Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    सुप्रीम कोर्ट के समक्ष NEET पेपर छपने से वितरण तक की पूरी प्रक्रिया स्पष्ट करेगा केंद्र

    Updated: Mon, 03 Aug 2026 11:30 PM (IST)

    केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को नीट प्रश्न-पत्र छपने से लेकर छात्रों तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया बताने की इच्छा जताई है। ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    HighLights

    1. केंद्र सरकार नीट प्रश्न-पत्र छपने से वितरण तक की प्रक्रिया बताएगी।

    2. सुप्रीम कोर्ट बार-बार पेपर लीक पर सरकार से जवाब मांगेगा।

    3. नंदन नीलेकणि की समिति ऑनलाइन परीक्षा के सुझाव देगी।

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सोमवार को कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट के सामने नीट का प्रश्न-पत्र छपने से लेकर छात्रों तक पहुंचने की प्रक्रिया को रखनी चाहती है। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ को सॉलिसिटर जनरल(एसजी) तुषार मेहता ने बताया कि सरकार अपनाई गई कार्यप्रणाली के बारे में बताना चाहती है कि कैसे सुरक्षा उपाय अपनाए जाते हैं।

    वह उसे हलफनामे के जरिए रिकार्ड पर लाना चाहती है। मेहता ने बृहस्पतिवार या शुक्रवार को सुनवाई के लिए समय मांगा। पीठ ने मेहता से कहा कि वह भी इस प्रक्रिया के बारे में जानना चाहती है और उसने नीट पेपर के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपायों की मांग करने वाली याचिकाओं को बृहस्पतिवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।

    राष्ट्रीय जनता दल के नेताओं की एक याचिका में 27 जुलाई को कहा गया था कि वे देखेंगे कि सरकार द्वारा गठित नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार प्राप्त टास्क फोर्स नीट परीक्षा के ऑनलाइन आयोजन के बारे में क्या सुझाव देती है। इसमें कहा गया था कि कुछ हटकर सुझावों की जरूरत है, खासकर तब जब नीट परीक्षा को फिजिकल मोड से ऑनलाइन मोड में बदला जा रहा हो।

    केंद्र की ओर से पेश हुए मेहता ने तब पीठ को बताया था कि केंद्र सरकार ने बार-बार प्रश्न-पत्र लीक होने के मामले को बहुत गंभीरता से लिया है और इसके लिए एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने घोषणा की थी और इस उच्च स्तरीय समिति का प्रमुख नंदन नीलेकणि को बनाया गया है जोकि तकनीक के क्षेत्र के विशेषज्ञ हैं।

    खबरें और भी

    24 जून को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा था कि वह नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक को रोकने के लिए उठाए गए कदमों पर बारीकी से नजर रखेगा। शीर्ष अदालत फेडरेशन आफ आल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (एफएआईएमए) की याचिका समेत कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।
    (समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)