कहानी उस 'आदर्श बहू' की जिसके कारनामों से कांप गया था देश, पढ़ें साइनाइड कांड की इनसाइड स्टोरी
Cyanide Serial Killer Jolly Joseph: केरल की जॉली जोसेफ ने 14 साल में अपने ही परिवार के 6 लोगों को साइनाइड देकर मार डाला। सवाल ये हैं कि आदर्श बहू जॉली ...और पढ़ें

17 साल तक परिवार और पुलिस की आंखों में धूल झोंकने वाली 'साइनाइड लेडी' की कहानी।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। वह स्वभाव से मिलनसार, चेहरे से हंसमुख और सबसे इतनी गर्मजोशी से मिलने वाली कि पहली मुलाकात में ही लोगों की पसंदीदा बन जाती। मोहल्ले की जान और आदर्श बहू की मिसाल थी- सलीकेदार, पढ़ी-लिखी, समझदार, धार्मिक और पेशे से लेक्चरर। ऊंची एड़ी के सैंडल, सोने के गहने और नए कपड़ों की शॉपिंग की खासा शौकीन। उसकी जिंदगी बाहर से किसी परफेक्ट मिडिल क्लास महिला की तरह नजर आती थी।
हरियाली और पहाड़ियों से घिरे केरल के शांत कूडाथायी गांव में 2019 से पहले कोई सोच भी नहीं सकता था कि बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सबकी प्रिय और मुस्कुराती हुई वह महिला एक दिन राज्य ही नहीं, देश की सबसे कुख्यात घरेलू सीरियल किलर के रूप में पहचानी जाएगी।
यह कहानी है केरल के कोझिकोड जिले के पोन्नामट्टम इलाके के कूडाथायी गांव की जॉली जोसेफ की, जिसने 14 साल में अपने परिवार के छह लोगों को साइनाइड जहर देकर मार डाला। उसने सिर्फ क्राइम नहीं, भरोसे का कत्ल किया था।

जॉली जोसेफ शादी के बाद पति रॉय थॉमस और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ। फाइल फोटो
जॉली जोसेफ ने अपने ही परिवार के छह लोगों को क्यों मार डाला, साइनाइड जैसे खतरनाक जहर उसे कैसे मिला? 17 साल तक पुलिस, पड़ोसी व रिश्तेदारों की आंखों में धूल झोंकने के बाद आखिर वह कैसे पकड़ी गई और फिर कैसे नेशनल और इंटरनेशनल मीडिया में सुर्खियों बनी?
जॉली जोसेफ साइनाइड किलर से संबंधित सभी सवालों के जवाब यहां पढ़ें..
.. तो यहां से शुरू होती है कहानी
कूडाथायी गांव के टॉम थॉमस के परिवार की गिनती इलाके के संपन्न परिवारों में होती थी। टॉम का बिजनेस था उनकी पत्नी अनम्मा थॉमस टीचर थीं। दंपती के दो बेटे थे- रॉय थॉमस और रोजो थॉमस और एक बेटी रेंजी थॉमस। रॉय और इडुक्की जिले के कट्टप्पना की जॉली जोसेफ को एक-दूसरे से प्यार हो गया।
जॉली एक किसान परिवार से थी, जहां दो वक्त की रोटी के लिए सबको खेत में जाकर काम करना पड़ता था। जॉली को यह बात पसंद नही थी।
जॉली और रॉय के रिश्ते से पिता टॉम थॉमस खुश नहीं थे, लेकिन मां अनम्मा को जब पता चला कि उसने एम.कॉम की डिग्री ले रखी है तो वह सोचा कि अगर पढ़ी-लिखी है तो जॉब करेगी। बेटा और बहू अच्छे से सेटल हो जाएंगे।

ससुराल की चहेती बहू ने सास को किस बात पर दिया जहर?
खैर, शादी के बाद जॉली ससुराल आई थी तो जल्द ही सबकी चहेती बन गई। परिवार का अच्छे से ख्याल रखती। सबसे अच्छे से बातचीत करती।
कुछ दिनों बाद सास ने कहना शुरू किया- 'तुम इतनी पढ़ी-लिखी हो, तुमको तो कोई भी अच्छी नौकरी मिल जाएगी। तुमको नौकरी करनी चाहिए, लेकिन उसे यह बात रास नहीं आती, क्योंकि वह जानती थी कि उसकी डिग्री फर्जी है।
जॉली जल्द ही प्रेग्नेंट हो गई तो सास ने भी जॉब ज्वाइन करने के लिए कहना छोड़ दिया। जब जॉली का बेटा रेनोल्ड थॉमस दो साल का हो गया तो सास फिर से जॉली को नौकरी शुरू करने के लिए कहने लगी।
फिर एक दिन जॉली के पिता आने वाले थे। जॉली जानती थी कि उसकी सास उसके पिता से नौकरी की बात जरूरत करेंगी और अगर ऐसा हुआ तो उसका झूठ पकड़ा जाएगा।

