खेमचंद सिंह बने मणिपुर के मुख्यमंत्री, कुकी नेता किपगेन होंगी डिप्टी सीएम
मणिपुर में नई सरकार का गठन हुआ है, जिसमें वरिष्ठ भाजपा नेता वाई. खेमचंद सिंह ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। कुकी समुदाय की नेमचा किपगेन उपमुख्यमंत्री बन ...और पढ़ें
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खेमचंद सिंह ने मणिपुर के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मणिपुर में नई सरकार के गठन हो गया है। वरिष्ठ भाजपा नेता वाई. खेमचंद सिंह ने बुधवार को मणिपुर के नए मुख्यमंत्री के पद की शपथ ली।
वहीं, कुकी समुदाय की पूर्व मंत्री नेमचा किपगेन को उपमुख्यमंत्री पद दिया गया। खेमचंद को मंगलवार को भाजपा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के विधायक दल का नेता चुना गया था।

राज्यपाल संग बैठक के बाद सरकार बनाने का दावा
बुधवार को खेमचंद ने राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया। गौरतलब है कि राज्य में 2023 में सुलगी जातीय हिंसा के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने पिछले साल नौ फरवरी को इस्तीफा दे दिया था।
इसके बाद राज्य में 13 फरवरी, 2025 से राष्ट्रपति शासन है। 60 सदस्यीय विधानसभा निलंबित है। विधानसभा का कार्यकाल 2027 तक है।
इंफाल घाटी में रहने वाले मैतेयी और आसपास की पहाडि़यों में रहने वाले कुकी लोगों के बीच हुई जातीय हिंसा में 260 से अधिक लोग मारे गए और हजारों लोग बेघर हो गए।

भाजपा के 37 विधायक
भाजपा विधायक दल ने राज्य भाजपा मुख्यालय में आयोजित बैठक में खेमचंद को अपना नेता चुना। इस बैठक में भाजपा के 37 विधायकों में से 35, पार्टी के केंद्रीय पर्यवेक्षक तरुण चुघ, पूर्वोत्तर राज्यों के प्रभारी संबित पात्रा और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ए. शारदा देवी सहित अन्य लोगों की मौजूदगी रही।
बीमार होने के कारण भाजपा के दो विधायक बैठक में शामिल नहीं हुए। किपगेन को भी नई सरकार में उपमुख्यमंत्री चुना गया था।
इसके बाद मणिपुर भवन में एक और बैठक हुई, जिसमें मणिपुर में राजग के घटक दलों के विधायक - नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के छह, नागा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के पांच और तीन निर्दलीय और भाजपा के विधायक मौजूद रहे। इस बैठक में खेमचंद को राजग विधायक दल का नेता और किपगेन को उपनेता चुना गया।
सिंह का मैतेयी, कुकी और नगा के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध
राजग के सदस्य और निर्दलीय विधायक सपाम निशिकांत सिंह ने कहा कि खेमचंद सिंह के मणिपुर के तीनों प्रमुख समुदायों - मैतेयी, कुकी और नगा के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध हैं और इसलिए वे राजग विधायक दल के नेता के लिए स्वाभाविक पसंद थे।
पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह और विधानसभा अध्यक्ष सत्यब्रता सिंह दोनों बैठकों में उपस्थित थे। इस समय मणिपुर में भाजपा के 37 विधायक हैं। 2022 के विधानसभा चुनावों में भाजपा के 32 उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी।
जदयू ने छह सीटें जीती थीं, जिनमें से पांच विधायक बाद में भाजपा में शामिल हो गए। विधानसभा में नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के छह, नगा पीपुल्स फ्रंट के पांच, कांग्रेस के पांच, कुकी पीपुल्स अलायंस के दो, जदयू के एक और तीन निर्दलीय विधायक हैं। एक विधायक के निधन के कारण एक सीट रिक्त है।
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