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    भारत की रिफाइनरियों ने रूस से तेल खरीदना किया बंद, ट्रंप ने दी थी चेतावनी; विकल्प तलाश रहीं पेट्रोलियम कंपनियां

    Updated: Fri, 01 Aug 2025 02:33 AM (IST)

    भारत की सरकारी तेल रिफाइनरियों ने पिछले सप्ताह रूसी तेल खरीदना बंद कर दिया क्योंकि इस महीने छूट कम हो गई है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को मॉस्को से तेल नहीं खरीदने की चेतावनी दी है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक है। साथ ही यह रूसी कच्चे तेल का सबसे बड़ा खरीदार है जो मॉस्को के लिए राजस्व कमाने का एक महत्वपूर्ण स्त्रोत है।

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    भारत की रिफाइनरियों ने रूस से तेल खरीदना किया बंद (फाइल फोटो)

     रॉयटर, नई दिल्ली। भारत की सरकारी तेल रिफाइनरियों ने पिछले सप्ताह रूसी तेल खरीदना बंद कर दिया, क्योंकि इस महीने छूट कम हो गई है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को मॉस्को से तेल नहीं खरीदने की चेतावनी दी है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक है।

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    रूसी कच्चे तेल का सबसे बड़ा खरीदार है भारत

    साथ ही यह रूसी कच्चे तेल का सबसे बड़ा खरीदार है, जो मॉस्को के लिए राजस्व कमाने का एक महत्वपूर्ण स्त्रोत है। सूत्रों ने बताया कि देश की सरकारी रिफाइनरियों-इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन और मेंगलोर रिफाइनरी पेट्रोकेमिकल लिमिटेड ने पिछले एक सप्ताह में रूस से कच्चे तेल की कोई मांग नहीं की है।

    विकल्प तलाश रहीं भारतीय पेट्रोलियम कंपनियां

    इन कंपनियों और पेट्रोलियम मंत्रालय ने टिप्पणी के लिए रॉयटर के अनुरोधों का तत्काल कोई जवाब नहीं दिया है। सूत्रों ने बताया कि चारों रिफाइनिंग कंपनियां नियमित रूप से रूस से तेल की खरीदारी करती हैं। हालांकि, विकल्प के तौर पर अब उन्होंने पश्चिम एशिया और अफ्रीका जैसे अन्य बाजारों का रुख करना शुरू कर दिया है।

    निजी कंपनियों ने भी किया है रूस के साथ समझौता

    निजी कंपनियों-रिलायंस इंडस्ट्रीज और नायरा एनर्जी का मॉस्को के साथ वार्षिक सौदा है और वे भारत में रूसी तेल के सबसे बड़े खरीदार हैं। 14 जुलाई को ट्रंप ने धमकी दी थी कि अगर मास्को यूक्रेन के साथ कोई बड़ा शांति समझौता नहीं करता है, तो रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया जाएगा।

    सूत्रों के अनुसार, भारतीय रिफाइनरियां रूस से कच्चे तेल का आयात कम कर रही हैं, क्योंकि छूट 2022 के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर आ गई है, जब पश्चिमी देशों ने पहली बार मास्को पर प्रतिबंध लगाया था।

    रूबियो ने कहा, भारत का रूस से तेल खरीदना अमेरिका से संबंधों में बड़ा पेच

    अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने गुरुवार को कहा कि भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद यूक्रेन में मास्को को लड़ाई जारी रखने में मदद कर रही है और यह वाशिंगटन के साथ नई दिल्ली के संबंधों में निश्चित रूप से एक बड़ा पेच है।

    फॉक्स रेडियो को दिए एक साक्षात्कार में रूबियो ने कहा-देखिए, जहां तक वैश्विक व्यापार की बात है भारत एक सहयोगी है। यह एक रणनीतिक साझेदार है। विदेश नीति में आप हर बात पर शत प्रतिशत सहमत नहीं हो सकते।

    भारत की बहुत ज्यादा ऊर्जा जरूरतें हैं- अमेरिका

    रूबियो ने स्वीकार किया कि भारत की बहुत ज्यादा ऊर्जा जरूरतें हैं। इसमें तेल, कोयला, गैस और अपनी अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए जरूरी चीजों की खरीद शामिल है। वह इसे रूस से खरीदता है, क्योंकि रूसी तेल प्रतिबंधित है और सस्ता है। दुर्भाग्यवश इससे रूस को लड़ाई जारी रखने में मदद मिल रही है। इसलिए यह निश्चित रूप से भारत के साथ हमारे संबंधों में एक परेशानी का विषय है।