Friendship Day पर भामा और कामची हो रहे ट्रेंड, IAS ने शेयर की 55 साल पुरानी अटूट दोस्ती की कहानी
आईएएस अधिकारी सुप्रिया साहू ने फ्रेंडशिप डे पर नीलगिरी के मुदुमलाई हाथी शिविर में भामा और कामची नामक दो हाथियों की 55 साल पुरानी अटूट दोस्ती की कहानी साझा की। दोनों हाथी साथ खाना खाते हैं आराम करते हैं और गन्ने भी साथ मांगते हैं। सुप्रिया साहू ने इस असाधारण रिश्ते को प्रेम और निष्ठा का प्रतीक बताया।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कहते हैं कि हाथियों की याददाश्त बहुत अच्छी होती है, वो न तो कभी दुश्मनी भूलते हैं और न ही दोस्ती। हाथियों को एक ऐसा जानवर माना जाता है, जो इंसानों के साथ भी अच्छा बॉन्ड रखते हैं। एक भारतीय प्रशासनिक अधिकारी ने दो हाथियों के बीच असाधारण दोस्ती की कहानी शेयर की है, जो 55 सालों से भी अधिक समय से अटूट है।
फ्रेंडशिप डे पर सुप्रिया साहू ने नीलगिरी के मुदुमलाई में थेप्पाकाडु हाथी शिविर में 75 साल के भामा और 65 साल के कामची नाम के दो हाथियों को देखा था। आईएएस अधिकारी ने रविवार को लिखा, "इस फ्रेंडशिप डे पर, हम एक ऐसे रिश्ते का जश्न मना रहे हैं जो समय की कसौटी पर खरा उतरा है, इंसानों के बीच नहीं, बल्कि दो शानदार हाथियों के बीच भी।" उन्होंने दोनों हाथियों का एक वीडियो भी पोस्ट किया जिसमें वे साथ-साथ टहल रहे हैं।
लगता है जैसे साथ जीने-मरने की खाई हो कसम
भामा और कामची दशकों से एक-दूसरे के साथ हैं। साथ खाना खाते हैं, साथ आराम करते हैं, और यहां तक कि एक जोड़ी के रूप में गन्ने भी मांगते हैं। साहू ने कहा, "उनके लिए दोस्ती ही सब कुछ है।" उन्होंने लिखा, "यह भामा और कामची के लिए है, जो प्रेम, निष्ठा और आजीवन मित्रता के चिरस्थायी प्रतीक हैं।" साथ ही उन्होंने फ्रेंडशिप डे हैशटैग भी लगाया।
This Friendship Day, we celebrate a bond that has stood the test of time not between humans, but between two magnificent elephants. Bhama (age 75) and Kamatchi (age 65), have been inseparable best friends at our Theppakadu Elephant Camp at , Mudumalai, Nilgiris for over 55 years.… pic.twitter.com/pmIrU8HiUT
— Supriya Sahu IAS (@supriyasahuias) August 3, 2025
सोशल मीडिया पर आए जबरदस्त रिएक्शन
एक यूजर ने टिप्पणी की, "हैप्पी फ्रेंडशिप डे मैडम! इन अद्भुत प्राणियों की दोस्ती के महान उदाहरण प्रस्तुत किए गए हैं!" किसी ने इन जानवरों के लंबे वीडियो की रिक्वेस्ट की तो एक ने लिखा, "इन दो कोमल आत्माओं को दुआएं दीजिए। हम इनसे अपने जीवन के कुछ सबक सीखें।"
तमिलनाडु वन विभाग की ओर से मैनेज किए जाने वाला थेप्पाकाडू हाथी शिविर, एशिया के सबसे पुराने शिविरों में से एक है और वर्तमान में 30 हाथियों का घर है।
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