ओडिशा में 1.5 फीट की छात्रा दे रही मैट्रिक परीक्षा, जन्म से ही सुनने और बोलने में है असमर्थ
ओडिशा के ढेंकानाल जिले के कामाख्यानगर ब्लॉक की 1.5 फीट लंबी छात्रा सुनीता नायक अपनी शारीरिक चुनौतियों के बावजूद मैट्रिक परीक्षा दे रही हैं। जन्म से ही ...और पढ़ें

मां की गोद में मैट्रिक छात्रा सुनीता। (जागरण)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। दृढ़ संकल्प और साहस की मिसाल पेश करते हुए ओडिशा के ढेंकानाल जिले के कमाख्यानगर ब्लॉक की एक कक्षा 10 की छात्रा ने असाधारण परिस्थितियों में मैट्रिक परीक्षा देकर सबका ध्यान खींचा है।
महुलपाल पंचायत के अंतर्गत निगमानंद हाई स्कूल की छात्रा सुनीता नायक को राज्य की सबसे छोटी मैट्रिक परीक्षार्थी माना जा रहा है, जिनकी लंबाई मात्र डेढ़ फीट है।
पहली नजर में परीक्षा केंद्र के बाहर का दृश्य ऐसा लगता है मानो कोई मां अपने छोटे बच्चे को गोद में लिए हो। लेकिन सच्चाई चौंकाने वाली और प्रेरणादायक है—उसकी गोद में बैठी बच्ची वास्तव में मैट्रिक परीक्षा देने आई परीक्षार्थी है। इस वर्ष सुनीता कानपुर स्थित पंचायतिराज हाई स्कूल में कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा दे रही हैं।
शारीरिक चुनौतियों को शिक्षा के रास्ते में कभी आड़े नहीं आने दिया
सुनने और बोलने में असमर्थता के साथ जन्मी सुनीता ने कभी भी अपनी शारीरिक चुनौतियों को शिक्षा के आड़े नहीं आने दिया। बोल और सुन न पाने के बावजूद उन्हें पढ़ाई से गहरा लगाव है। वे इशारों के माध्यम से संवाद करती हैं और संकेतों से अपने उत्तर व्यक्त करती हैं।
परीक्षा के हर दिन सुनीता की मां उन्हें गोद में उठाकर परीक्षा केंद्र तक लाती हैं। केंद्र पहुंचने के बाद कक्षा 9 में पढ़ने वाला एक रिश्तेदार, सुनीता के इशारों के आधार पर उत्तर पुस्तिका में जवाब लिखता है। सामान्य विज्ञान की परीक्षा वाले दिन भी उनकी मां उन्हें स्कूल लेकर पहुंचीं और परीक्षा के बाद गोद में उठाकर घर लौटाईं।
संघर्ष और जज्बे की मिसाल
सुनीता की मां संजू नायक ने कहा, “मेरे पति का करीब 12 साल पहले निधन हो गया था। मैं बचपन से ही उसे परीक्षा केंद्र तक गोद में लेकर जाती आ रही हूं। वह इशारों से जवाब बताती है और मेरा भतीजा लेखक (स्क्राइब) के रूप में मदद करता है।”
सुनीता के स्क्राइब प्रताप नायक ने कहा, “वह मेरी बहन है। वह मुझे संकेत देती है और मैं लिख देता हूं। परीक्षा अच्छी जा रही है।”
मैट्रिक परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद सुनीता उच्च शिक्षा प्राप्त करने का सपना देखती हैं। उनकी दृढ़ता और लगन को लेकर उनके शिक्षक और सहपाठी गर्व और खुशी व्यक्त कर रहे हैं।
यह भी पढ़ें- ओडिशा के सोनपुर कॉलेज के छात्र 100 में 105 अंक देख चौंके छात्र, परिणाम की गड़बड़ी से भविष्य पर संकट


-1772053359418_v.webp)
-1772044628149_v.webp)





कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।