अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ पर दिखा भारत का दम, बोस्टन की 'ग्रैंड परेड ऑफ सेल्स' में शामिल हुई INS सुदर्शिनी
भारतीय नौसेना के सेल प्रशिक्षण पोत 'आइएनएस सुदर्शिनी' ने बोस्टन में 'ग्रैंड परेड ऑफ सेल्स' में भाग लिया, जो अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ क ...और पढ़ें

INS सुदर्शिनी। फोटो सौजन्य- पीआईबी
HighLights
आइएनएस सुदर्शिनी ने बोस्टन में ग्रैंड परेड ऑफ सेल्स में भाग लिया।
यह 'लोकायन 2026' ट्रांसओशियनिक अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
पोत भारत का समुद्री राजदूत बनकर अंतरराष्ट्रीय सद्भावना बढ़ा रहा है।
पीटीआई, नई दिल्ली। भारतीय नौसेना का सेल प्रशिक्षण पोत 'आइएनएस सुदर्शिनी' ने बोस्टन में 'ग्रैंड परेड आफ सेल्स' में भाग लिया। यह कार्यक्रम न्यूयार्क हार्बर में आयोजित एक भव्य नौसैनिक कार्यक्रम के बाद हुआ, जो अमेरिका की स्वतंत्रता के 250वें वर्षगांठ को चिह्नित करता है। यह पोत 12 जुलाई को बोस्टन पहुंचा था।
न्यूयार्क में सेल-250 समारोह में सफल भागीदारी के बाद आइएनएस सुदर्शिनी ने ग्रैंड परेड आफ सेल्स में भाग लिया, जो सेल बोस्टन 2026 की शुरुआत का प्रतीक है।
बोस्टन में भारतीय महावाणिज्य दूत रघुराम शास्त्री ने ग्रैंड परेड आफ सेल्स के लिए पोत पर सवार होकर बोस्टन में पोत के औपचारिक प्रवेश का नेतृत्व किया।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार तिरंगे के साथ गर्व से चलती आइएनएस सुदर्शिनी ने कैसल आइलैंड और सीपोर्ट डिस्ट्रिक्ट जैसे प्रमुख स्थलों को पार करते हुए बोस्टन फिश पियर पर लंगर डाला।
10 महीने का ट्रांसओशियन अभियान है लोकायन 2026
20 से अधिक देशों के 60 से अधिक विशाल जहाजों के अंतरराष्ट्रीय बेड़े में शामिल होकर आइएनएस सुदर्शिनी अपनी चल रही लोकायन 2026 ट्रांसओशियनिक अभियान के दौरान भारत का समुद्री राजदूत के रूप में प्रतिनिधित्व कर रही है।
लोकायन 2026 पोत का 10 महीने का ट्रांसओशियनिक अभियान है, जो भारतीय नौसेना की समुद्री सहयोग को मजबूत करने, अंतरराष्ट्रीय सद्भावना का निर्माण करने और साझेदार नौसेनाओं के साथ जुड़ाव को गहरा करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह पोत 15 जुलाई तक आगंतुकों के लिए खुला रहेगा।