रक्षा-ऊर्जा से सेमीकंडक्टर तक: भारत-मलेशिया की दोस्ती का नया अध्याय, दोनों देशों के संबंधों पर क्या बोले पीएम मोदी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मलेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम ने रक्षा, ऊर्जा, व्यापार, मैन्यूफैक्चरिंग और सेमीकंडक्टर जैसे अहम क्षेत्रों में द्विपक्षीय सं ...और पढ़ें
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने दोनों देशों के मैत्रीपूर्ण रिश्ते को रक्षा, उर्जा, व्यापार, मैन्यूफैक्चरिंग से लेकर सेमीकंडक्टर जैसे अहम सेक्टरों में मजबूती से विस्तार देने की घोषणा की है।
दक्षिण पूर्वी एशिया के पड़ोसी देशों से रिश्ते प्रगाढ़ करने की भारत की एक्ट ईस्ट नीति के तहत प्रधानमंत्री ने अपने मलेशिया दौरे में इन क्षेत्रों में पारस्परिक सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। पीएम मोदी की मलेशिया यात्रा के अंतिम दिन इन क्षेत्रों में सहयोग के 11 समझौतों को लेकर हस्ताक्षर भी हुए।
इस दौरान पारस्परिक आर्थिक हितों को सुदृढ़ करने की पहल के साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने हिंद प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए भी भारत की प्रतिबद्धता जताई।
-1770556247630.jpg)
मलेशिया के साथ संबंध पर पीएम मोदी
आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत की स्पष्ट नीति दोहराते हुए पीएम ने कहा, 'आतंकवाद पर हमारा संदेश स्पष्ट है कि इस पर न कोई दोहरा मापदंड और न कोई समझौता हो सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी की दो दिवसीय मलेशिया यात्रा के अंतिम दिन पीएम इब्राहिम से हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में भी आतंकवाद से लड़ने को लेकर सख्त साझा संदेश दिया गया।
आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति
क्वालालंपुर में मोदी-इब्राहिम बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गया है कि बेशक दोनों प्रधानमंत्रियों ने कठोर शब्दों में आतंकवाद के सभी रूपों और तरीकों की निंदा की, जिसमें सीमा पार आतंकवाद भी शामिल है। पाकिस्तान प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा भारत के लिए अहम है।
संयुक्त वार्ता में मोदी-इब्राहिम ने आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस के रुख का समर्थन करते हुए इसके खिलाफ निरंतर व्यापक लड़ाई के लिए अंतरर्राष्ट्रीय प्रयासों का आह्वान किया।
कट्टरपंथ और हिंसक उग्रवाद का मुकाबला करने, आतंकवाद के वित्तपोषण से लड़ने, सूचना और ज्ञान साझा करने, क्षमता निर्माण में सहयोग के माध्यम से आतंकवादी उद्देश्यों के लिए नई और उभरती प्रौद्योगिकियों का उपयोग रोकने पर दोनों नेता सहमत हुए।
आतंकवाद और अंतर्राष्ट्रीय संगठित अपराध के बीच संबंधों को पहचानते हुए इसके खिलाफ भी सहयोग पर सहमति जताई। संयुक्त राष्ट्र और एफएटीएफ सहित आतंकवाद का मुकाबला करने में द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
-1770556262669.jpg)
भारत-मलेशिया समुद्री पड़ोसी देश
द्विपक्षीय बैठक के बाद अनवर इब्राहिम के साथ अपने मीडिया संबोधन में पीएम नरेंद्र मोदी ने भारत-मलेशिया संबंधों को विशेष बताते हुए कहा, 'हम रणनीतिक विश्वास के माध्यम से आर्थिक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करेंगे। भारत-मलेशिया समुद्री पड़ोसी हैं और सदियों से हमारे गहरे सौहार्दपूर्ण संबंध रहे हैं।'
पीएम मोदी ने आगे कहा, 'ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर, मैनुफैक्चरिंग, डिजिटल इकोनॉमी, बायोटेक, आइटी में निवेश बढ़ा है। सुरक्षा क्षेत्र में हम काउंटर टेररिज्म, इंटेलिजेंस शेयिंरग और समुद्री सुरक्षा के साथ रक्षा सहयोग को भी व्यापक बनाएंगे।'
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, 'एआई और डिजिटल टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा साझेदारी को भी आगे बढाएंगे। यहां हुए सीईओ फोरम ने व्यापार तथा निवेश के नए अवसर खोले हैं और हम रणनीतिक भरोसे से आर्थिक परिवर्तन का रास्ता बनाएंगे।'
मलेशिया में खुलेगा भारत का महावाणिज्य दूतावास
पीएम मोदी ने इस मौके पर मलेशिया में भारत का एक महावाणिज्य दूतावास स्थापित करने की घोषणा करते हुए कहा, 'मलेशिया में भारत के कामगारों के संरक्षण के लिए सामाजिक सुरक्षा समझौता, पर्यटन के लिए मुफ्त ई-वीजा और यूपीआई का मलेशिया में लागू होना दोनों देशों के लोगों के जीवन को सरल करेंगे।'
हिंद-प्रशांत क्षेत्र को विश्व का उभरता ग्रोथ इंजन बताते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'हम आसियान के साथ पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में विकास, शांति और स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध हैं। भारत आसियान की केंद्रीय भूमिका को प्राथमिकता देता है।'
पीएम मोदी ने आगे कहा, 'मलेशिया जैसे मित्र देशों के सहयोग से भारत आसियान से अपने संबंधों को और व्यापक बनाएगा। हम इस पर सहमत हैं कि आसियान-भारत व्यापार समझौते, आयटिगा की समीक्षा शीघ्र पूरी की जानी चाहिए।'
भारत-मलेशिया रिश्तों के लिए इब्राहिम की प्रतिबद्धता की प्रशंसा करते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर हमने चर्चा की, वैश्विक अस्थिरता के इस माहौल में यह मित्रता दोनों देशों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।'
-1770556325116.jpg)
सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता की मांग
वैश्विक महत्व के संस्थाओं के ढांचे में सुधार पर भी दोनों नेताओं ने एक राय जाहिर करते हुए इसे जरूरी बताया। इस मौके पर पीएम इब्राहिम ने कहा, 'भारत के साथ सहयोग के नए अवसरों से मलेशिया को भी बहुत लाभ होगा।
द्विपक्षीय व्यापार के लिए आपसी मुद्राओं रुपए-रिंगिट के उपयोग के फैसले को भी मलेशियाई पीएम ने उल्लेखनीय बताते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के लिए मलेशिया के समर्थन की बात दोहराई।
यह भी पढ़ें- मलेशिया की धरती से पीएम मोदी ने गिनाईं भारत की आर्थिक उपलब्धियां, कहा- विश्वास हमारी सबसे बड़ी पूंजी
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।