तमिल गीतकार आर. वैरामुथु 60वें ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित
प्रख्यात तमिल कवि और गीतकार आर. वैरामुथु को नई दिल्ली में 60वां ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान किया गया। यह सम्मान उन्हें पूर्व केंद्रीय मंत्री कर्ण सिंह ने ...और पढ़ें
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HighLights
आर. वैरामुथु को 60वां ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान किया गया।
वह तीसरे तमिल साहित्यकार और पहले तमिल कवि बने।
सम्मान में 11 लाख रुपये और वाग्देवी की प्रतिमा शामिल।
पीटीआई, नई दिल्ली। प्रख्यात तमिल कवि, साहित्यकार और गीतकार आर. वैरामुथु को सोमवार को 60वां ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान किया गया। भारत के सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान से उन्हें राजधानी दिल्ली में आयोजित समारोह में पूर्व केंद्रीय मंत्री कर्ण सिंह ने सम्मानित किया।
यह समारोह वैरामुथु की जन्मतिथि के अवसर पर आयोजित हुआ। सम्मान के तहत उन्हें 11 लाख रुपये की पुरस्कार राशि, वाग्देवी (मां सरस्वती) की कांस्य प्रतिमा और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। इस अवसर पर वैरामुथु ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि तमिल भाषा और भारतीय साहित्य जगत का भी गौरव है।
उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार उन्हें नए उत्साह के साथ साहित्य सृजन के लिए प्रेरित करेगा। इस सम्मान के साथ वैरामुथु ज्ञानपीठ पुरस्कार पाने वाले तीसरे तमिल साहित्यकार और पहले तमिल कवि बन गए हैं। उनकी रचनाओं में कविता, उपन्यास, निबंध और फिल्मी गीत शामिल हैं।
उनके उपन्यास कल्लिक्कट्टु इथिहासम को 2003 में साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला था। उन्हें सर्वश्रेष्ठ गीतकार के लिए सात राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, पद्मश्री और पद्मभूषण से भी सम्मानित किया जा चुका है।
नई दिल्ली में सोमवार को तमिल गीतकार आर. वैरामुथु (बाएं से दूसरे) को ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान करते (दाएं से) भारतीय ज्ञानपीठ के महाप्रबंधक आर एन तिवारी, पूर्व केंद्रीय मंत्री कर्ण सिंह और भारतीय ज्ञानपीठ चयन समिति की प्रमुख प्रतिभा रे।