मणिपुर में भूमि विवाद को लेकर ग्राम प्रधान पर हमला, दो समुदायों में तनाव
मणिपुर के कांगपोकपी जिले के कोंसाखुल गांव में भूमि विवाद को लेकर हथियारबंद उग्रवादियों ने ग्राम प्रधान अइमसासेन अबोनमाई पर हमला कर दिया। घटना के बाद कुकी और नगा समुदायों के बीच तनाव फैल गया। सुरक्षा बलों ने चार उग्रवादियों को गिरफ्तार कर एक अपहृत व्यक्ति को मुक्त कराया और कई हथियार भी जब्त किए। घायल ग्राम प्रधान को इंफाल के रिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पीटीआई, इंफाल। मणिपुर में एक ग्राम प्रधान पर हमले के बाद मणिपुर में शनिवार को दो जनजातीय समुदायों के बीच शनिवार को तनाव पैदा हो गया। संदेह है कि एक भूमि विवाद को लेकर उग्रवादियों ने ग्राम प्रधान पर हमला किया।
यह घटना शनिवार दोपहर 12:15 बजे के आसपास हुई। कांगपोकपी जिले में कोंसाखुल गांव में दर्जनों हथियारबंद उग्रवादी आ गए और ग्राम प्रधान अइमसासेन अबोनमाई समेत कई लोगों पर हमला किया।
नगा बहुल कोंसाखुल के निवासियों ने दावा किया कि पड़ोसी हराओथेल गांव से आए उग्रवादी कुकी समुदाय के थे। ग्राम प्रधान को इंफाल में सरकार संचालित रिम्स भेजा गया, जबकि आठ अन्य घायल ग्रामीणों का इलाज खुर्खुल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में किया गया। अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि ग्राम प्रधान खतरे से बाहर हैं।
चार उग्रवादी गिरफ्तार, अपहृत को मुक्त कराया
सुरक्षा बलों ने मणिपुर के बिष्णुपुर, थौबाल और इंफाल पूर्वी जिलों से चार उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने शनिवार को बताया कि बिष्णुपुर जिले में नांबोल से यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (पांबेई) के दो सदस्यों को शुक्रवार को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से इंफाल पश्चिम के पात्सोई पार्ट-4 से अपहृत 47 वर्षीय लाइतोंजाम दिलीप सिंह को मुक्त करा लिया। सुरक्षा बलों ने बिष्णुपुर जिले के लाईसोई हिल क्षेत्र से चार हथियार जब्त किए।
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