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    भारतीय मूल के निक झंगियानी संभालेंगे Johnnie Walker बनाने वाली Diageo की कमान, बुरे दौर से गुजर रही कंपनी

    Updated: Thu, 17 Jul 2025 11:29 PM (IST)

    Nik Jhangiani भारतीय मूल के निक झंगियानी जिन्होंने मुंबई से न्यूयॉर्क तक का सफर तय किया अब डियाजियो के अंतरिम सीईओ बने हैं। 30 वर्षों से अधिक के वित्तीय अनुभव के साथ उन्होंने यह मुकाम अपनी मेहनत से हासिल किया है। डियाजियो जॉनी वॉकर व्हिस्की और गिनीज बियर जैसे ब्रांडों के लिए जानी जाती है।

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    Diageo कंपनी ने बुधवार को ऐलान किया कि निक अब कंपनी की कमान संभालेंगे।

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मुंबई से न्यूयॉर्क तक का सफर तय करने वाले भारतीय मूल के कारोबारी निक झंगियानी (Nik Jhangiani) अब दुनिया की सबसे बड़ी शराब कंपनी डियाजियो के अंतरिम मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO of Diageo)बन गए हैं।

    30 साल से ज्यादा का वित्तीय अनुभव रखने वाले निक ने अपनी मेहनत और काबिलियत से ये मुकाम हासिल किया है। डियाजियो जॉनी वॉकर व्हिस्की और गिनीज बियर जैसी मशहूर ब्रांड्स के लिए जानी जाती है। कंपनी ने बुधवार को ऐलान किया कि निक अब कंपनी की कमान संभालेंगे।

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    पिछले साल कंपनी के सीएफओ बने थे निक

    निक ने पिछले साल ही डियाजियो में मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) का पद संभाला था। अब वह डेब्रा क्रू की जगह ले रहे हैं, जिन्होंने दो साल बाद सीईओ का पद छोड़ दिया।

    कंपनी पिछले 12 महीनों में मुश्किलों से जूझ रही है। इसकी शेयर कीमत में 20% की गिरावट आई है और अब कंपनी 500 मिलियन डॉलर की लागत बचत पर ध्यान दे रही है।

    भारत में हैं निक झंगियानी की जडें

    निक झंगियानी का करियर शानदार रहा है। उन्होंने भारत में भारती एंटरप्राइजेज में ग्रुप सीएफओ के तौर पर काम किया और फिर 12 साल तक कोका-कोला में अहम जिम्मेदारी निभाई। सितंबर 2024 में वह डियाजियो से जुड़े। न्यू जर्सी के रटगर्स बिजनेस स्कूल से 1988 में ग्रेजुएट होने वाले निक न्यूयॉर्क में सर्टिफाइड पब्लिक अकाउंटेंट भी हैं।

    उन्होंने अमेरिका, यूरोप, भारत और अफ्रीका में वरिष्ठ वित्तीय नेतृत्व की भूमिकाएं निभाई हैं। उनकी साफ-सुथरी बातचीत और आत्मविश्वास ने निवेशकों का दिल जीत लिया है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, निक की तुलना में उनकी पूर्ववर्ती डेब्रा क्रू को शेयरधारकों का भरोसा जीतने में मुश्किल हुई थी।

    कठिन राह है डगर पनघट की

    रायटर्स के मुताबिक, निक स्थायी सीईओ के लिए मजबूत दावेदार हैं। लेकिन चुनौतियां भी कम नहीं। नए सीईओ को कंपनी का कर्ज कम करना होगा और ग्रोथ को दोबारा पटरी पर लाना होगा।

    अमेरिका डियाजियो का सबसे बड़ा बाजार है, वहां आयात शुल्क बढ़ने का खतरा है। इसके साथ ही, कैनबिस ड्रिंक्स जैसे शराब के विकल्पों का चलन भी बढ़ रहा है।

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