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    'जब माओवादी हिंसा चरम पर थी, तब संविधान दिखाने वालों के हाथ कांप रहे थे', पीएम मोदी ने कांग्रेस पर साधा निशाना

    Updated: Mon, 22 Jun 2026 11:40 PM (IST)

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने माओवादी हिंसा को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला, कहा कि संविधान दिखाने वालों के हाथ तब कांप रहे थे। ...और पढ़ें

    पीएम मोदी ने माओवादी हिंसा को लेकर कांग्रेस पर साधा निशाना (फोटो-पीटीआई)

    पीएम मोदी ने माओवादी हिंसा को लेकर कांग्रेस पर साधा निशाना (फोटो-पीटीआई)

    HighLights

    1. पीएम मोदी ने माओवादी हिंसा पर कांग्रेस की पिछली सरकारों को घेरा।

    2. आकांक्षी जिलों ने माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में विकास की राह खोली।

    3. 2014 के बाद माओवाद देश में अंतिम सांसें गिन रहा है।

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को देश में दशकों से जारी माओवादी हिंसा को लेकर कांग्रेस, खासकर राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला और कहा कि जो लोग अब संविधान दिखा रहे हैं, तब उनके हाथ कांप रहे थे।

    पीएम ने कहा कि भारत न केवल तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है, बल्कि एक विश्वसनीय व भरोसेमंद वैश्विक शक्ति भी है। देश अगले 1,000 वर्षों का भविष्य गढ़ रहा है।

    पीएम मोदी ने कांग्रेस पर साधा निशाना

    पीएम मोदी ने रिपब्लिक समिट, 2026 को संबोधित करते हुए कहा कि पिछली कांग्रेस सरकारों ने माओवाद-प्रभावित इलाकों को पिछड़ा क्षेत्र करार दिया था, लेकिन राजग सरकार ने उन इलाकों को बदलने की चुनौती स्वीकार की, वहां के लोगों को निराशा से बाहर निकलने में मदद की और उनमें तरक्की की उम्मीदें जगाईं।

    इस नए नजरिये को दर्शाते हुए उनकी सरकार ने उन इलाकों के नाम बदलकर आकांक्षी जिले व आकांक्षी ब्लॉक कर दिया और आज ये आकांक्षी जिले व ब्लॉक उन क्षेत्रों के विकास को आगे बढ़ा रहे हैं।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि इन क्षेत्रों की आबादी का एक बड़ा हिस्सा गरीबी में जी रहा था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं, जिसमें आकांक्षी जिलों ने अहम भूमिका निभाई है। जो इलाके कभी माओवाद से प्रभावित थे, वहां अब विकास की नई किरणें दिखाई दे रही हैं।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी में भी उग्रवादियों ने आदिवासी इलाकों में कोई सुविधा स्थापित नहीं होने दी थी। सरकारी गाड़ी भी वहां से नहीं गुजर सकती थी क्योंकि उस पर गोलियां बरसा दी जाती थीं। सरकारें आईं और गईं, पीढ़ियां आईं और गईं, ऐसा लगा कि हिंसा का यह दुर्भाग्य ऐसे ही बना रहेगा।

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    पीएम मोदी ने कहा कि 2004 और 2014 के बीच माओवादी उग्रवाद के कारण 17,000 से अधिक हिंसक घटनाएं हुईं और लगभग 7,000 लोगों की जान चली गई।

    पीएम ने कहा कि 2014 के बाद हमारी सरकार ने स्थिति बदलने के लिए 'राष्ट्र प्रथम' के संकल्प के साथ कदम आगे बढ़ाए। आज, देश में माओवाद आखिरी सांसें गिन रहा है। यह इसलिए संभव हो पाया क्योंकि इसके लिए पूर्ण समर्पण की आवश्यकता थी।

    (समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

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