पीतल का बोधि वृक्ष, मधुबनी पेंटिंग से लेकर फिलिग्री क्लच पर्स तक...पीएम मोदी ने जी-7 में आए नेताओं को क्या-क्या दिया गिफ्ट?
PM Modi G7 Summit Gifts प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी7 शिखर सम्मेलन में अपनी सांस्कृतिक कूटनीति का प्रदर्शन करते हुए विभिन्न देशों के नेताओं को भारतीय हस्तशिल्प के अनमोल उपहार भेंट किए। उन्होंने कनाडा के प्रधानमंत्री को बोधि वृक्ष की मूर्ति गवर्नर जनरल को रजत फिलिग्री क्लच पर्स फ्रांस के राष्ट्रपति को डोकरा नंदी मूर्ति और जर्मनी के चांसलर को कोणार्क सूर्य मंदिर के पहिए की प्रतिकृति भेंट की।

एएनआई, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कनाडा में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान अपनी सांस्कृतिक कूटनीति से एक बार फिर विश्व मंच पर भारत की समृद्ध कला और परंपराओं का लोहा मनवाया।
इस अवसर पर उन्होंने कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों और शीर्ष नेताओं को भारत के पारंपरिक हस्तशिल्प से बने अनमोल उपहार भेंट किए, जो न केवल कारीगरी का उत्कृष्ट नमूना हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति और दर्शन का प्रतीक भी हैं।
कनाडा के नेताओं को बिहार और ओडिशा की कला
PM मोदी ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी को बिहार की पीतल का बोधि वृक्ष की मूर्ति भेंट की। बोधगया में बुद्ध की ज्ञान प्राप्ति के प्रतीक इस बोधि वृक्ष को स्थानीय कारीगरों ने बारीक नक्काशी के साथ तैयार किया है, जो शांति और आध्यात्मिकता का संदेश देता है। वहीं, कनाडा की गवर्नर जनरल मैरी साइमन को ओडिशा के कटक से तारकसी कला से बनी रजत फिलिग्री क्लच पर्स उपहार में दी गई। यह 500 साल पुरानी कला मुगल और मंदिर कला से प्रेरित है।
अल्बर्टा की प्रीमियर डेनिएल स्मिथ को राजस्थान का इबोनी लकड़ी का जालीदार बॉक्स भेंट किया गया। इसमें रजत नक्काशी और मोर की रंगीन चित्रकारी है। वहीं अल्बर्टा की लेफ्टिनेंट गवर्नर सलमा लखानी को जम्मू-कश्मीर का पेपर मैच बॉक्स उपहार में दिया गया। इसमें सोने की पत्ती से सजावट और चिनार पत्तियों के डिजाइन हैं।
फ्रांस और जर्मनी को भारतीय कला का तोहफा
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को तमिलनाडु की डोकरा नंदी मूर्ति भेंट की गई। यह प्राचीन लॉस्ट-वैक्स तकनीक से बनी मूर्ति शिव के वाहन नंदी को दर्शाता है, जिसमें जटिल जालीदार डिजाइन और लाल सैंडल की सजावट शामिल है। जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज को ओडिशा के कोणार्क सूर्य मंदिर के पहिए की बलुआ पत्थर की प्रतिकृति दी गई। यह 13वीं सदी का प्रतीक समय, ब्रह्मांड और कला का अनूठा संगम है।
ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका को अनूठे उपहार
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज को महाराष्ट्र के कोल्हापुर का रजत पात्र भेंट किया गया, जिसमें फूलों और पैंसली की नक्काशी है। ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा को मेघालय का बांस और केन से बना हंस की मूर्ति वाला नौका मॉडल दिया गया, जो पर्यावरण और संस्कृति का प्रतीक है। दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा को छत्तीसगढ़ का पीतल का डोकरा घोड़ा भेंट किया गया, जो शक्ति और भक्ति का प्रतीक है।
दक्षिण कोरिया और मेक्सिको को पारंपरिक चित्रकला
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग को बिहार की मधुबनी पेंटिंग दी गई, जिसमें प्राकृतिक रंगों और पौराणिक कहानियों से सजे चित्र हैं। मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम पार्डो को महाराष्ट्र की वारली पेंटिंग भेंट की गई, जो आदिवासी जीवन, नृत्य और प्रकृति को साधारण आकृतियों में दर्शाता है।
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