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    मुंबई का मेयर कौन, शिंदे गुट खेलेगा पावर शेयरिंग का दांव? बहुमत के बावजूद सस्पेंस बरकरार

    Updated: Sun, 18 Jan 2026 10:13 AM (IST)

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका में भाजपा-शिंदे गठबंधन को बहुमत मिलने के बावजूद मुंबई मेयर पद पर अनिश्चितता बनी हुई है। शिंदे गुट 2.5 साल के लिए मेयर पद और प् ...और पढ़ें

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    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की 227 सीटों वाली परिषद में भाजपा और एकनाथ शिंदे गुट वाली शिवसेना के गठबंधन को स्पष्ट बहुमत हासिल होने के बाद भी, शहर के अगले मेयर की कुर्सी पर सस्पेंस बरकरार है।

    हालांकि नियमों के अनुसार सबसे बड़ी पार्टी को मेयर पद मिलना अनिवार्य नहीं है, लेकिन इतिहास गवाह है कि बहुमत वाली पार्टियां अक्सर इस पद पर काबिज होती हैं।

    भाजपा ने 89 सीटों पर जीत दर्ज की, शिंदे गुट की शिवसेना ने 29 सीटें हासिल कीं, जबकि उद्धव ठाकरे वाली शिवसेना (यूबीटी) 65 सीटों के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। पिछली मेयर किशोरी पेडनेकर, जो शिवसेना से थीं, ने इस बार भी अपनी सीट जीती है।

    शिवसेना (यूबीटी) का कड़ा रुख

    इन सबके बीच शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने आक्रामक रवैया अपनाया है। उन्होंने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनका गुट भाजपा से डर गया है।

    मातोश्री में नवनिर्वाचित पार्षदों को संबोधित करते हुए उद्धव ने कहा, 'बीजेपी भले ही दावा करे कि शिवसेना कागजों पर खत्म हो गई है, लेकिन वह जमीन पर इसे खत्म करने में नाकाम रही है और सभी तरीके अपनाने के बावजूद वफादारी नहीं खरीद सकती।'

    पावर शेयरिंग की मांग

    शनिवार को शिंदे गुट की शिवसेना ने अपने नवनिर्वाचित पार्षदों को मुंबई के एक आलीशान होटल में ट्रांसफर कर दिया, जिससे राजनीतिक हलचल और तेज हो गई। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह कदम चुनावी थकान दूर करने के लिए उठाया गया है।

    शिंदे ने पार्षदों को बधाई दी, जबकि पार्षद अमे घोल ने बताया कि उपमुख्यमंत्री शहर के विकास योजनाओं, घोषणा-पत्र के क्रियान्वयन और पांच वर्षीय रोडमैप पर चर्चा करेंगे।

    शिवसेना पदाधिकारियों ने दावा किया कि पार्टी पावर शेयरिंग फॉर्मूले के तहत पहले 2.5 वर्षों के लिए मेयर पद की दावेदारी करेगी, क्योंकि भाजपा के पास अकेले मेयर नियुक्त करने की सीट नहीं है। उन्होंने स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैनशिप समेत प्रमुख समितियों के पदों का बंटवारा भी मांगा है।

    कोई मतभेद नहीं: फडणवीस

    इस सब के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पाला बदलने की अफवाहों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि मुंबई में आम सहमति से महायुति मेयर बनेगा।

    एकनाथ शिंदे, मैं और दोनों पार्टियों के अन्य नेता मिलेंगे और मिलकर यह फैसला करेंगे कि मुंबई का मेयर कौन होगा और कितने समय के लिए? कोई मतभेद नहीं होगा। सब कुछ सुचारू रूप से चलेगा। साथ मिलकर, हम मुंबई को कुशलता से चलाएंगे।'

    उद्धव की 'देव' (भगवान) द्वारा शिवसेना (यूबीटी) की मदद वाली टिप्पणी पर चुटकी लेते हुए फडणवीस बोले कि उन्हें भी 'देवा' कहा जाता है और ऊपर वाले भगवान ने तय किया है कि महायुति का मेयर होगा।'

    वहीं, शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा कि विपक्ष के पास सत्ता पक्ष को चुनौती देने की पर्याप्त संख्या है, लेकिन वे लोकतंत्र का सम्मान करेंगे।

    नगर निगम सूत्रों के मुताबिक, मेयर चुनाव 28 जनवरी 2026 को हो सकता है, जब नगर सचिव और आयुक्त द्वारा विशेष बैठक बुलाई जाएगी। चुनाव सदन में पार्षदों के मतदान से होगा।