साख पर सवाल: एअर इंडिया के लगभग तीन-चौथाई विमान तकनीकी रूप से 'बीमार', सरकार ने संसद में दी जानकारी
सरकार ने लोकसभा में बताया कि एअर इंडिया ग्रुप के 267 विमानों से संबंधित विश्लेषण से पता चला कि इनमें से लगभग तीन-चौथाई विमानों में बार बार गड़बडि़यां ...और पढ़ें

एअर इंडिया के 267 विमानों में से लगभग तीन-चौथाई विमानों में बार बार सामने आईं गड़बड़ियां
पीटीआई, नई दिल्ली। सरकार ने लोकसभा में बताया कि एअर इंडिया ग्रुप के 267 विमानों से संबंधित विश्लेषण से पता चला कि इनमें से लगभग तीन-चौथाई विमानों में बार बार गड़बडि़यां सामने आईं।
छह एयरलाइन कंपनियों के कुल 754 विमानों में से पिछले जनवरी से कुल 377 विमानों में बार बार गड़बड़ियों का पता चला है। इंडिगो के 405 विमानों में से 148 विमानों में बार बार समस्याएं आईं।
नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहाल ने प्रश्न के उत्तर में बताया कि एअर इंडिया के 166 विमानों में से 137 विमानों में बार बार गड़बडि़यों की पहचान की गई, जबकि एअर इंडिया एक्सप्रेस के 101 विमानों में से 54 विमानों में बार बार समस्याएं आईं।
कुल मिलाकर, एअर इंडिया समूह (एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस) के 267 विमानों का विश्लेषण किया गया, जिनमें से 191 में बार बार गड़बडि़यों की पहचान हुई। स्पाइसजेट के 43 विमानों का विश्लेषण किया गया, जिनमें से 16 विमानों में बार बार समस्याओं की पहचान की गई।
अकासा एयर के विमानों 32 विमानों में से कुल 14 विमानों में बार बार दिक्कतें आईं। इस डाटा पर एअर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा, हमने अपनी पूरी बेड़े में सावधानी बरतते हुए जांच की है। इसलिए संख्या अधिक है।
अन्य प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने कहा कि 2022 में डीजीसीए में 637 स्वीकृत तकनीकी पद थे। स्वीकृत तकनीकी पदों की संख्या बढ़ाकर 1063 कर दी गई है।
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री ने गुरुवार को बताया कि पिछले तीन वर्षों में उड़ानों में तकनीकी समस्याओं के मामलों में कमी आई है।
पिछले वर्ष इस तरह की केवल 353 घटनाएं हुईं। 2024 में 421 तकनीकी समस्याएं सामने आईं। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने सभी विमान और हवाईअड्डा ऑपरेटरों की नियमों और नागरिक उड्डयन आवश्यकताओं के अनुपालन की निगरानी के लिए व्यवस्थित सुरक्षा निगरानी तंत्र स्थापित किया है।
एएआइ और तीन विमानन नियामकों में 2,645 पद रिक्त
लोकसभा में अन्य प्रश्न के लिखित उत्तर में नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री ने बताया कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआइ) और तीन विमानन नियामकों डीजीसीए, बीसीएएस और एईआरए में 2,645 पद रिक्त हैं। उन्होंने कहा कि डीजीसीए में 787 रिक्तियां हैं।
एएआइ 1,667 रिक्तियां हैं। रिक्तियों को भरने के लिए समय-समय पर उचित कदम उठाए जाते हैं। नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) में 180 और एयरपोर्ट्स इकोनामिक रेगुलेटरी अथारिटी आफ इंडिया (एईआरए) में 11 पद रिक्त हैं। अन्य प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि पिछले तीन महीनों में इंडिगो ने कुल 6,936 उड़ानें रद कीं, जिससे 10,81,680 यात्रियों पर प्रभाव पड़ा।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।