साल 2002 की बात है। जॉली ने एक शाम सास को मटन सूप बनाकर दिया। कुछ देर बात सास कमरे गईं और छटपटाने लगीं। पूरा परिवार दौड़ा। आनन-फानन अस्पताल ले जाया गया, लेकिन 5 मिनट के भीतर ही डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
साइनाइड सीरियल मर्डर की पहली पीड़ित अनम्मा थी। उनको उम्र संबंधी बीमारियां थी, इसलिए पोस्टमार्टम नहीं कराया। उनकी मौत को सामान्य माना गया और जॉली पर किसी तरह का कोई शक भी नहीं हुआ, जबकि यह तो सिर्फ शुरुआत थी।
सास जैसी इज्जत पाने के लिए नौकरी पर जाने लगी
सास की मौत के बाद जॉली ने पूरे घर की जिम्मेदारी संभाल ली, लेकिन अहसास हुआ कि उसे उसकी सास के बराबर इज्जत नहीं मिल रही है। सास टीचर थीं, इसलिए उनको ज्यादा सम्मान मिलता था।
फिर एक दिन जॉली ने ससुर को बताया- 'वह उसे नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) में गेस्ट लेक्चरर की नौकरी मिल गई है। अभी 40 हजार रुपये सैलरी मिलेगी।'
उसके बाद से वह रोज स्कूटी लेकर गले में एनआईटी का आईडी कार्ड लटकाकर सुबह निकल जाती और शाम को वापस आती। आस-पड़ोस वाले सब उसको सम्मान की नजरों से देखने लगे। सास की मरे छह साल हो गए। उसके घर एक मैथ्यू मंजनूरन नाम के एक शख्स का आना-जाना हो गया।

अक्सर वह उस अनजान शख्स से करीब से मिलती। फोन पर घंटों बातें करती। जब ससुर ने इसको लेकर सवाल किया तो उसने ससुर को भी साइनाइड दे दिया। सास की हत्या के पूरे छह साल बाद ससुर की हत्या की, इसलिए लोगों को उस पर फिर से शक नहीं हुआ।
आखिर पति को क्यों दी बेरहम मौत?
अब बारी पति की थी, लेकिन रॉय इस सबसे पूरी तरह अनजान था। उसका बिजनेस थोड़ा मंदा चल रहा था। उसको जॉली और मैथ्यू मंजनूरन के अफेयर की खबर लग चुकी थी। ऐसे में जब उसने जॉली को तलाक देने की बात कही तो जॉली ने पति के पसंदीदा खाने में साइनाइड मिलाकर खिला दिया।
पति को घबराहट हुई तो वह बाथरूम में भागे। जॉली ने पहले तो बाहर से बाथरूम का दरवाजा बंद कर दिया। जब उसे यकीन हो गया कि जहर असर कर चुका है। तब उसने शोर मचाकर पड़ोसियों को बुलाया। उसके बाद ऑटो रिक्शा से अस्पताल ले जाया गया, जहां रास्ते में ही रॉ की मौत हो गई।
रॉय के अंकल मैथ्यू थॉमस को शक हुआ तो उन्होंने जॉली के रोकने के बावजूद रॉय का पोस्टमार्टम कराया, जिसमें मौत का कारण साइनाइड जहर निकला था।

जॉली ने रॉय के भाई और बहन से कहा- 'रॉय पर बहुत कर्ज हो गया था, इसलिए उन्होंने सुसाइड कर ली।' भाई-बहन जॉली की बात से कन्वेंस भी हो गए। जॉली ने पुलिस को भी यही रीजन दिया और छानबीन बंद हो गई।
बाद में रॉय के अंकल मैथ्यू को जॉली और मैथ्यू मंजनूरन के अफेयर की भनक लगी और उन्होंने टोका तो जॉली ने उसे भी जहर देकर मार दिया। एक के बाद एक मौत के चलते हालात ऐसे हो गए थे कि आसपास के लोग इस परिवार को श्रापित समझकर दूरी बनाने लगे थे।
जॉली ने कैसे हड़पी ससुर की सारी प्रॉपर्टी?
फिर 2012 में जॉली ने सारी प्रॉपर्टी की ओनरशिप अपने नाम करवा ली। इससे पहले जब ससुर टॉम थॉमस की मौत हुई थी तो उसने एक वसीयत लाकर अपने देवर और ननद को दिखाई थी कि ससुर ने सारी प्रॉपर्टी उसके पति रॉय के नाम कर दी है। हालांकि, उस वसीयत पर न गवाहों के हस्ताक्षर थे और न वह नोटरी पर लिखी गई थी, यह बात उन दोनों ने जॉली को बोल भी दी थी।
खैर उस वक्त रॉय के भाई-बहन ने उस वसीयत को संभाल कर रख लिया था। अब जब प्रॉपर्टी की मालिक जॉली बन गई तो रॉय के छोटे भाई ने डॉक्यूमेंट्स की जांच की; पता चला कि वहां दूसरी वसीयत लगी थी और उसमें गवाहों के हस्ताक्षर भी थे और वह नोटरी पर लिखी थी।

