Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    पेट्रोल में 20% एथनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य 5 साल पहले पूरा, अब आगे की तैयारी में जुटी सरकार

    Updated: Mon, 27 Jul 2026 11:30 PM (IST)

    केंद्र सरकार ने 2025-26 का 20% एथनॉल ब्लेंडिंग (E20) लक्ष्य पांच साल पहले ही हासिल कर लिया है और अब इससे आगे की तैयारी कर रही है। ...और पढ़ें

    सरकार ने दिए ई- 20 से आगे की तैयारी के संकेत। (यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है)

    सरकार ने दिए ई- 20 से आगे की तैयारी के संकेत। (यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है)

    HighLights

    1. 20% एथनॉल ब्लेंडिंग लक्ष्य 5 साल पहले पूरा हुआ।

    2. सरकार अब E20 से आगे की ब्लेंडिंग की तैयारी में।

    3. एथनॉल उत्पादन क्षमता भविष्य की मांग के लिए पर्याप्त।

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। एथनॉल ब्लेंडिंग यानी पेट्रोल में एथनॉल मिलाने को लेकर चिंताओं के बीच केंद्र सरकार ने पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल ब्लेंडिंग (ई20) से आगे की तैयारी के संकेत दिए हैं।

    सोमवार को राज्यसभा में प्रश्न के लिखित जवाब में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने कहा कि देश में एथनॉल उत्पादन क्षमता की योजना न केवल ई20 ब्लेंडिंग की मौजूदा जरूरत को पूरा करने के लिए बनाई गई है, बल्कि यह पेट्रोल की मांग में भविष्य की बढ़ोतरी को पूरा करने के लिए बनाई गई है।

    साथ ही सरकार द्वारा मंजूरी मिलने पर ज्यादा एथनॉल ब्लेंडिंग, फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों और बायोफ्यूल के अन्य इस्तेमाल को समर्थन करने के लिए भी है। उन्होंने कहा कि देश की एथनॉल उत्पादन क्षमता सालाना लगभग दो हजार करोड़ लीटर तक पहुंच गई है।

    पेट्रोल में 20% एथनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य 5 साल पहले पूरा

    मंत्री ने कहा कि भारत ने मौजूदा एथनॉल आपूर्ति वर्ष 2025-26 में 20 प्रतिशत एथनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य हासिल कर लिया है। यह लक्ष्य से पांच साल पहले ही पूरा हो गया है। कई नीतिगत उपायों के कारण यह सफलता मिली है।

    इनमें एथनॉल की तय कीमतें, ब्लेंडिंग के लिए एथनॉल पर जीएसटी में कटौती, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के साथ लंबे समय के खरीद समझौते शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह 'प्रधानमंत्री जी-वन योजना' के तहत खेती से बचे अवशेषों से बनने वाले सेकंड-जेनरेशन (2जी) एथनॉल को बढ़ावा दे रही है।

    खबरें और भी

    ई20 के लिए पूरी तरह अनुकूल वाहनों की संख्या का नहीं किया गया है आकलन

    अन्य प्रश्न के उत्तर में गोपी ने कहा कि सरकार ने देश में ई20 फ्यूल के साथ पूरी तरह से चलने लायक गाड़ियों की संख्या का कोई आकलन नहीं किया गया है। मंत्री ने कहा, भारी उद्योग मंत्रालय ने जानकारी दी है कि ऐसा कोई आकलन नहीं किया गया है।

    मंत्री ने कहा कि एथनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल को चरणबद्ध, वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित प्रक्रिया के जरिए लागू किया गया है। लैब स्टडी और फील्ड ट्रायल से पुष्टि हुई है कि तय मानकों के तहत ई फ्यूल का इस्तेमाल सुरक्षित है। इन ट्रायल में इंजन, ड्राइव करने की क्षमता, स्टार्ट होने की क्षमता, जंग से बचाव, मटीरियल की अनुकूलता, उत्सर्जन और फ्यूल की क्षमता जैसे पहलुओं को परखा गया।

    मंत्री ने कहा कि देशभर में 23 करोड़ से अधिक वाहन ई15-प्लस और ई19-ई20 फ्यूल पर चल रही हैं। इनमें बड़ी संख्या में पुरानी गाड़ियां भी शामिल हैं। इन वाहनों में एथनॉल मिलाने की वजह से बड़े पैमाने पर इंजन खराब होने या वाहन खराब होने का प्रमाणित साक्ष्य नहीं मिला है।

    मंत्री ने कहा कि ई10 फ्यूल की तुलना में ई20 पेट्रोल से बेहतर एक्सेलरेशन, सुचारू इंजन संचालन, अरामदायक सफर की सुविधा मिलती है। अधिक एथनॉल वाले मिश्रण से ईंधन का दहन बेहतर तरीके से होता है, जिससे हवा की गुणवत्ता में सुधार होता है।

    (समाचार एजेंसी एएनआई के इनपुट के साथ)