Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    दुनिया में हर तीसरा जहाज भारत में होता है रीसाइकिल, 2030 का लक्ष्य समय से पहले पूरा

    Updated: Mon, 22 Jun 2026 11:26 PM (IST)

    भारत वैश्विक जहाज रीसाइक्लिंग में अग्रणी देश बन गया है, जहाँ दुनिया के हर तीन जहाजों में से एक का रीसाइक्लिंग होता है। ...और पढ़ें

    दुनिया में हर तीसरा जहाज भारत में होता है रीसाइकिल

    दुनिया में हर तीसरा जहाज भारत में होता है रीसाइकिल

    HighLights

    1. भारत वैश्विक जहाज रीसाइक्लिंग में अग्रणी देश बना।

    2. मैरीटाइम इंडिया विजन 2030 का लक्ष्य समय से पहले हासिल।

    3. अलंग यार्ड विस्तार से क्षमता दोगुनी करने का लक्ष्य।

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दुनिया में अपनी धाक जमाने के क्रम में भारत वैश्विक जहाज रीसाइक्लिंग में अब अग्रणी देश बन गया है। दुनिया में हर तीन जहाजों में से एक की रीसाइक्लिंग भारत में ही होती है।

    मैरीटाइम इंडिया विजन 2030 के तहत दुनिया का अग्रणी शिप-रीसाइक्लिंग देश बनने का लक्ष्य समय से काफी पहले ही हासिल कर लिया गया है। 2024 में वैश्विक जहाज-रीसाइक्लिंग में भारत की हिस्सेदारी 30.1 प्रतिशत थी, जो 2025 में बढ़कर 35.4 प्रतिशत हो गई है।

    संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास सम्मेलन (अंकटाड) की हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए बयान में कहा गया है कि भारत में जहाज रीसाइक्लिंग 2024 में 1.86 मिलियन ग्रॉस टन (जीटी) से लगभग 60 प्रतिशत बढ़कर 2025 में 2.99 मिलियन जीटी हो गई।

    दुनिया में हर तीसरा जहाज भारत में होता है रीसाइकिल

    इस अवसर पर बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा, 'दुनिया के सबसे बड़े जहाज रीसाइक्लिंग देश के तौर पर भारत का उभरना, लगातार नीतिगत सुधारों, इंडस्ट्री की कोशिशों और पर्यावरण व सुरक्षा मानकों के पालन की सफलता को दिखाता है। इससे जिम्मेदार और टिकाऊ जहाज रीसाइक्लिंग के लिए वैश्विक केंद्र के तौर पर भारत की स्थिति और मजबूत हुई है।'

    जहाज रीसाइक्लिंग और घरेलू जहाज निर्माण को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए। सरकार ने शिप रीसाइक्लिंग कानून लागू किया है। इसका मकसद जहाजों की रीसाइक्लिंग के लिए ऐसा इकोसिस्टम बनाना है जो जहाजों की सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल रीसाइक्लिंग के लिए हांगकांग इंटरनेशनल कन्वेंशन' के अनुरूप हो।

    खबरें और भी

    भारत ने 2019 में इस कन्वेंशन को स्वीकारा था। हांगकांग इंटरनेशनल कन्वेंशन जहाजों के सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल रीसाइक्लिंग के लिए वैश्विक संधि है।

    सरकार ने शिप रीसाइक्लिंग यार्ड के आधुनिकीकरण में मदद के लिए 53.5 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी है। भारत का लक्ष्य अलंग शिप रीसाइक्लिंग यार्ड के प्रस्तावित विस्तार के जरिये अपनी जहाज़ रीसाइक्लिंग क्षमता को लगभग दोगुना करके करीब नौ मिलियन लाइट डिस्प्लेसमेंट टन तक पहुंचाना है।

    (समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

    यह भी पढ़ें- खाद लेकर निकले चार भारतीय जहाजों ने पार किया स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, आपूर्ति में आएगी तेजी