'वो 88 घंटे बयां करते हैं पाकिस्तान के नुकसान की कहानी', एयर मार्शल ने बताया- पड़ोसी देश को क्यों करना पड़ा सरेंडर
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को भारी नुकसान हुआ। उन्होंने बताया कि भारतीय सेना का आधुनिकीकरण सही दिशा में है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पांचवीं पीढ़ी के स्टेल्थ फाइटर जेट (एएमसीए) के डिजाइन और उत्पादन को मंजूरी दी है। सेना के एकीकरण के प्रयास कारगिल युद्ध के बाद से ही जारी हैं।

पीटीआई, नई दिल्ली। एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने शनिवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को जबरदस्त नुकसान पहुंचाया गया और संघर्ष के वे 88 घंटे इसके बारे में बहुत कुछ बताते हैं क्योंकि ''कोई भी स्वाभिमानी राष्ट्र या सशस्त्र बल इतने कम समय में आत्मसमर्पण नहीं करेगा''।
यहां आयोजित एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम में एकीकृत रक्षा स्टाफ (सीआइएससी) के प्रमुख एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों का आधुनिकीकरण ''पटरी पर'' है।
पांचवीं पीढ़ी के स्टेल्थ फाइटर जेट के उत्पादन को मिली मंजूरी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में भारत के महत्वाकांक्षी पांचवीं पीढ़ी के स्टेल्थ फाइटर जेट - उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान (एएमसीए) के डिजाइन और उत्पादन को मंजूरी दी है। चीन द्वारा पाकिस्तान को पांचवीं पीढ़ी के जे-35 स्टेल्थ जेट विमानों की आपूर्ति संबंधी रिपोर्ट के बारे में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, ''हमें इस खबर की जानकारी है और हम इस पर करीबी नजर रख रहे हैं।''
सेना के एकीकरण के प्रयास बहुत पहले हुए थे शुरू
तीनों सेनाओं के अधिकारियों ने इस बात पर भी जोर दिया है कि भारतीय सेना को पाकिस्तानी सेना द्वारा विकसित की जा रही क्षमताओं के खिलाफ ''रक्षा और आक्रमण'' का निर्माण करना होगा। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए भारतीय सेना के एकीकरण से संबंधित कारकों के बारे में पूछे जाने पर एयर मार्शल दीक्षित ने कहा कि सेना के एकीकरण और समन्वय के प्रयास 1999 के कारगिल युद्ध के बाद ही शुरू हो गए थे। इसके बाद हेडक्वार्टर इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (एचक्यू आइडीएस) की स्थापना की गई जिसका मुख्य काम एकीकरण एवं समन्वय बनाना था।
उन्होंने कहा, ''यह आपरेशन इतने लंबे समय के प्रयासों का परिणाम था और हमें संतुष्टि देता है कि हम जो कुछ भी कर रहे हैं, सही तरीके से कर रहे हैं।'' उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के बारे में कहा, ''लक्ष्यों का चयन, खुफिया योजना, संयुक्त योजना, समन्वय, सब कुछ बहुत अच्छे से हुआ।''
यह ऑपरेशन पहलगाम हमले के जवाब में सात मई को शुरू किया गया था, जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में कई आतंकी ढांचों पर सटीक हमले किए गए। इसके बाद पाकिस्तानी सेना ने भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों और नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाया और भारत ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए नूर खान और रहीम यार खान सहित पाकिस्तान के कई प्रमुख हवाई ठिकानों को नुकसान पहुंचाया। दोनों पक्षों के बीच समझौता होने के बाद 10 मई की शाम को लगभग चार दिनों तक चला सैन्य संघर्ष समाप्त हो गया।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।