'जब भी CM भगवान कृष्ण से प्रार्थना करते हैं...', भजनलाल शर्मा को लेकर ये क्या बोल गए राजस्थान के मंत्री
राजस्थान में भारी बारिश से जलभराव की समस्या पर उद्योग मंत्री केके विश्नोई ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की कृष्ण पूजा के कारण बारिश हुई जिसे रोकने के लिए इंद्र देव से प्रार्थना करनी पड़ी। कांग्रेस विधायक हरीश चौधरी ने इस बयान को हास्यास्पद बताया और कहा कि यह मानव निर्मित संकट की जिम्मेदारी भगवान पर डालने जैसा है।

पीटीआई, जयपुर। राजस्थान के कई हिस्सों में जबरदस्त बारिश की वजह से जलभराव और प्रदूषित पानी घरों में घुस गया है। इस मसले पर जब उद्योग एवं वाणिज्य राज्य मंत्री केके विश्नोई से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जब भी भगवान कृष्ण की पूजा करते हैं तो बारिश हो जाती है और इसे रुकवाने के लिए भगवान इंद्र से अनुरोध करना पड़ा है।
विश्नोई ने शनिवार को बाड़मेर के दौरे के दौरान कहा, "बाड़मेर-बालोतरा जिले की हम बात कर रहे हैं, वहां भगवान इंद्र बहुत दयालु हैं। जब भी भाजपा की सरकार बनती है और हमारे मुख्यमंत्री भरतपुर में भगवान कृष्ण की पूजा करते हैं तो यहां इतनी बारिश होती है कि मुख्यमंत्री को भगवान इंद्र से बारिश कम करने के लिए प्रार्थना करनी पड़ती है, ताकि लोग अपना जीवन यापन कर सकें।"
कांग्रेस ने की विश्नोई की टिप्पणी की आलोचना
विश्नोई की टिप्पणी की आलोचना करते हुए बाड़मेर के बायतु विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक हरीश चौधरी ने कहा कि मानव निर्मित संकट की जिम्मेदारी भगवान पर डालना हास्यास्पद है। पूर्व मंत्री ने कहा, "मंत्री ने न केवल वास्तविक मुद्दे से ध्यान भटकाया है, बल्कि यह भी आरोप लगाया है कि सरकार इस मुद्दे को सुलझाने में असमर्थ है और केवल प्रार्थना ही मदद कर सकती है। यह हास्यास्पद है।"
चौधरी ने दावा किया कि जोजरी नदी के आस-पास के इलाके जलमग्न हो गए हैं और दूषित पानी घरों, खेतों और अन्य इमारतों में घुस रहा है। बारिश के दौरान नदी के उफान पर आने पर समस्या और भी बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों ने इसका समर्थन करते हुए कहा कि वे कई सालों से इस समस्या से प्रभावित हैं। जोधपुर और पाली के कारखानों से निकलने वाले प्रदूषकों को नदी में छोड़ने से रोकने के लिए अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
प्रदूषित पानी की समस्या से जूझ रहे कई इलाके
बालोतरा, जोजरी नदी में बहने वाले प्रदूषित पानी की लगातार समस्या से जूझ रहा है। जोधपुर और पाली के कारखानों से निकलने वाले औद्योगिक कचरे को ले जाने वाली यह नदी मानसून के दौरान उफान पर आ जाती है, जिससे बालोतरा के गांवों में काला और बदबूदार पानी भर जाता है।
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