इन शहरों में रहने वाले सैलरीड लोगों को HRA पर मिलेगी ज्यादा छूट, लेकिन अब लैंडलॉर्ड से रिश्ता बताना जरूरी
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने आयकर नियम, 2026 अधिसूचित किए हैं, जो 1 अप्रैल से प्रभावी होंगे। ये नियम वेतनभोगियों के लिए एचआरए छूट बढ़ाते हैं, जिसमें ...और पढ़ें
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आठ शहरों में वेतनभोगियों को 50% तक एचआरए छूट
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने शुक्रवार को आयकर अधिनियम, 2025 के लिए नियमों को अधिसूचित कर दिया। इसमें वेतनभोगियों के लिए मकान किराया भत्ते पर बढ़े हुए कर लाभ का प्रविधान है, लेकिन मकान मालिक-किरायेदार के संबंधों की जानकारी देना अनिवार्य कर दिया गया है। आयकर नियम, 2026 उस सरल प्रत्यक्ष कर कानून को लागू करेंगे, जिसे पिछले साल संसद ने मंजूरी दी थी। यह एक अप्रैल से प्रभावी होगा।
संसद ने 12 अगस्त, 2025 को छह दशक पुराने आयकर अधिनियम, 1961 को बदलने के लिए एक नया आयकर विधेयक पारित किया था। इसमें किसी तरह की नई कर दर लागू नहीं की गई बल्कि केवल भाषा को सरल बनाया गया है। जटिल आयकर कानूनों को समझने के लिए ऐसा करना आवश्यक था।
आयकर नियमों में बदलाव
इस अधिनियम में अनावश्यक प्रविधानों और पुरानी भाषा को हटा दिया है और आयकर अधिनियम, 1961 की 819 धाराओं को घटाकर 536 और अध्यायों की संख्या 47 से घटाकर 23 कर दी है।
नए आयकर विधेयक में शब्दों की संख्या 5.12 लाख से घटाकर 2.6 लाख कर दी गई है, और स्पष्टता बढ़ाने के लिए 1961 के कानून के बोझिल पाठ के स्थान पर पहली बार 39 नई तालिकाएं और 40 नए सूत्र पेश किए गए हैं।
नए नियमों में पूंजीगत लाभ, शेयर बाजार के लेनदेन और अनिवासी कराधान के लिए सख्त नियम बनाए गए हैं, जबकि अन्य खुलासा प्रणाली को सरल बनाया गया है। अधिसूचना में 150 से अधिक आधिकारिक फॉर्म पेश किए गए हैं।
आठ शहरों में वेतनभोगियों को 50% तक एचआरए छूट
अब वेतन के 50 प्रतिशत तक एचआरए छूट का दावा कर सकेंगे आठ शहरों के लोग आयकर नियम वेतनभोगी करदाताओं पर लागू होने वाले मकान किराया भत्ता (एचआरए) छूट के लिए प्रस्तावित ढांचे को बरकरार रखते हैं।
नए नियमों के तहत आठ शहर (मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, चेन्नई, हैदराबाद, पुणे, अहमदाबाद और बेंगलुरु) वेतन के 50 प्रतिशत की उच्च छूट सीमा के लिए पात्र होंगे, जबकि अन्य सभी स्थान 40 प्रतिशत पर बने रहेंगे।
अभी मुंबई, दिल्ली, कोलकाता और चेन्नई में ही वेतनभोगी कर्मचारी अपने वेतन के 50 प्रतिशत तक एचआरए छूट का दावा कर सकते हैं, जबकि अन्य स्थानों पर रहने वाले 40 प्रतिशत की निचली सीमा के लिए पात्र हैं।
नए नियमों के तहत आयकर कटौती का दावा करने के लिए किरायेदार-मकान मालिक के संबंधों के बारे में जानकारी देना जरूरी है और इसमें विदेशी आय पर टैक्स क्रेडिट दावों के लिए आडिटर और कंपनियों की जिम्मेदारी बढ़ाई गई है।
इसमें पैन के दोहरीकरण और प्रतिकूल आडिट टिप्पणी से पैदा होने वाली कर देनदारी की जांच के लिए लेखा परीक्षकों को अधिक जिम्मेदारी दी गई है।
10 लाख से अधिक के लेनदेन पर बताना होगा पैन
नए नियमों के तहत, किसी व्यक्ति के एक या अधिक खातों में एक वित्त वर्ष में कुल 10 लाख रुपये या उससे अधिक की नकद जमा या निकासी होती है तो पैन बताना अनिवार्य होगा। वर्तमान में, किसी बैंक या सहकारी बैंक में किसी भी एक दिन 50 हजार रुपये से अधिक की नकद जमा के लिए पैन की जरूरत होती है।
मोटर वाहनों (मोटर साइकिलों सहित) की खरीद के मामले में, यदि कीमत पांच लाख रुपये से अधिक हे तो खरीदार को अपना पैन बताना होगा। मौजूदा आयकर नियम, 1962, दोपहिया वाहनों की खरीद के लिए पैन बताने का प्रविधान नहीं करता है जबकि मोटर वाहनों के लिए कीमत चाहे जो भी यह अनिवार्य था।
होटल या रेस्तरां बिलों के भुगतान में मिली 50 रुपये की अतिरिक्त छूट होटल/रेस्तरां बिलों, कन्वेंशन सेंटर या बैंक्वेट हाल या इवेंट मैनेजमेंट से जुड़े किसी व्यक्ति को किया जाने वाला भुगतान एक लाख रुपये से अधिक है तो पैन बताना होगा।
मौजूदा नियमों के तहत होटल/रेस्तरां बिलों के मामले में पैन बताने के लिए 50 हजार रुपये की सीमा निर्धारित है। किसी भी अचल संपत्ति की खरीद, बिक्री, उपहार के मामले में यदि लेनदेन की लागत 20 लाख रुपये से अधिक है तो पैन बताना होगा अनिवार्य होगा जबकि मौजूदा सीमा 10 लाख रुपये है।
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