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    ममता बनर्जी के लिए कांग्रेस से दोस्ती क्यों है जरूरी, लेकिन कैसे खत्म होगी रिश्तों में खटास? Inside Story

    Updated: Mon, 08 Jun 2026 01:00 AM (IST)

    दिल्ली में INDI गठबंधन की बैठक में 23 दल शामिल होंगे, लेकिन DMK और AAP ने दूरी बनाई है। ममता बनर्जी की पहल पर हो रही इस बैठक में कांग्रेस से उनके रिश् ...और पढ़ें

    ममता बनर्जी के लिए कांग्रेस से दोस्ती क्यों है जरूरी। (फाइल)

    ममता बनर्जी के लिए कांग्रेस से दोस्ती क्यों है जरूरी। (फाइल)

    HighLights

    1. दिल्ली में INDIA गठबंधन की अहम बैठक आज।

    2. DMK और AAP ने बैठक से बनाई दूरी।

    3. ममता बनर्जी को बसीरहाट उपचुनाव में कांग्रेस का साथ।

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। विपक्षी गठबंधन INDIA की सोमवार को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में अहम बैठक होने जा रही है।

    कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बताया कि इस बैठक में 23 राजनीतिक दल शामिल होने के लिए तैयार हैं। हालांकि कुछ दल अपने-अपने कारणों से बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे, लेकिन उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार की नीतियों का विरोध जारी रखने की बात कही है।

    जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियां लोकतांत्रिक संस्थाओं और संविधान को कमजोर कर रही हैं। उन्होंने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी, निवेश माहौल और विदेश नीति जैसे मुद्दों पर भी सरकार सवालों के घेरे में है। उन्होंने कहा कि 'भारत की तरह INDI गठबंधन भी अपनी विविधता में एकजुट है।'

    DMK और AAP की दूरी ने बढ़ाई चर्चा

    इस बैठक से तमिलनाडु की डीएमके और दिल्ली की आम आदमी पार्टी दूरी बनाए हुए हैं। डीएमके ने कांग्रेस से रिश्ते खराब होने के बाद अलग रास्ता अपना लिया है। दरअसल, कांग्रेस ने अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी TVK के साथ तमिलनाडु में हाथ मिला लिया था, जिसके बाद डीएमके नाराज हो गई।

    स्थिति इतनी तल्ख हो गई कि डीएमके ने संसद के दोनों सदनों में कांग्रेस से अलग बैठने की मांग तक कर दी, जिसे मंजूर भी कर लिया गया। वहीं अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली AAP भी इस बैठक में शामिल नहीं हो रही है।

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    ममता बनर्जी की पहल पर हो रही बैठक

    सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी की पहल पर आयोजित की जा रही है। ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी दोनों इसमें शामिल होंगे।

    राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी से मुकाबले के लिए ममता बनर्जी को कांग्रेस के सहयोग की जरूरत महसूस हो रही है। खासकर बसीरहाट लोकसभा सीट के उपचुनाव को लेकर कांग्रेस का समर्थन उनके लिए अहम माना जा रहा है।

    बसीरहाट सीट पर टिकी नजरें

    बसीरहाट लोकसभा सीट हाजी नुरुल इस्लाम के निधन के बाद खाली हुई है। यह वही सीट है जहां से 2019 में अभिनेत्री और टीएमसी नेता नुसरत जहां चुनाव जीती थीं। मुस्लिम बहुल इस सीट पर अल्पसंख्यक आबादी 55 प्रतिशत से अधिक है, ऐसे में कांग्रेस का समर्थन ममता बनर्जी के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

    सूत्रों का यह भी कहना है कि ममता बनर्जी फिलहाल किसी विधानसभा उपचुनाव में उतरने की इच्छुक नहीं हैं और उनकी नजर लोकसभा राजनीति पर ज्यादा है।

    कांग्रेस और तृणमूल के रिश्तों में ‘दोस्ती’ और ‘तनाव’ साथ-साथ

    हालांकि INDI गठबंधन में साथ होने के बावजूद कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के रिश्ते पूरी तरह सहज नहीं हैं। पश्चिम बंगाल में दोनों दल कई मौकों पर एक-दूसरे के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाते रहे हैं।

    इसी बीच तृणमूल सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने बैठक को लेकर कहा, "यह साझा उद्देश्य और स्पष्ट संकल्प के साथ होने वाली बैठक है। कई दल एकजुट INDI गठबंधन की भावना के साथ इसमें शामिल होने को उत्साहित हैं।"

    अब सबकी नजर सोमवार की बैठक पर टिकी है, जहां विपक्षी एकता के दावों के बीच अंदरूनी खींचतान भी खुलकर सामने आ सकती है।

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