीतियों की वजह से चरम पर महंगाई
इसका सीधा असर बुजुर्गों और आर्थिक रूप से कमजोर पेंशनभोगियों पर पड़ा है, जो समाज के सबसे संवेदनशील वर्ग माने जाते हैं। जयराम ने कहा कि मौजूदा दौर में जब सरकार की खराब नीतियों की वजह से महंगाई चरम पर है, स्वास्थ्य खर्च और रोजमर्रा की जरूरत की चीजों के दाम बेतहाशा बढ़ चुके हैं, ऐसे में 1000 रुपए की न्यूनतम ईपीएफ पेंशन एक तरह से मजाक ही है।
जयराम ने कहा कि उम्मीद की जानी चाहिए कि भाजपा के ही लोकसभा सांसद की अध्यक्षता वाली श्रम, वस्त्र एवं कौशल विकास स्थायी समिति की इस रिपोर्ट के बाद सरकार जागेगी और इस दिशा में ठोस कदम उठाएगी।
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