भारतीयों को मिडिल ईस्ट से कैसे निकाल रही सरकार, जयशंकर ने राज्यसभा में बताया इंडिया का सेफ प्लान
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राज्यसभा में वेस्ट एशिया के तनाव पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भारत सभी मुद्दों के समाधान के लिए बातचीत का समर्थन करता है। ...और पढ़ें
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राज्यसभा में वेस्ट एशिया में जारी तनाव पर चिंता व्यक्त की है। जयशंकर ने बताया कि भारत ने हिंद महासागर में फंसे एक ईरानी जहाज को शरण भी दी है।
एस जयशंकर ने अपने बयान में बताया कि मिडिल ईस्ट में फंस भारतीयों को आर्मेनिया के रास्ते से निकाला जा रहा है। इनके लिए स्पेशल विदेश मंत्री ने आगे कहा, 'खाड़ी में फंसे भारतीयों की सुरक्षा की हमारी प्राथमिकता है।'
ईरान के जहाज को दी शरण
विदेश मंत्री ने सदन में बताया, 'मैंने ईरान के विदेश मंत्री से 28 फरवरी और 5 मार्च को बात की है. ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि उनके तीन जहाज हिंद महासागर में थे। हमने ईरान के निवेदन पर एक जहाज को शरण दी। इसके लिए ईरान ने धन्यवाद भी कहा है।
विदेश मंत्री ने आगे कहा, 'ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए हम सतर्क हैं। विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि भारत शांति के समर्थन में है। हम नागरिकों की सुरक्षा के पक्ष में हैं।'
ईरान में हाई-अलर्ट पर भारतीय दूतावास
केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'भारतीय दूतावास ने तेहरान में कई भारतीय छात्रों को बाहर की जगहों पर शिफ्ट करने में मदद की है। ईरान में बिजनेस के सिलसिले में गए भारतीय नागरिकों को आर्मेनिया से भारत लौटने में मदद की गई है।'
जयशंकर ने कहा, 'तेहरान में हमारा दूतावास पूरी तरह चालू है और हाई अलर्ट पर है। हम इस समय भारतीय समुदाय की मदद करने के लिए तैयार हैं।'
खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों की चिंता
विदेश मंत्री ने कहा, 'प्रधानमंत्री इस डेवलपमेंट पर करीब से नजर रख रहे हैं। बातचीत और डिप्लोमेसी ही इसका एकमात्र हल है। हमारा मानना है कि तनाव कम करने के लिए बातचीत और डिप्लोमेसी को आगे बढ़ाना चाहिए।'
एस जयशंकर ने आगे कहा, 'हम चाहते हैं कि वेस्ट एशिया स्थिर रहे। लाखों भारतीय खाड़ी देशों में हैं। हमें उनकी चिंता है।' विदेश मंत्री ने बताया कि भारत शांति के पक्ष में है।
विदेश मंत्री ने बताया, 'गल्फ रीजन में एक करोड़ भारतीय रहते हैं और इनकी सुरक्षा को लेकर सीसीएस की बैठक में भी चिंता जताई गई।'
मिडिल ईस्ट में तनाव पर बोले विदेश मंत्री
एस जयशंकर ने कहा, 'जब से विवाद शुरू हुआ है, सरकार लगातार वेस्ट एशिया के हालात का अंदाजा लगा रही है। हम मिडिल ईस्ट में इस तनाव से प्रभावित सभी देशों के संपर्क में हैं।'
विदेश मंत्री ने इस युद्ध में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए बताया, 'हमने जनवरी में ही अपने नागरिकों को आगाह किया था और कहा था कि जितनी जल्दी हो, स्वदेश लौट आएं। हमारे दूतावास ने भी एडवाइजरी जारी की थी।'
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