साल 2013 में पुरानी और नई वसीयत को आधार बनाकर ननद रेंजी और देवर रोजो ने प्रॉपर्टी की ओनरशिप कैंसिल करा दी। हालांकि, वह उनके भाई की विधवा थी, इसलिए दोनों को उससे सहानुभूति थी।
अच्छी लाइफ के लिए 2 साल की मासूम को बनाया शिकार
रॉय का चचेरा भाई शाजू स्कारिया का बिजनेस अच्छा चल रहा था। शाजू के दो बच्चे- 7 साल का बेटा और 2 साल की बेटी थी। जॉली ने धीरे-धीरे उस परिवार से नजदीकी बढ़ाना शुरू कर दी। साल 2014 में चर्च में पारिवारिक समारोह था, जहां जॉली भी अपने बच्चों के साथ गई थी। सब खाना खाने बैठे शाजू की बेटी अल्फिन ब्रेड खा रही थी।
अचानक वह रोने और तड़पने लगी। कुछ ही मिनट में उसने मां सिली 2 की गोद में ही दम तोड़ दिया। शुरुआत में लगा कि ब्रेड गले में अटक गया, लेकिन पोस्टमार्टम में साइनाइड जहर की पुष्टि हुई
बेटी को खोने के बाद शाजू की पत्नी सिली सदमे में चली गई। जॉली ने इसका पूरा फायदा उठाया। उसके साथ रहती और धीरे-धीरे भरोसा जीत लिया।
साल 2016 में एक दिन किसी शाजू पत्नी सिली को डेंटिस्ट के पास ले गया। जॉली भी साथ थी। वेटिंग हॉल में बैठे थे,तभी जॉली ने शाजू की पत्नी को दवाइयां खाने को दीं। थोड़ी ही देर में सिली बेहोश हो गई और अस्पताल में ही दम तोड़ दिया।
शाजू की पत्नी के निधन पर जब रॉय के भाई-बहन पहुंचे तो उनको कुछ चीजें अजीब लगीं। ननद रेंजी को शक भी हुआ कि दाल में कुछ काला है। पर उसने किसी से कुछ कहा नहीं। एक साल बाद शाजू की पत्नी की बरसी हुई और 2017 में शाजू और जॉली जोसेफ ने शादी कर ली। जब खबर रेंजी को मिली तो उसका शक बढ़ गया।

साइनाइड हत्याकांड की आरोपी जॉली जोसेफ अपने दूसरे पति शाजू के साथ। फाइल फोटो
जॉली की ननद रेंजी ने एक इंटरव्यू में बताया,
मेरा दिमाग में कई सवाल घूम रहे थे। न जाने क्यों बार-बार मेरे शक की सुई जॉली पर जा रही थी। मैंने अपने भाई की पोस्टमार्टम रिपोर्ट निकाला और उसे पढ़ना शुरू किया। फिर मैंने देखा कि जॉली ने रॉय के खाना खाने और मौत के समय को लेकर जो जानकारी दी थी, वो रिपोर्ट में दी गई जानकारी मैच नहीं हो रही हैं। इसके बाद मैंने रिसर्च की और सबूत जुटए।
फिर रेंजी केरल पुलिस के DSP के. जी साइमन से समय लेकर मिली। पूरी कहानी सुनाई और सारे सबूत दिए। साइमन ने पहले खुद जांच की और फिर मामला क्राइम ब्रांच को दिया।

जॉली जोसेफ की ननद रेंजी थॉमस। फोटो- करी एंड साइनाइए
झूठ की जिंदगी जी रही थी जॉली
पुलिस ने जब जॉली के खिलाफ जांच शुरू की तो सबसे पहले एनआईटी पहुंची, क्योंकि जॉली ने दावा किया था कि वह एनआईटी में लेक्चरर है। वहां पुलिस को जानकारी मिली कि उसका आईडी कार्ड फर्जी है। संस्थान में उसने कभी काम ही नहीं किया।
इतना ही नहीं, उसकी सारी डिग्री फर्जी थीं। वह सिर्फ 12वीं पास थी। यानी कि उसकी बीकॉम और एम. कॉम की डिग्री फर्जी और लेक्चरर की पहचान नकली निकली।
पुलिस ने जॉली जोसेफ को कब गिरफ्तार किया?
क्राइम ब्रांच ने 2019 में जांच शुरू की। फिर पहली हत्या के करीब पूरे 18 साल बाद जॉली जोसेफ को हिरासत में लिया।
रिटायर्ड DSP के. जी साइमन के मुताबिक,
शुरुआत में उसने पुलिस के साथ कोऑपरेट नहीं किया, लेकिन जब पुलिस ने एक के बाद एक सबूत दिखाने शुरू किए, तब उसने अपने गुनाह कबूलना शुरू किया। अब पेच फंसा कि 2002 से 2016 बीच की गईं हत्याओं में गवाह कहां से लाए जाएं। ऐसी स्थिति में सभी छह कब्रों को खोदकर हड्डियों की जांच की गई।

