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    जी-7 शिखर सम्मेलन में PM मोदी ने ग्लोबल साउथ पर क्यों दे रहे जोर, चीन को लगेगी मिर्ची

    By Agency Edited By: Piyush Kumar
    Updated: Tue, 17 Jun 2025 11:22 PM (IST)

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कनाडा के कैलगरी में जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे हैं। वे वैश्विक नेताओं से मुलाकात कर ग्लोबल साउथ समेत महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार रखेंगे। प्रधानमंत्री को कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने आमंत्रित किया है। सम्मेलन में ऊर्जा सुरक्षा प्रौद्योगिकी और निवेश पर चर्चा होगी। यह सम्मेलन भारत और कनाडा के संबंधों को सुधारने का संकेत है।

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    जी-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने कनाडा के कनैनिस्किस पहुंचे पीएम मोदी।(फोटो सोर्स: पीटीआई)

    पीटीआई, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि वह कनाडा के कनैनिस्किस में जी-7 शिखर सम्मेलन में वैश्विक नेताओं से मुलाकात के दौरान ग्लोबल साउथ समेत महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखेंगे। तीन देशों के चार दिवसीय दौरे पर निकले प्रधानमंत्री स्थानीय समयानुसार सोमवार शाम यहां पहुंचे और एक दशक में उनकी कनाडा की यह पहली यात्रा है।

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    कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने सम्मेलन के लिए उन्हें आमंत्रित किया है। पीएम मोदी की जी-7 सम्मेलन में यह लगातार छठी भागीदारी है। वह साइप्रस से कनाडा पहुंचे और यहां से क्रोएशिया की यात्रा करेंगे।

    प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार शाम एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए कनाडा के कैलगरी पहुंच गया हूं। शिखर सम्मेलन में विभिन्न नेताओं से मुलाकात करूंगा और महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर अपने विचार साझा करूंगा। ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं पर भी जोर दूंगा।'

    क्या है 'ग्लोबल साउथ'?

    दरअसल, आर्थिक रूप से कम विकसित देशों या विकासशील देशों को संदर्भित करने के लिए 'ग्लोबल साउथ' शब्द का इस्तेमाल होता है। यह देश खासकर एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका में मौजूद हैं। इस शब्द का उपयोग पहली बार शीत युद्ध के दौरान किया गया था।

    ग्लोबल साउथ देशों के सामने मुख्य रूप से आर्थिक और सामाजित चुनौतियां हैं, जैसे गरीबी का बढ़ता स्तर, जनसंख्या बढ़ोतरी, कम इनकम, रहने के लिए जगह की कमी, शिक्षा के सीमित मौके, पर्याप्त स्वास्थ्य सिस्टम का न होना।

    सात मई को भारत ने ऑपरेशन सिंदूर को दिया था अंजाम 

    प्रधानमंत्री सम्मेलन से इतर कई द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। यह सम्मेलन भारत के आपरेशन सिंदूर के एक महीने बाद हो रहा है। गत 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत ने सात मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और गुलाम जम्मू-कश्मीर में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर हवाई हमले किए थे।

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी-7 शिखर सम्मेलन के लिए कनाडा पहुंचे हैं। वह ऊर्जा सुरक्षा के भविष्य के साथ ही विविधीकरण, प्रौद्योगिकी, बुनियादी ढांचे और निवेश पर जी-7 चर्चाओं में भाग लेंगे ताकि बदलती दुनिया में पहुंच और साम‌र्थ्य सुनिश्चित की जा सके। प्रधानमंत्री सम्मेलन से इतर द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे।'

    उल्लेखनीय है कि कार्नी की ओर से पीएम मोदी को जी-7 सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया जाना भारत और कनाडा के बीच संबंधों को सुधारने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। भारत और कनाडा के आपसी संबंध सितंबर, 2023 में तब खराब होने शुरू हुए थे जब तत्कालीन पीएम जस्टिन ट्रूडो ने खालिस्तान समर्थक आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत का हाथ होने का आरोप लगाया था।

    भारत ने इसे मजबूती के साथ खारिज किया था। इस मामले को लेकर दोनों देशों में कूटनीतिक तनाव इस हद तक बढ़ गया था कि एक-दूसरे के कई राजनयिकों को निष्कासित कर दिया गया था।