खाद लेकर निकले चार भारतीय जहाजों ने पार किया स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, आपूर्ति में आएगी तेजी
चार भारतीय जहाज यूरिया, डीएपी और सल्फर लेकर होर्मुज जलडमरूमध्य से भारत के लिए रवाना हुए, जो खाद की आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे। देश में खाद उत्पादन बढ़ने ...और पढ़ें

चार भारतीय जहाजों ने पार किया स्ट्रेट ऑफ होर्मुज। (रॉयटर्स)
HighLights
चार भारतीय जहाजों ने होर्मुज जलडमरूमध्य पार किया।
यूरिया, डीएपी और सल्फर खाद लेकर भारत आ रहे हैं।
खरीफ सीजन के लिए खाद आपूर्ति सुनिश्चित की गई।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। होर्मुज जलडमरूमध्य से सोमवार को तेल टैंकरों की आवाजाही में कुछ बढ़ोतरी देखी गई। सोमवार को चार भारतीय जहाजों ने जलडमरूमध्य को पार करके भारत का रुख किया है। इन जहाजों पर यूरिया, डीएपी और सल्फर लदा हुआ है, जिसे खाद के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा।
पोत निगरानी आंकड़ों के अनुसार, करीब 20 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर जा रहे दो टैंकर जलडमरूमध्य से होकर गुजरे। रविवार को इस मार्ग से आवाजाही कमजोर रही थी, क्योंकि जहाजरानी कंपनियों में सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई थी।
अलग आंकड़ों के मुताबिक, चार-चार लाख बैरल तक तेल ले जाने की क्षमता वाले दो सुपरटैंकर भी सोमवार को होर्मुज के रास्ते खाड़ी क्षेत्र में पहुंचे। इनमें से एक जहाज का गंतव्य इराक का बसरा बंदरगाह बताया गया है।
रसायन एवं खाद मंत्रालय के अनुसार, भारत के लिए चले जहाज कृष्णापत्तनम, काकीनाड़ा, पारादीप और मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचेंगे। एक मार्च के बाद से देश में खाद उत्पादन 133.12 लाख टन पर पहुंच गया है, जबकि मात्र 43.69 लाख टन का ही आयात हुआ है।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि भारत ने अपने हालिया ग्लोबल टेंडर में 17.70 लाख टन यूरिया खरीद का समझौता किया है, जिससे खरीफ सीजन के लिए यूरिया और पी एंड के फर्टिलाइज़र की कुल सप्लाई 90 लाख टन से ज्यादा हो गई है।
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यूरिया की सप्लाई ओमान, मलेशिया, वियतनाम, जार्जिया, नाइजीरिया, रूस, फ़िनलैंड, मिस्र, अल्जीरिया, तुर्की और नीदरलैंड से तय की गई है। डीएपी और एनपीके की सप्लाई रूस, मोरक्को, मिस्र, अमेरिका, जार्डन, दक्षिण कोरिया, ट्यूनीशिया और सऊदी अरब से लाल सागर के रास्ते आ रही है।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)