विदेशी फंडिंग पर लगेगी लगाम, किसी भी दिन आ सकता है FCRA से जुड़ा विधेयक
लोकसभा में तीन विधेयकों पर चर्चा की सहमति बनी है, लेकिन FCRA संशोधन विधेयक कार्य मंत्रणा समिति के एजेंडे में नहीं है। ...और पढ़ें

किसी भी दिन आ सकता है FCRA से जुड़ा विधेयक।
HighLights
FCRA संशोधन विधेयक कार्य मंत्रणा समिति के एजेंडे में नहीं।
सरकार इसे किसी भी दिन लोकसभा में पेश कर सकती है।
विपक्ष के हंगामे से संसद की कार्यवाही लगातार बाधित।
नीलू रंजन, नई दिल्ली। लोकसभा की कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) की बैठक में इस सप्ताह तीन विधेयकों पर चर्चा कराने की सहमति बनी है। लेकिन, इसमें विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) में संशोधन से जुड़ा विधेयक नहीं है। इसके बावजूद सरकार इसे किसी भी दिन लोकसभा में चर्चा के लिए लाकर पारित करा सकती है।
जिन तीन विधेयकों पर सहमति बनी है, उनमें भारतीय सांख्यिकीय संस्थान, बैंकर्स बुक एविडेंस और कर कानूनों में संशोधन से जुड़े विधेयक हैं। इन विधेयकों को सरकार इसी सप्ताह लोकसभा से पारित कराने की कोशिश करेगी।
बीएसी की बैठक के एजेंडे में एफसीआरए में संशोधन से जुड़े विधेयक नहीं
बीएसी की बैठक के एजेंडे में एफसीआरए में संशोधन से जुड़े विधेयक नहीं होने के बारे में पूछने पर एक वरिष्ठ मंत्री ने कहा कि जरूरी नहीं कि सिर्फ वही विधेयक सदन में चर्चा के लिए रखा जाए, जिस पर बीएसी में सहमति बनी हो।
सरकार अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी दिन विधायी कामकाज की सूची में इसे शामिल कर सकती है। यानी एफसीआरए भले बीएसी बैठक के एजेंडे में शामिल नहीं हो, लेकिन सरकार के एजेंडे में यह बना हुआ है।
तीन विधेयकों पर बीएसी की बैठक में विपक्ष के साथ सहमति बनी
जिन तीन विधेयकों पर बीएसी की बैठक में विपक्ष के साथ सहमति बनी है, उन पर सदन के भीतर चर्चा होना मुश्किल लग रहा है। पेपर लीक से संबंधित संशोधन विधेयक को छोड़कर अन्य सभी विधेयक विपक्ष के हंगामे और बिना चर्चा के पास हुए हैं। विपक्ष और खासकर कांग्रेस जंतर-मंतर प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ज्यादती को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर अड़ी है।
विपक्ष के हंगामे के कारण संसद बाधित
विपक्ष के हंगामे के कारण दोनों सदन सुचारु रूप से नहीं चल रहा है और बार-बार स्थगित करना पड़ रहा है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने कहा कि जरूरी विधेयकों पर विपक्ष का चर्चा में भाग नहीं लेना ठीक नहीं है। जनता से जुड़े इन विधेयकों पर चर्चा में विपक्ष को हिस्सा लेना चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि यदि विपक्ष चर्चा में हिस्सा नहीं लेता है, तो भी सरकार इन जरूरी विधेयकों को पास कराने की कोशिश करेगी।