जॉली जोसेफ केस में चार्जशीट कब और कितने पन्नों की?
केरल पुलिस ने 10 दिसंबर, 2020 को साइनाइड किलर जॉली जोसेफ के खिलाफ पहली 1,800 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। यह चार्जशीट रॉय थॉमस (पहले पति) की हत्या के मामले में दायर की गई थी।
इसमें 246 गवाह, 22 सबूत और 322 दस्तावेज शामिल किए गए थे। इसके बाद में पुलिस ने बाकी 5 मौतों के मामलों में भी अलग-अलग चार्जशीट्स दाखिल कीं।
साइनाइड हत्याकांड में जॉली के साथ उसका दूसरा पति शाजू, ज्वेलरी कारीगर मैथ्यू मंजनूरन और प्रजीश कुमार समेत कुछ रिश्तेदारों को भी आरोपी बनाया गया। यह मामला केरल की थलसेरी सेशंस कोर्ट (Sessions Court) में चल रहा है।
आखिरी और सबसे जरूरी सवाल- साइनाइड कैसे मिला?
साइनाइड जैसे खतरनाक जहर आम लोगों की पहुंच से दूर है। इसके लिए लाइसेंस लेना होता है तो फिर यह जॉली को कैसे मिला? पुलिस के मुताबिक, जॉली को साइनाइड मैथ्यू मंजनूरन और प्रजीश कुमार ने दिया। ये दोनों ज्वेलरी शॉप में काम करते थे। वहां सोने-चांदी का साफ करने के लिए साइनाइड का इस्तेमाल होता।

जॉली अभी जेल में है या बाहर है?
छह हत्याओं के आरोप में जॉली जोसेफ अभी जेल में ही है। 2024 में उसके वकील ने जमानत याचिका दायर की थी, लेकिन अदालत ने याचिका खारिज कर दी थी।
बता दें कि साइनाइड किलर जॉली जोसेफ पर Netflix पर 'करी एंड साइनाइड' नाम से एक डॉक्यूमेंट्री भी बनी है। इसके अलावा किताबें भी लिखी गई हैं।
जॉली जोसेफ केस की टाइमलाइन
- 1997 – रॉय थॉमस की जॉली जोसेफ से शादी हुई।
- 2002 – सास अन्नम्मा की मटन सूप पीने से अचानक मौत; कोई जांच नहीं।
- 2008 – ससुर टॉम थॉमस की टैपिओका खाने के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत।
- 2011 – पति रॉय थॉमस की मौत; पोस्टमार्टम में सायनाइड मिला, जांच नहीं हुई।
- 2014 – रॉय के अंकल मैथ्यू की संदिग्ध मौत; परिवार ने इसे प्राकृतिक माना।
- 2014 – शाजू की 2 साल की बेटी की चर्च फंक्शन में ब्रेड खाने से मौत।
- 2016 – शाजू की पत्नी सिली की डेंटल क्लिनिक में अचानक मौत; जॉली मौजूद थी।
- 2017 – जॉली और शाजू स्कारिया की शादी; परिवार के शक बढ़ने लगे।
- 2018 – जॉली की ननद रेंजी थॉमस ने पुलिस से मौतों की जांच की मांग की।
- 2019 (सितंबर) – केरल पुलिस ने छह मौतों में जांच शुरू की और SIT गठित की।
- 2019 (अक्टूबर) – जॉली जोसेफ को गिरफ्तार किया गया; 6 हत्याओं का आरोप लगा।
- 2019 (अक्टूबर) – सायनाइड सप्लाई करने वाले मैथ्यू मंजनूरन और प्रजीश भी गिरफ्तार।
- 2019 (नवंबर) – पुलिस ने केस को 'Koodathayi Cyanide Murders'नाम दिया।
Source:
- जागरण अर्काइव
- नेटफ्लिक्स पर आई डॉक्यूमेंट्री- 'करी एंड साइनाइड: द जॉली जोसेफ केस'।
- यूट्यूब डॉक्यूमेंट्री - जॉल जोसेफ: केरला फैमिली किलर
- फोटोज: जागरण आर्काइव के फोटो और करी एंड साइनाइड के दृश्य को इस्तेमाल किया गया है।
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