क्या होती है मिस-सेलिंग? जिसपर RBI ला रहा है नया नियम; जुलाई से होगा लागू
भारतीय रिजर्व बैंक जुलाई से बैंकों द्वारा थर्ड पार्टी उत्पादों की मिस-सेलिंग रोकने के लिए नए नियम ला रहा है। ग्राहकों को भ्रामक जानकारी देने पर बैंक क ...और पढ़ें

जुलाई से बैंकों पर मिस-सेलिंग के नए नियम लागू होंगे
राजीव कुमार, नई दिल्ली। म्युचुअल फंड, इंश्योरेंस जैसे थर्ड पार्टी उत्पाद को ग्राहकों को भ्रामक जानकारी देकर बेचना अब बैंकों को भारी पड़ सकता है। मिस-सेलिंग को लेकर लगातार शिकायत मिलने पर आरबीआई बैंकों के लिए नया नियम लाने जा रहा है।
आरबीआई का नया नियम आगामी जुलाई से लागू हो सकता है। नए नियम को लेकर आरबीआई की तरफ से जारी मसौदे के मुताबिक अगर ग्राहकों को लगता है कि उसे गुमराह करके या भ्रामक जानकारी देकर बैंक ने उत्पाद की बिक्री की है तो वह उसकी शिकायत कर सकता हैं।
मिस-सेलिंग पर RBI का नया नियम
ग्राहकों की शिकायत प्राप्त करने के लिए सभी बैंक मैकेनिज्म बनाएंगे और ग्राहकों को शिकायत के लिए एक समय सीमा दी जाएगी। अगर समय सीमा नहीं दी गई है तो ग्राहक उत्पाद के खरीदने के अधिकतम 30 दिन के अंदर अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे।
आरबीआई के मसौदे के मुताबिक मिस-सेलिंग को लेकर अगर ग्राहक की शिकायत सही पाई जाती है तो बैंक ग्राहक को पूरा पैसा वापस करेगा और उत्पाद को रद करने की सूचना ग्राहक को देगा। अगर ग्राहक को उस खरीदारी से किसी प्रकार का नुकसान हुआ है तो उसका भुगतान भी बैंक करेगा।
30 दिन के अंदर फीडबैक
बैंक यह भी सुनिश्चित करेगा कि इस प्रकार की मिस-सेलिंग पर बैंक के कर्मचारियों को किसी प्रकार का कोई इंसेटिव नहीं दिया जाए। बैंक अपने किसी उत्पाद के साथ थर्ड पार्टी के उत्पाद को नहीं जोड़ेगा। थर्ड पार्टी उत्पाद की बिक्री के बाद बैंक ग्राहकों से 30 दिनों के भीतर फीडबैक भी लेगा कि ग्राहक उस उत्पाद से कितना संतुष्ट है। इस फीडबैक के आधार पर छमाही रूप से एक रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
बैंकों में किसी अन्य के वित्तीय उत्पाद को बेचने का चलन है। बैंकों को इस बिक्री पर कमीशन या फीस का भुगतान मिलता है। पिछले पांच सालों के दौरान बैंकों को थर्ड पार्टी वित्तीय उत्पादों को बेचने से मिलने वाले कमीशन की राशि में लगातार बढ़ोतरी हुई है।
मिस-सेलिंग पर सरकार सख्त
वित्त वर्ष 2024-25 में देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने इस प्रकार की बिक्री से कमीशन के रूप में 4522 करोड़ रुपए की कमाई की थी जो वित्त वर्ष 2023-24 के मुकाबले 652 करोड़ रुपए अधिक है। अभी बैंकों में लोन लेने के दौरान थर्ड पार्टी उत्पाद बेचने की पेशकश की जाती है।
छोटे शहरों के कम जानकार जमाकर्ताओं को थर्ड पार्टी उत्पाद से अधिक लाभ मिलने की बात बताकर उन्हें इसकी बिक्री कर दी जाती है।
हाल ही में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी मिस-सेलिंग को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा था कि बैंक को अपने मुख्य काम (जमा लेना और उधार देना) पर ध्यान देना चाहिए।
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