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    राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: आस्था पर उठते सवाल, CBI जांच की मांग

    Updated: Mon, 22 Jun 2026 11:03 PM (IST)

    अयोध्या के राम मंदिर दान में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में सीबीआई के नेतृत्व में सम ...और पढ़ें

    राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में CBI जांच की मांग। (फाइल)

    राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में CBI जांच की मांग। (फाइल)

    HighLights

    1. राम मंदिर दान में वित्तीय अनियमितताओं का आरोप।

    2. सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका।

    3. भक्तों की आस्था और संघर्ष से जुड़ा गंभीर मामला।

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अयोध्या के भव्य राम मंदिर के लिए आए दान में कथित वित्तीय अनियमितताओं और हेराफेरी के आरोपों ने करोड़ों भक्तों के दिलों को झकझोर कर रख दिया है। अब यह गंभीर मामला देश की सबसे बड़ी अदालत, सुप्रीम कोर्ट की चौखट पर पहुंच चुका है।

    सोमवार को दो वकीलों - अजय कुमार राय और दिनेश कुमार यादव द्वारा दायर एक जनहित याचिका में इस पूरे मामले की एफआईआर दर्ज कर सीबीआई के नेतृत्व वाले विशेष जांच दल (SIT) से समयबद्ध जांच कराने की मांग की गई है।

    करोड़ों भक्तों की भावनाएं व निष्पक्ष जांच की गुहार

    याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह मामला सिर्फ पैसों की हेराफेरी का नहीं है, बल्कि यह उन पीढ़ियों के संघर्ष, आस्था और भावनाओं से जुड़ा है जिन्होंने अयोध्या के गौरव को वापस लाने के लिए लंबा इंतजार किया।

    याचिका में केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' को निर्देश देने की मांग की गई है कि वे चढ़ावे की राशि की सुरक्षा और श्रद्धालुओं का भरोसा बनाए रखने के लिए एक मजबूत आडिट और नियामक तंत्र स्थापित करें।

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    प्रशासनिक एसआईटी बनाम पेशेवर वित्तीय जांच

    गौरतलब है कि मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को एक तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था, जिसमें लखनऊ के आयुक्त विजय विश्वास पंत, आइजी किरण एस. और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं। हालांकि, याचिका में तर्क दिया गया है कि इस एसआईटी ने बिना किसी एफआईआर या आपराधिक मामला दर्ज किए जांच शुरू की है।

    प्रशासनिक अधिकारियों की इस प्रारंभिक जांच के मुकाबले एक एकीकृत, पेशेवर और विशेषज्ञ एजेंसी जैसे सीबीआई द्वारा की गई जांच जनता में अधिक विश्वास पैदा करेगी। याचिका के अनुसार, इतने जटिल वित्तीय और आपराधिक मामले की स्वतंत्र पुष्टि होना बेहद जरूरी है ताकि देश-विदेश के अनगिनत श्रद्धालुओं की अटूट आस्था को ठेस न पहुंचे।

    (समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)